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पड़ताल: क्या वायरल वीडियो तेलिनीपारा सांप्रदायिक हिंसा में तबाह हुए परिवारों का है?

दावा

रोते हुए बच्चों और बिखरे सामान के साथ खड़े लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसे दिखाकर दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के तेलिनीपारा में 300 मुस्लिमों का घर जलाकर राख कर दिया गया.

Amzad Ansari नामक फ़ेसबुक पेज ने वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,

दुःखद घटना असामाजिक तत्वों ने पश्चिम बंगाल के 300 मुस्लिम घरों को जलाकर राख कर दिया,

यह घटना सुबह 7 बजे मंगलवार को पश्चिम बंगाल के तेलनीपारा जिले में हुई,

हिन्दू मुस्लिम नफ़रत की वजह से जलता हुआ भारत कब तक ऐसा होता रहेगा😢

#Islamophobia_In_India #Islamophobia #StopTargetingMuslim

दुःखद घटना असामाजिक तत्वों ने पश्चिम बंगाल के 300 मुस्लिम घरों को जलाकर राख कर दिया,दुःखद घटना असामाजिक तत्वों ने पश्चिम बंगाल के 300 मुस्लिम घरों को जलाकर राख कर दिया,

यह घटना सुबह 7 बजे मंगलवार को पश्चिम बंगाल के तेलनीपारा जिले में हुई,

हिन्दू मुस्लिम नफ़रत की वजह से जलता हुआ भारत कब तक ऐसा होता रहेगा😢

#Islamophobia_In_India #Islamophobia #StopTargetingMuslim

Posted by Amzad Ansari on Wednesday, 13 May 2020

इस वीडियो को सात हज़ार से अधिक बार शेयर किया जा चुका है. और भी कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो को इसी दावे के साथ पोस्ट किया है.

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल वीडियो और साथ में किए जा रहे दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा झूठा निकला.

हमने वायरल वीडियो के एक फ़्रेम को रिवर्स इमेज से सर्च किया. हमें Rohingya National News नामक फ़ेसबुक पेज पर 12 मई, 2020 को अपलोड हुए एक वीडियो का पता मिला. पूरा वीडियो 11:44 मिनट का है. वीडियो के साथ लगा कैप्शन अंग्रेज़ी में है, हम आपको उसका हिंदी अनुवाद पढ़वा देते हैं,

आज सुबह कुटुपलोंग रिफ़्यूज़ी कैम्प में भयानक आग लग गई.

“लगभग 312 शेल्टर पूरी तरह बर्बाद हो गए और 362 शेल्टर होम्स और छोटी दुकानों को नुकसान हुआ है” UNHCR

ERC (European Rohingya Council) को मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम 10 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.

ERC मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले रोहिंग्या वॉलंटियर्स का शुक्रिया अदा करता है.

ERC इस आग से प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है.

ERC, यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फ़ॉर रिफ़्यूज़ीज (UNHCR) और वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम (WFP) बांग्लादेश से विस्थापितों तक मदद पहुंचाने की अपील करता है.

The devastating fire has taken place in the Kutupalong refugee camps today in the morning.

“Reportedly 312 shelters were completely destroyed, and 362 more partially damaged, as well as small shops” UNHCR

ERC has learned that at least 10 victims have been taken to the hospital for the treatments.

ERC thanks the Rohingya volunteers who are first responders in the sense.

ERC is trying to reach out those affected by the fire.

ERC also urges UNHCH & WFP Bangladesh for the emergency response to the displaced.

Posted by Rohingya National News – RNN on Tuesday, 12 May 2020

इस फ़ेसबुक वीडियो में 10:30 मिनट के मार्क पर वो हिस्सा देख सकते हैं, जिसे अब पश्चिम बंगाल का बताकर वायरल किया जा रहा है.

हमने ERC का ट्विटर अकाउंट चेक किया. 12 मई को ERC ने UNHCR in Bangladesh के ट्वीट को क़ोट-ट्वीट (आर्काइव लिंक) कर रिफ़्यूजी कैंप में मदद पहुंचाने वाली संस्थाओं को शुक्रिया कहा था.

हमने और सर्च किया तो पता चला कुटुपलोंग रिफ़्यूजी कैंप बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार इलाके में है. इसमें रहनेवाले अधिकतर लोग म्यांमार से भागे हुए रोहिंग्या मुसलमान हैं. 12 मई को इस कैंप में आग लगने की घटना को न्यूज़ 18, एएफ़पी, चैनल न्यूज़ एशिया जैसे मीडिया संस्थानों ने भी कवर किया था.

तेलिनीपारा में एक व्यक्ति को ‘कोरोना’ कहकर संबोधित किए जाने के बाद से दो समुदायों में हिंसा भड़क गई थी. 14 मई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा के लिए 129 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. साथ ही, 17 मई की शाम तक इंटरनेट बंद कर दिया गया था और इलाक़े में धारा 144 लगा दी गई थी. पुलिस ने स्थिति को काबू में बताया था. तेलिनीपारा ख़ुद में एक जिला नहीं है, बल्कि हुगली जिले का हिस्सा है.

नतीजा

पश्चिम बंगाल के तेलिनीपारा में 300 मुस्लिमों के घर जलाए जाने का दावा करने वाला वीडियो असल में बांग्लादेश का है. 12 मई को कॉक्स बाज़ार के कुटुपलोंग रिफ़्यूज़ी कैंप में लगी आग में 312 शेल्टर जलकर ख़ाक हो गए थे. वायरल वीडियो का पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा से कोई संबंध नहीं है.

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तो हमें मेल करें- padtaalmail@gmail.com पर.
हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.

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पड़ताल: क्या वायरल वीडियो तेलिनीपारा सांप्रदायिक हिंसा में तबाह हुए परिवारों का है?
  • दावा

    बिलखते परिवारों का वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल के तेलिनीपारा में हुई सांप्रदायिक हिंसा का है.

  • नतीजा

    ये दावा ग़लत है. वायरल वीडियो बांग्लादेश के एक रोहिंग्या रिफ़्युजी कैंप का है. इसका पश्चिम बंगाल हिंसा से कोई संबंध नहीं है.

अगर आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो हमें भेजिए, padtaalmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करेंगे और आप तक पहुंचाएंगे सच.

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