Submit your post

Follow Us

पड़ताल: क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्वास्थ्य संगठन के चेयरमैन बनाए गए?

दावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक मेसेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस मेसेज में दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का नया चेयरमैन बनाया गया है.

फ़ेसबुक यूजर कट्टर हिंदू आकाश सिंह ने पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया,

ब्रेकिंग न्यूज़ मोदी जी बने WHO के चेयरमैन सभी राष्ट्रवादियों को बहुत बहुत.. बधाई व शुभकामनाएं!💐 जय श्री राम

ब्रेकिंग न्यूज़
मोदी जी बने WHO के चेयरमैन सभी राष्ट्रवादियों को बहुत बहुत..
बधाई व शुभकामनाएं!💐
जय श्री राम

Posted by कट्टर हिन्दू आकाश सिंह on Monday, 18 May 2020

ट्विटर यूजर @DrDinanathSingh ने ट्वीट (आर्काइव लिंक) किया,

आदरणीय पीएम नरेंद्र दामोदरदास मोदी तीन साल के लिए WHO एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन बनेंगे और वो WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड की पहली मीटिंग में 22 मई, 2020 को ये पद ग्रहण करेंगे. इस मौके की बहुत बधाइयां. भारत के नेतृत्व की विराट सफ़लता की कामना करें.

ये दावा मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर भी वायरल हो रहा है.

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की विस्तार से पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा झूठा निकला.

कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें 19 मई, 2020 की लाइव मिंट की एक रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) मिली. रिपोर्ट का टाइटल है,

India elected to WHO’s decision making Executive Board, to be the chair for 2020-21

(भारत को WHO की डिसिजन मेकिंग एग्जीक्यूटिव बोर्ड के लिए चुना गया, 2020-21 की अध्यक्षता मिल सकती है)

Livemint की रिपोर्ट.
Livemint की रिपोर्ट.

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अलावा 10 और देशों के WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल किया गया है. इसमें रूस, ब्रिटेन और साउथ कोरिया जैसे देश भी शामिल हैं.

20 मई को ‘इंडिया टुडे’ ने न्यूज़ एजेंसी PTI के हवाले से एक ख़बर पब्लिश की है. रिपोर्ट के मुताबिक़,भारत 2020-21 के सत्र में बोर्ड की अध्यक्षता संभालेगा. इससे पहले ये ज़िम्मेदारी जापान के पास थी. भारत की तरफ़ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन 22 मई, 2020 को WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर शपथ लेंगे. वो जापान के हिरोकी नाकातानी की जगह लेंगे.

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन के बारे में छपी इंडिया टुडे की रिपोर्ट.
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन के बारे में छपी इंडिया टुडे की रिपोर्ट.

हालांकि, इस बारे में WHO की तरफ़ से आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है. लेकिन, डॉ. हर्षवर्धन का इस पद पर चुना जाना तय माना जा रहा है. एग्ज़ीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन का पद औपचारिक है. ये रोटेशन के आधार पर एक मेंबर से दूसरे मेंबर के पास जाता रहता है.

हमने WHO के ऑफ़िशियल ट्विटर अकाउंट पर चेक किया. हमें 19 मई का एक ट्वीट मिला. इसमें 22 मई, 2020 को होने वाली बैठक के एजेंडे की जानकारी दी गई थी. 

ये WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड की 147वीं बैठक होगी. इस डॉक्यूमेंट में दर्ज पहला एजेंडा है –

चेयरमैन, वाइस चेयर्स और दूतों का चुनाव

आप नीचे पूरा डॉक्यूमेंट देख सकते हैं-

WHO के बेसिक डॉक्यूमेंट में संगठन का विस्तृत ब्योरा लिखा है. इसके चैप्टर 6 में एग्जीक्यूटिव बोर्ड के बारे में लिखा है. इसमें दर्ज मुख्य बातें हैं-

एग्जीक्यूटिव बोर्ड में कुल 34 सदस्य देश होंगे.

विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA) ज्योग्रॉफ़िकल डिस्ट्रीब्यूशन के आधार पर इन सदस्यों का चुनाव करेगा. हर एक देश की मेंबरशिप तीन साल के लिए होगी. उनको दोबारा भी इसके लिए चुना जा सकता है.

देश अपनी तरफ़ से हेल्थ एक्सपर्ट को बोर्ड का सदस्य बनाएंगे.

एग्जीक्यूटिव बोर्ड, वर्ल्ड हेल्थ एसेंबली के फ़ैसलों को लागू करवाने का काम करेगा.

हमने WHO की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर चेक किया. हमें पता चला कि WHA की 73 वीं बैठक 18-19 मई, 2020 के बीच वर्चुअल माध्यम के जरिए हुई. इसी बैठक में भारत समेत 10 देशों को एग्जीक्यूटिव बोर्ड की मेंबरशिप देने का ऐलान किया गया. WHA में कुल 194 सदस्य हैं.

WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के बारे में विस्तार से जानने के लिए ये पढ़ें –

हर्षवर्धन WHO के किस ग्रुप के अध्यक्ष बनने वाले हैं? एक साल तक निभाएंगे ये बड़ी जिम्मेदारी

हमें ऐसी कोई प्रामाणिक रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा WHO के चेयरमैन का पद मिलने की बात कही गई हो.

नतीजा

प्रधानमंत्री मोदी के WHO का चेयरमैन बनने का दावा पूरी तरह से झूठा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन बन सकते हैं. 18-19 मई को World Health Assembly (WHA) की 73वीं बैठक में भारत को एग्जीक्यूटिव बोर्ड की मेंबरशिप मिली थी. ये सदस्यता तीन साल के लिए है. 22 मई, 2020 को एग्जीक्यूटिव बोर्ड की 147वीं बैठक होगी. इसमें बोर्ड के चेयरमैन के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

चेयरमैन का पद एक साल के बाद किसी दूसरे सदस्य के पास हो जाएगा. इसलिए तीन साल तक चेयरमैन बनाए जाने का दावा भी झूठा है.

अगर आपको भी किसी ख़बर पर शक है
तो हमें मेल करें- padtaalmail@gmail.com पर.
हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.

कोरोना वायरस से जुड़ी हर बड़ी वायरल जानकारी की पड़ताल हम कर रहे हैं.
इस लिंक पर क्लिक करके जानिए वायरल दावों की सच्चाई.

पड़ताल: क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्वास्थ्य संगठन के चेयरमैन बनाए गए?
  • दावा

    पीएम मोदी WHO के चेयरमैन चुने गए.

  • नतीजा

    ये दावा झूठा है. पीएम मोदी WHO में किसी पद पर नहीं चुने गए हैं. डॉ. हर्षवर्धन को WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड का चेयरमैन बनाने की रिपोर्ट कई मीडिया संस्थानों ने पब्लिश की है. हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा 22 मई को हो सकती है.

अगर आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो हमें भेजिए, padtaalmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करेंगे और आप तक पहुंचाएंगे सच.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें