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28 दिन क्वारंटीन में रहे, कोरोना टेस्ट नेगेटिव, फिर भी तबलीगी जमात के 3000 लोग रिहा नहीं

दिल्ली में तबलीगी जमात के 3000 से अधिक लोग अभी भी क्वारंटीन में हैं. वो क्वारंटीन में 28 दिन से ज्यादा बिता चुके हैं. उनके कोरोना वायरस टेस्ट भी नेगेटिव आए हैं. इसके बाद भी उन्हें रिलीज़ नहीं किया जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, तय टाइम लिमिट के बाद भी इन लोगों को क्वारंटीन में रखने को लेकर कोई वजह नहीं बताई गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय, दिल्ली ने इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय को दो बार चिट्ठी लिख चुका है. 17 अप्रैल और 3 मई को. चिट्टी में लिखा है कि इनके रिलीज़ को लेकर क्या निर्देश और प्रोटोकॉल हैं. इन सभी के कोरोना टेस्ट नेगेटिव आए हैं और ये सभी 28 दिन से ज्यादा क्वारंटीन में रहे हैं.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने 7 मई को मीडिया से बात करते हुए कहा,

3 मई तक लॉकडाउन रहने के कारण तबलीगी जमात के लोगों को क्वारंटीन में वक्त बिताने के बाद भी रिलीज़ नहीं किया जा सका. पुलिस को अगर किसी के खिलाफ कारवाई करनी है तो वह ऐसा करने के लिए आज़ाद हैं. लेकिन जो लोग क्वारंटीन में समय बिता चुके हैं और जिनके कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आए हैं, उन्हें रिलीज़ किया जाना चाहिए.

क्वारंटीन में उचित वक्त बिताने के बाद भी उन्हें जाने से क्यों रोका गया? इस पर सत्येन्द्र ने कहा कि यह लॉकडाउन के कारण था. 3 मई तक पूर्ण रूप से लॉकडाउन था. सभी तरह के मूवमेंट पर रोक लगी हुई थी. अब फंसे हुए लोगों को शिफ्ट किया जा सकता है.

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मार्च में तबलीगी जमात ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था. इस कार्यक्रम में हज़ारों लोग शामिल हुए थे. स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना वायरस के प्रसार के लिए जमात को दोषी ठहराया है. इस संबंध में दिल्ली समेत कई और शहरों में एफआईआर दर्ज किये गये हैं. तबलीगी जमात के जो सदस्य आयोजन में शामिल होने के लिए विदेश से आए थे, उन्हें वीजा के नियमों के उल्लंघन को लेकर बुक किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और यहां धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए.

सत्येन्द्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार दूसरे प्रदेशों में क्वारंटीन किए गए तबलीगी जमात के लोगों के बारे में पता किया, तो पता चला कि 7 मई तक किसी को भी रिलीज नहीं किया गया है.

दिल्ली की स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंघला ने गृह मंत्रालय को लिखे चिट्ठी में बताया है कि प्रशासन के लिए इन लोगों को समझाना मुश्किल होता जा रहा है कि इन्हें इतने दिनों से क्वारंटीन में क्यों रखा गया है. वो भी रमज़ान के महीने में.

सिंघला ने चिट्टी में लिखा है-

डिपार्टमेंट को कई प्रदेशों से इन लोगों की रिहाई के लिए रिक्वेस्ट आ रही हैं. हमें इसको लेकर कोई ऑर्डर नहीं मिले हैं. मंत्रालय ने पहले आर्डर दिए थे कि जो लोग विदेश से लौटे हैं और क्वारंटीन का वक्त पूरा कर चुके हैं, उहें रिलीज किया जाए. ऐसे में आपसे गुजारिश है कि ऐसे ही निर्देश/प्रोटोकॉल इन लोगों के लिए भी जारी किए जाएं.

यह साफ़ नहीं है कि दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने तबलीगी जमात के लोगों की रिहाई को लेकर स्पेसिफिक प्रोटोकॉल क्यों मांगा. इस मामले पर पूछे गए सवालों पर सिंघला ने कोई जवाब नहीं दिया.

क्वारंटाइन सेंटर में 3,013 लोग हैं. इसमें 567 विदेशी और 2,446 भारतीय नागरिक हैं. भारतीय नागरिकों में 191 लोग दिल्ली के हैं. गृह मंत्रालय ने अभी तक दिल्ली सरकार की चिट्ठी पर कोई जवाब नहीं दिए हैं.


विडियो- तकरीर के नाम पर जाहिलियत परोस रहे तबलीगी जमात के मौलाना साद

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