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पड़ताल: क्या 'पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के छात्र की बनाई कथित दवा' कोरोना ख़त्म कर देगी?

दावा

सोशल मीडिया पर कोरोना की दवा को लेकर कई मेसेज वायरल होते रहे हैं. एक वायरल मेसेज में दावा किया जा रहा है कि पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के छात्र रामू ने कोरोना की एक घरेलू दवा बना ली है. साथ ही, इस दवा को विश्व स्वास्थ संगठन ने मान्यता भी दे दी है. वायरल पोस्ट के मुताबिक, एक चम्मच काली मिर्च पाउडर, दो चम्मच शहद और थोड़ा अदरक के रस के मिश्रण का 5 दिनों तक लगातार सेवन करने से कोरोना ठीक हो जाएगा.

Essubbiah Ramesh ने ये मेसेज फेसबुक पर पोस्ट किया है. पोस्ट अंग्रेज़ी में है, हम आपको हिंदी अनुवाद बता रहे हैं- (आर्काइव लिंक)

एक अच्छी ख़बर
आखिरकार पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के छात्र रामू ने कोविड-19 की घरेलू उपचार की दवा बना ली है, जिसे WHO ने स्वीकार कर लिया है.
उन्होंने साबित किया है कि एक चम्मच काली मिर्च पाउडर, 2 चम्मच शहद और थोड़ा अदरख का रस 5 दिन लगातार लेने ने कोरोना 100 प्रतिशत ठीक हो जाएगा.

पूरी दुनिया इस उपाय को अपनाने के लिए तैयार. आखिरकार 2020 में एक अच्छी ख़बर आई.

कृपया इस मेसेज को अपने परिवार और दोस्तों तक पहुंचाए.
जैसा प्राप्त हुआ.

*A Good News*

Finally an INDIAN student from PONDICHERRY University, named RAMU found a home remedy cure for Covid-19…

Posted by Essubbiah Ramesh on Wednesday, 16 September 2020

ट्विटर यूज़र Nation First ने भी सेम दावा किया है. (आर्काइव लिंक)

इसी तरह के और भी दावे आप यहां और यहां देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक)  (आर्काइव लिंक)

पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. WHO ने अभी तक कोरोना की किसी दवा को मान्यता नहीं दी है.
वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) से संपर्क किया. उन्होंने बताया,

ये दावा भ्रामक है. हमारे किसी स्टूडेंट ने ऐसी कोई दवा नहीं बनाई है, जो कोरोना ठीक करने का दावा करती हो. ये एक अफ़वाह है और पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी का इस वायरल मेसेज से कोई लेना-देना नहीं है.

WHOने अभी तक किसी भी दवा या वैक्सीन को कोरोना के इलाज़ के लिए मंजूरी नहीं दी है. कोरोना की दवा या वैक्सीन के बारे में WHO की वेबसाइट पर दर्ज है,

कुछ पश्चिमी, पारंपरिक या घरेलू उपचार कोविड-19 के लक्षणों को कम कर सकते हैं. मगर ऐसी कोई दवा उपलब्ध नहीं है जो इस बीमारी का सटीक इलाज कर दे. विश्व स्वास्थ्य संगठन कोविड-19 की रोकथाम या इलाज के लिए ख़ुद से कोई दवा लेने के लिए नहीं कहता है. हालांकि, पश्चिमी और पारंपरिक दोनों दवाओं के कई क्लीनिकल ​​परीक्षण चल रहे हैं. WHO कोविड-19 की रोकथाम और उसके उपचार के लिए टीके और दवा विकसित करने के प्रयासों पर नज़र बनाए हुए है.

कोविड-19 से बचने के सबसे प्रभावी उपाय हैं,

अपने हाथों को बार-बार और अच्छी तरह से साफ करें

अपनी आंखों, मुंह और नाक को छूने से बचें

अपनी खांसी को कोहनी के मोड़ या टिशू से ढकें. टिशू पेपर का यूज करते ही तुरंत हटा दें और अपने हाथ धो लें.

दूसरों से कम-से-कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें.

इसी तरह के कई और भी सवालों के जवाब यहां दिए गए हैं. (आर्काइव लिंक)

किसी भी बीमारी से लड़ने में इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता का महत्वपूर्ण रोल होता है. भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इम्यून सिस्टम मजबूत करने के लिए काली मिर्च और अदरक का प्रयोग करने का सुझाव दिया है. आयुष मंत्रालय ने इम्युनिटी बढ़ाने के कई और भी उपाय बताए हैं. इन घरेलू उपायों को देश के प्रसिद्ध वैद्यों की राय से तैयार किया गया है. इसमें साफ़ तौर पर लिखा है इन उपायों से आपकी इम्युनिटी बढ़ सकती है, लेकिन ये कोरोना के इलाज़ का दावा नहीं करती हैं. (आर्काइव लिंक)

साफ़ है कि वायरल दावे में जिस घरेलू उपाय को कोरोना की दवा बता कर शेयर किया जा रहा है वो ग़लत है. अब तक कोरोना की कोई दवा नहीं बनी है.

नतीजा

हमारी पड़ताल में वायरल दावा ग़लत निकला. WHO ने कोरोना के इलाज़ के लिए अभी तक किसी दवा को मंजूरी नहीं दी. वायरल मैसेज में कोरोना के इलाज़ का दावा ग़लत है. पॉन्डिचेरी यूनियवर्सिटी ने वायरल दावे का खंडन किया है.

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पड़ताल: क्या 'पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के छात्र की बनाई कथित दवा' कोरोना ख़त्म कर देगी?
  • दावा

    पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी के छात्र ने कोरोना की दवा बना ली है, जिसे WHO से मंजूरी मिल गई है.

  • नतीजा

    ये दावा पूरी तरह से ग़लत है. कोरोना की कोई दवा उपलब्ध नहीं है. पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी वायरल मेसेज में लिखी बातों का खंडन किया है.

अगर आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो हमें भेजिए, padtaalmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करेंगे और आप तक पहुंचाएंगे सच.

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