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पड़ताल: क्या RSS सरसंघचालक ने कहा, 'कोरोना की वजह से धर्म में मेरी आस्था खत्म हो गई'?

दावा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत के नाम से एक कथित अख़बार की कटिंग मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर जमकर वायरल हो रही है. इस क्लिप के आधार पर दावा किया जा रहा है कि मोहन भागवत ने कोरोना की वजह से धर्म में अपनी आस्था खो दी है.

साथ ही, देश के सभी मंदिरों को हमेशा के लिए बंद करने की सलाह भी दी है. इस ख़बर की मानें तो उन्होंने पीएम मोदी के ताली बजाओ और दीया जलाओ अभियान की निंदा भी की.(आर्काइव लिंक

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ ने इस वायरल ख़बर की विस्तार से पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा पूरी तरह से फ़र्ज़ी निकला.

वायरल कटिंग में एक जगह लिखा है कि ‘आज कोरोना पीड़ितों की संख्या 25 हज़ार से ज़्यादा हो गई है’. हमने कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया तो पता चला कि भारत में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 26 अप्रैल, 2020 को 25 हज़ार की संख्या के पार पहुंची थी.

हमने आगे सर्च किया तो हमें इंडिया टुडे की 26 अप्रैल, 2020 की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) मिली. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के हवाले से लिखी गई रिपोर्ट के मुताबिक़, 26 अप्रैल को सरसंघचालक मोहन भागवत ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से संघ के स्वयंसेवकों को संबोधित किया था.

मोहन भागवत के संबोधन पर पीटीआई की रिपोर्ट.
मोहन भागवत के संबोधन पर पीटीआई की रिपोर्ट.

रिपोर्ट के अनुसार, इस संबोधन की मुख्य बातें थीं-

बिना भेदभाव के सबकी सहायता करें और देश को आत्म-निर्भर बनाएं

जिनको भी मदद की ज़रूरत है, उनको अपना मानकर मदद करें.

कुछ लोगों की वजह से पूरे समुदाय को दोषी नहीं माना जाना चाहिए.

स्वदेशी के इस्तेमाल पर जोर दें.

मोहन भागवत ने पालघर में हुई साधुओं की हत्या और दिल्ली में तबलीग़ी जमात पर भी चिंता ज़ाहिर की थी. इस रिपोर्ट में कहीं पर भी धर्म में आस्था कम होने की बात नहीं की गई थी.

हमने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ऑफ़िशियल फ़ेसबुक पेज पर चेक किया. हमें 26 अप्रैल को अपलोड हुआ लाइव वीडियो मिला. इस लाइव संबोधन का विषय था – ‘वर्तमान परिदृश्य एवं हमारी भूमिका’.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नागपुर महानगर , बौद्धिक वर्गराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नागपुर महानगर , बौद्धिक वर्ग प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत का उद्बोधन, विषय – वर्त्तमान परिदृश्य एवं हमारी भूमिका

Posted by Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) on Sunday, 26 April 2020

हमने पूरा वीडियो देखा और सुना. इस वीडियो में उन्होंने कोरोना से लड़ाई में नागरिकों की भूमिका, स्वदेशी के इस्तेमाल और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर बात की है. हमें इस संबोधन में कहीं ऐसी बात नहीं मिली, जो वायरल कटिंग में लिखी बातों से मेल खाती हो. हमें ऐसी कोई प्रामाणिक रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें मोहन भागवत ने कोरोना की वजह से धर्म में अपनी आस्था खत्म होने की बात कही हो.

कथित अख़बार की वायरल कटिंग में एडिटिंग की कई ग़लतियां भी दिख रही हैं. स्पष्ट है कि इसे फ़ोटोशॉप कर प्रचारित किया जा रहा है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख, नरेंद्र कुमार, ने भी ट्वीट (आर्काइव लिंक) कर इस वायरल कटिंग को फ़र्ज़ी बताया.

नतीजा

RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत के नाम से वायरल बयान सरासर फ़र्ज़ी हैं. उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा कि कोरोना की वजह से धर्म में उनकी आस्था खत्म हो गई. 26 अप्रैल, 2020 के संबोधन में उन्होंने सबकी मदद करने और बिना भेदभाव के व्यवहार करने की बात कही थी. RSS के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख ने भी इस वायरल क्लिप को झूठा बताया है.

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हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.

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पड़ताल: क्या RSS सरसंघचालक ने कहा, 'कोरोना की वजह से धर्म में मेरी आस्था खत्म हो गई'?
  • दावा

    RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, 'कोरोना ने धर्म में मेरी आस्था तोड़ दी'.

  • नतीजा

    ये दावा झूठा है. RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. अख़बार की वायरल क्लिप फ़ोटोशॉप्ड है.

अगर आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो हमें भेजिए, padtaalmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करेंगे और आप तक पहुंचाएंगे सच.

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