Submit your post

Follow Us

पड़ताल: अमेरिका के कोलंबिया में बसों पर लगी रही हैं आंबेडकर की तस्वीरें?

दावा

सोशल मीडिया पर बाबासाहब आंबेडकर से जुड़ी एक तस्वीर वायरल हो रही है. सोशल मीडिया यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि अमेरिका के कोलंबिया शहर में बसों पर आंबेडकर की फ़ोटो लगी हुई है.

लिखा जा रहा है कि अमेरिका आंबेडकर को इतना सम्मान दे रहा है और हम अपने देश में ही उन्हें सम्मान नहीं दे रहे हैं. हम आपको वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा हू-ब-हू पढ़ाते हैं-

“कोलंबिया (अमेरिका🇺🇸) की सड़कों पर दौड़ती सिटी बस पर बाबा साहब का चित्र यह असली सम्मान है, अमेरिका आज भी बाबा साहब को अपना आदर्श मानता है क्योंकि अमेरिका की अर्थव्यवस्था उसी पुस्तक पर आधारित है जिसे बाबा साहब ने ब्रिटिश काल में अपनी डाक्टर की डिग्री के लिए यिसिस के रूप में लिखा था ‘ द प्राब्लम आफ रुपी’ जिसके आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक की भी स्थापना हुई!
और हमारे यहाँ पर बाबा साहब की मूर्ति को तोडते हैं
सोचो अगर बाबा साहब ने इंग्लैंड तत्कालीन प्रधानमंत्री रैम्स मैग्डानोल्ड के अनुरोध पर इंग्लैंड की नागरिकता स्वीकार कर ली होती तो बहुजनों का क्या होता??”

फेसबुक यूज़र Shiv Sewak Mourya ने वायरल दावा शेयर करते हुए लिखा है-

“यह देखें अमेरिका और भारत में अंतर”

यह देखें अमेरिका और भारत में अंतर।

Posted by Shiv Sewak Mourya on Friday, 18 September 2020

(आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र Kiran Verma ने वायरल तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा-

“कोलंबिया (अमेरिका) की सड़कों पर दौड़ती सिटी बस पर बाबा साहब का चित्र यह असली सम्मान है, अमेरिका आज भी बाबा साहब को अपना आदर्श मानता है
किन्तु अपने यहां अधिकांश बहुजन भी बाबा साहब के मिशन से भटके हुए हैं.
जागरुक हों.
जय भीम”

(आर्काइव लिंक)
इसी तरह के बाकी दावे आप यहां और यहां भी देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक) (आर्काइव लिंक)

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. बस की शेयर की जा रही वायरल तस्वीर एडिट की गई है. असल तस्वीर इंग्लैंड की है और बस पर आंबेडकर की तस्वीर नहीं लगी है.

वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर विकिमीडिया कॉमन्स वेबसाइट पर बस की एक ऐसी ही तस्वीर मिली. इस बस की तस्वीर और बैकग्राउंड बाबासाहब आंबेडकर की वायरल तस्वीर से हूबहू मिलता है. वेबसाइट के मुताबिक, ये तस्वीर 2008 की है अमेरिका नहीं इंग्लैंड के बाथ शहर की है. (आर्काइव लिंक)

विकिमीडिया कॉमन्स और वायरल तस्वीर में समानता
विकिमीडिया कॉमन्स और वायरल तस्वीर में समानता

अमेरिका के कोलंबिया शहर से आंबेडकर का रिश्ता जुड़ा है. वे 1913 में पोस्ट ग्रेजुएट करने कोलंबिया यूनिवर्सिटी पहुंचे और 1916 तक वहां पढ़ाई करने के बाद लंदन चले गए. (आर्काइव लिंक)

कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें फॉर्वर्ड प्रेस वेबसाइट पर आंबेडकर वायरल तस्वीर का एक हिस्सा मिला. (आर्काइव लिंक)

पत्नी सुनीता के साथ बाबासाहब आंबेडकर.
पत्नी सुविताके साथ बाबासाहब आंबेडकर.

दोनों की तुलना पर तस्वीर ऐसी दिखती है.

इसी तस्वीर को बस पर लगाया गया है
तस्वीर के इसी हिस्से को बस पर लगाया गया है

नतीजा

हमारी पड़ताल में वायरल दावा ग़लत निकला. बाबासाहब आंबेडकर और उनकी पत्नी सविता की तस्वीर कोलंबिया, अमेरिका की बस पर नहीं लगी है. बस की जिस तस्वीर को एडिट किया गया है, वो इंग्लैंड के बाथ शहर की है.

पड़ताल अब वॉट्सऐप पर. वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.


पड़ताल: क्या कोरोना वायरस 5G रेडिएशन के कारण फैला है?

पड़ताल: अमेरिका के कोलंबिया में बसों पर लगी रही हैं आंबेडकर की तस्वीरें?
  • दावा

    अमेरिका के कोलंबिया शहर में बसों पर बाबा साहब आंबेडकर की तस्वीरें लगाई गयी हैं.

  • नतीजा

    बाबा साहब आंबेडकर की तस्वीर कोलंबिया की बस पर नहीं लगी है. बस की जो तस्वीर शेयर की जा रही है वो इंग्लैंड के बाथ शहर की है.

अगर आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो हमें भेजिए, padtaalmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करेंगे और आप तक पहुंचाएंगे सच.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें