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क्या गंगा में डूबने वाले पांच लड़कों की मौत की वजह टिकटॉक था?

देश में पहले ही कोरोना की वजह से ग़मगीन माहौल है. ऐसे में बनारस से एक और दुखद खबर आई है. पांच लड़के शुक्रवार सुबह को गंगा नदी में डूब गए. पांचों लड़कों की उम्र 14 से 18 वर्ष के बीच है.

इनके नाम बताए गए हैं – तौसीफ़ (19), फरदीन (14), सैफ (15), रिज़वान (15) और लकी (14). इन सभी लड़कों में गहरी दोस्ती थी. ये रामनगर के वारी-गढ़ही और सिवान इलाकों से थे. रामनगर नगरपालिका अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि लड़के घर पर बिना बताए गंगा नहाने आए थे. यह घटना सिपहिया घाट पर हुई.

क्या टिकटॉक वीडियो बनाते हुए हादसा हुआ?

शुरुआती रिपोर्ट आईं कि लड़के टिकटॉक के वीडियो बना रहे थे. ऐसा करते हुए उनमें से एक फिसलकर पानी में गिर गया. बाकी चारों उसको बचाने की कोशिश करते हुए डूब गए. वहीं के एक लोकल व्यक्ति मेराज ने बताया कि ये सभी लड़के टिकटॉक वीडियो बनाने का शौक रखते थे और वे गंगा घाट जाकर वीडियो बनाने लगे. वीडियो बनाते-बनाते सभी गंगा में नहाने चले गए और यह हादसा हो गया.

हालांकि सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) के दफ्तर के जनसंपर्क अधिकारी संजय त्रिपाठी ने इस बात से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि लड़के गहरे पानी की तरफ चले गए और डूब गए. मृतकों में से एक के भाई मेहताब ने भी इस बात को गलत बताया. कहा कि इन सभी लड़कों के पास मोबाइल तक नहीं है. ये सभी गंगा में नहाने गए थे.

कोतवाली के सर्किल इंचार्ज प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि एक सबसे छोटा लड़का नहाते वक़्त डूबने लगा, जिसको बचाने के लिए दूसरे लड़के गंगा में जाते गए, और सभी डूबने लगे. लॉकडाउन में गंगा स्नान की बात पर उनका कहना था कि लोगों को गंगा की ओर जाने में कोई रोक नहीं है.

‘लाइव हिंदुस्तान’ ने एक बच्चे ताहिर से बात की, जो इस घटना का चश्मदीद गवाह था. उसने बताया कि वे कुल मिलाकर सात लोग थे. उन्होंने पहले टिकटॉक वीडियो बनाने का सोचा था. लेकिन किसी कारण से वीडियो नहीं बना रहे थे, तो नहाने का विचार आया. पांंच लोग नहाने के लिए अंदर चले गए और उसे मिलाकर दो लोग किनारे बैठकर उनके कपड़ों को देख रहे थे.

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

लड़कों को बचाने के लिए कई गोताखोर पानी में कूदे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. पांचों के शवों को निकालकर रामनगर के लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे. लड़कों के परिवार वाले बहुत गरीब हैं. साड़ी की बुनाई का काम करते हैं. ये लड़के पढ़ाई के अलावा अपने घर के काम में भी हाथ बंटाते थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुःख जताया है. वरिष्ठ अधिकारियों को मृतकों के परिवार वालों को राहत पहुंचाने के लिए कहा गया है.


वीडियो देखें: कोरोना सफ़र: राजस्थान के रास्ते में ये कौन लोग खाना बांट रहे हैं?

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