Submit your post

Follow Us

पड़ताल: उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग लगी है, पर ये दर्दनाक तस्वीर वहां की नहीं

दावा

उत्तराखंड राज्य के जंगलों में बीते कई दिनों से भीषण आग लगी हुई है. कई हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं. जंगल जलते हैं तो सिर्फ वनस्पति का नुकसान नहीं होता, जंगली जीवन पर बड़ा असर पड़ता है. जंगली जीव और जानवर बड़ी संख्या में मारे जाते हैं. ऐसी कई दर्दनाक तस्वीरें भी सामने आती हैं.

ऐसी ही एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. ये दिखाकर कहा जा रहा है कि उत्तराखंड के जंगलों की आग में जलने से इस पक्षी की मौत हुई है.(आर्काइव)

उमेश कुमार नाम के वेरिफाइड ट्विटर यूज़र ने लिखा-

उत्तराखंड के जंगलो मे भंयकर आग से दिल को झकझोर देने वाली एक फोटो…उड सकती थी पर माँ तो माँ होती है , अपनी अगली पीढ़ी को बचाने के लिए लडती रही और अंत मे ना खुद रही ना अगली पीढ़ी

उनके इस ट्वीट को 500 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है. उमेश कुमार के इस ट्वीट को रीट्वीट करने वालों में पत्रकारिता का अच्छा माने जाने वाले IIMC के रीजनल डायरेक्टर प्रो. राकेश गोस्वामी भी शामिल हैं.

प्रो. राकेश गोस्वामी का रीट्वीट.
प्रो. राकेश गोस्वामी का रीट्वीट.

अंग्रेज़ी कैप्शंस के साथ ये तस्वीर शयेर की जा रही है.

फेसबुक पर भी इस तस्वीर को उत्तराखंड का बताकर हज़ारों बार शेयर किया जा चुका है.

#उत्तराखंड के #जंगलो मे भंयकर आग से दिल को झकझोर देने वाली एक फोटो…उड सकती थी पर #माँ तो माँ होती है , अपनी अगली #पीढ़ी को बचाने के लिए लडती रही और अंत मे ना खुद रही ना अगली पीढ़ी।
🙏🙏

Posted by Baaki Sab Theek Hai on Tuesday, 6 April 2021

यहां दिख रही हर एक तस्वीर को आगे कई यूज़र्स ने शेयर किया. सभी इसे उत्तराखंड का बता रहे हैं.
यहां दिख रही हर एक तस्वीर को आगे कई यूज़र्स ने शेयर किया. सभी इसे उत्तराखंड का बता रहे हैं.

पड़ताल

हमने पड़ताल में पाया कि ये तस्वीर जून 2020 से ही इंटरनेट पर उपलब्ध है. ऐसे में उत्तराखंड में आग की हालिया घटनाओं से इस तस्वीर का कोई नाता नहीं है.

रिवर्स सर्च करने पर हमें ये तस्वीर ईरानी मीडिया और ब्राज़ील की एक फैक्ट चेक साइट e-farsas पर मिली. ईरानी वेबसाइट rokna.net के मुताबिक,

“ये तस्वीर तेहरान प्रांत के लावासन-ए-कुचक ग्रामीण जिले के हनज़ाक गांव में लगी आग की है. आग लगने पर फायर ब्रिगेड घटनास्थल तक पहुंची और जल्द ही आग पर काबू पा लिया. दुर्भाग्य से इस घटना में कई पेड़ और पक्षी जल गए.”

Ronka वेबसाइट पर छपे घटना का ब्यौरा. असल आर्टिकल फ़ारसी में है. तस्वीर गूगल ट्रांसलेट की मदद से अंग्रेज़ी में बदली गई है. (मामूली त्रुटियांं हो सकती हैं)
Ronka वेबसाइट पर छपे घटना का ब्यौरा. असल आर्टिकल फ़ारसी में है. तस्वीर गूगल ट्रांसलेट की मदद से अंग्रेज़ी में बदली गई है. (मामूली त्रुटियांं हो सकती हैं)

एक अन्य वेबसाइट BornaNews के मुताबिक,

“हनज़ाक, लावासन में लगी आग में एक दुर्भाग्यपूर्ण दृष्य दिखा जब एक मादा पक्षी आग लगने के बावजूद आखिरी वक्त तक अपने घोंसले में रही, जहां उसने अंडे रखे हुए थे. आखिर में पक्षी की जलकर मौत हो गई.”

Borna ने इस घटना की कुछ और फोटोज़ और वीडियो भी प्रकाशित किए हैं. फोटो हम यहां अटैच कर रहे हैं. वीडियो देखने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

बोरना न्यूज़ के मुताबिक, हनज़ाक गांव के इसी हिस्से में आग लगी थी. (तस्वीर साभार- बोरना न्यूज़)
बोरना न्यूज़ के मुताबिक, हनज़ाक गांव के इसी हिस्से में आग लगी थी. (तस्वीर साभार- बोरना न्यूज़)

इससे पहले ये तस्वीर ब्राज़ील और तुर्की में वहां की स्थानीय घटनाओं से जोड़कर वायरल हो चुकी है.

(हम स्वतंत्र रूप से ये पुष्टि नहीं करते हैं कि ये तस्वीर ईरान के उसी हिस्से से है.)

नतीजा

उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने की ख़बरें मार्च 2021 में आनी शुरू हुई थींं. जबकि वायरल हो रही तस्वीर जून 2020 से ही इंटरनेट पर मौजूद है. शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में घटना की जगह ईरान के तेहरान प्रांत का हनज़ाक गांव बताया गया है.

पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.


वीडियो- गुजरात में आतंकी पकड़े जाने के नाम पर वायरल वीडियो का सच कुछ और है

पड़ताल: उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग लगी है, पर ये दर्दनाक तस्वीर वहां की नहीं
  • दावा

    ये तस्वीर उत्तराखंड के जंगलों में जली एक (मादा) पक्षी की है.

  • नतीजा

    ये तस्वीर जून 2020 से इंटरनेट पर उपलब्ध है.

अगर आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो हमें भेजिए, padtaalmail@gmail.com पर. हम पड़ताल करेंगे और आप तक पहुंचाएंगे सच.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पड़ताल

पड़ताल: गुजरात में 'आतंकी पकड़ने' का वीडियो लाखों बार देखा गया, पर सच्चाई कुछ और है

गुजरात के दाहोद स्टेशन में आतंकी पकड़ने का दावा करता वीडियो भ्रामक है.

पड़ताल: क्या नक्सली हमले के बाद कांग्रेस के राज बब्बर ने कहा - 'क्रांति कर रहे हैं नक्सली'?

सोशल मीडिया पर अख़बार की कटिंग शेयर कर ये दावा किया जा रहा है.

पड़ताल: कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने की अपील करते केजरीवाल ने खुद मास्क नहीं लगाया?

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में स्कूली छात्र को फेस मास्क लगाते केजरीवाल ने खुद मास्क नहीं लगाया है.

पड़ताल: क्या उत्तराखंड की एक दरगाह में चादर चढ़ाने आए हिंदुओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया?

सुरेश चव्हाणके समेत कई दक्षिणपंथियों ने मुस्लिम समुदाय को इसके लिए शुक्रिया कहा है!

पड़ताल: तिरुपति बालाजी मंदिर के चेयरमैन ईसाई और सिद्धि विनायक मंदिर के ट्रस्टी मुस्लिम हैं?

सोशल मीडिया पर ये दावा करते लोग इसी आधार पर दरगाहों में हिंदुओं को ट्रस्टी बनाने की मांग कर रहे हैं.

पड़ताल: 2025 तक भारत से अमीर हो जाएगा बांग्लादेश?

ये भी दावा कि भारत अब विकासशील अर्थव्यवस्था नहीं रहा.

पड़ताल: क्या पंचायत चुनाव से पहले UP में प्रधानों को गैज़टेड अफसरों जितनी सैलरी देने का ऐलान हो गया?

सोशल मीडिया पर अख़बार की एक कटिंग शेयर कर ये दावा किया जा रहा है.

पड़ताल: बंगाल में अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की रैली में कुर्सियां खाली रहीं?

सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर का सच क्या है?

पड़ताल: मेडिकल की किताब ने भारत में कोरोना के लिए तबलीगी जमात को जिम्मेदार बताया?

किताब की तस्वीर शेयर कर सोशल मीडिया पर किया जा रहा है दावा.

पड़ताल: इंजीनियर बनने के लिए अब वेद और पुराण पढ़ना होगा?

सोशल मीडिया पर वायरल दावे का सच क्या है?