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पड़ताल: बच्ची का हवाला देकर, हल्दी से कोरोना भगाने का दावा बहुत बड़ा फ्रॉड है

दावा

सोशल मीडिया पर कोरोना से बचाव का एक मैसेज वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया जा रहा कि अपने दाएं पैर के अंगूठे के नाखून पर हल्दी का लेप लगाने से कोरोना भारत से समाप्त हो जाएगा(आर्काइव लिंक). हम दावे में बिना भाषाई सुधार किए, ज्यों का त्यों लिख रहे हैं.
(नोट: इस दावे में इस्तेमाल हुई तस्वीरें कुछ पाठकों को विचलित कर सकती हैं.)

आवश्यक सूचना:-
अभी अभी जानकारी मिली है कि ग्राम नागेलाव वाया पीसांगन जिला अजमेर में एक बालिका का जन्म हॉस्पिटल में हुआ l बालिका ने जन्म लेते ही बोली कि भारत में जो कोरोना वायरस संक्रमण फैला हुआ है उसके बचाव के लिए भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने दाएं पैर के अंगूठे के नाखून पर हल्दी का लेप (मेहंदी की तरह) लगाना है l इससे कोरोना का संक्रमण समाप्त हो जाएगा सभी नागरिक सकुशल रहेंगे l यह कहकर बालिका की उसी समय मृत्यु हो गई यह देखकर अस्पताल के डॉक्टर भी आश्चर्यचकित हो गए l अतः आपसे निवेदन है कि आप भी तत्काल इस तरह का लेप अपने दाएं पैर के अंगूठे के नाखून पर लगाकर कोरोना वायरस संक्रमण से अपना एवं अपने परिवार के जीवन को बचाएं l यह फेक न्यूज़ नहीं है सत्य घटना है l 

इस दावे के साथ हज़ारों पोस्ट ट्विटर और फेसबुक पर वायरल हो रहे हैं. इसके वीडियो भी मौजूद हैं. दावे के आखिर में लिखा जा रहा है कि ये सच्ची घटना है, फेक न्यूज़ नहीं.

पड़ताल

हमने दावे की पड़ताल की. पड़ताल में ये दावा झूठ निकला. ये घटना राजस्थान के अजमेर की नहीं है, बल्कि सिरोही जिले की है. डिलीवरी से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी. बच्चा असमान्य था. ऐसे में कुछ बोलने का सवाल ही पैदा नहीं होता.

पीछे लिखा दिख रहा है स्वास्थ्य केंद्र कालांद्री. इंटरनेट पर खोजा तो हमें ये मिल गया.
पीछे लिखा दिख रहा है स्वास्थ्य केंद्र कालांद्री. इंटरनेट पर खोजा तो हमें ये मिल गया.

वायरल हो रही तस्वीरों में एक तस्वीर में स्वास्थ्य केंद्र का नाम लिखा हुआ था. तस्वीर में “सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र” साफ पढ़ा जा सकता है. इससे आगे “कालन्द्र” शब्द दिखाई दे रहा है. हमने CHC Kalandri शब्द सर्च किया तो हमें पता चला ऐसा कोई स्वास्थ्य केंद्र राजस्थान के सिरोही जिले में है.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कालांद्री का भवन. सामने टंगे नीले रंग के बोर्ड के पास ही तस्वीर खींची गई थी. (फोटो- राहुल त्रिपाठी)
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कालांद्री का भवन. सामने टंगे नीले रंग के बोर्ड के पास ही तस्वीर खींची गई थी. (फोटो- राहुल त्रिपाठी)

सिरोही जिले में आजतक से जुड़े पत्रकार राहुल त्रिपाठी से हमने संपर्क किया. उन्होंने मामले की पुष्टि की. ये घटना 19 मार्च की है.

वायरल हो रही तस्वीरों में टाइम स्टैंप भी लगी है. इस तस्वीर में बच्चे को थामे दिख रहे डॉक्टर हैं डॉ. सुमेर सिंह भाटी. वो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कालंद्री में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी हैं.

डॉ. सुमेर सिंह भाटी, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कालंद्री. इन्होंने ही वायरल तस्वीर में बच्चे को पकड़ा हुआ है. (फोटो-राहुल त्रिपाठी)
डॉ. सुमेर सिंह भाटी, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कालंद्री. इन्होंने ही वायरल तस्वीर में बच्चे को पकड़ा हुआ है. (फोटो-राहुल त्रिपाठी)

हमने डॉक्टर भाटी से संपर्क किया. उन्होंने पूरे विस्तार से इस मामले के बारे में बताया. उन्होंने बताया,

“19 मार्च की सुबह नॉर्मल डिलीवरी हुई थी. बच्चा तो मरा हुआ ही पैदा हुआ था. एबनॉर्मल था. एनिनसिफेली कहते हैं इसे मेडिकल की भाषा में. इसमें बच्चे का ब्रेन का हिस्सा विकसित ही नहीं होता. न्यूरल ट्यूब में दिक़्कत होती है.”

इस तस्वीर को दिखाकर वायरल किए जा रहे दावे पर डॉ. भाटी ने कहा,

“लोगों को भ्रामक प्रचार नहीं करना चाहिए. इसका धार्मिक या किसी भी ऐसी बात से कोई लेना देना नहीं है. ऐसा ग़लत प्रचार करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.”

डॉ. भाटी ने बताया कि इस इलाके में पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं. यहां के आर्थिक-सामजिक कारणों की वजह से ये समस्याएं हैं. लोगों में फॉलिक एसिड तक की कमी होती है.

नतीजा

हमारी पड़ताल में मृत बच्चे की तस्वीर दिखाकर, हल्दी के लेप को कोरोना से बचाव का तरीका बताता दावा पूरी तरह झूठ है. इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है. डिलीवरी करवाने वाले डॉक्टर सुमेर सिंह भाटी ने बताया कि बच्चा असामान्य था और मृत पैदा हुआ था. बच्चे में दिमाग का हिस्सा विकसित नहीं हुआ था और न्यूरल ट्यूब में भी डिफेक्ट था. बच्चे के पैदा होते ही बोलने का सवाल ही पैदा नहीं होता.

कोरोना वायरस से बचाव का तरीका सिर्फ एहतियात बरतना ही है. हाथों को लगातार धोते रहना और सोशल डिस्टेंसिंग ही सबसे कारगर उपाय हैं.

अगर आपको भी किसी ख़बर पर शक है
तो हमें मेल करें- padtaalmail@gmail.com पर.
हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.

कोरोना वायरस से जुड़ी हर बड़ी वायरल जानकारी की पड़ताल हम कर रहे हैं.
इस लिंक पर क्लिक करके जानिए वायरल दावों की सच्चाई.

पड़ताल: बच्ची का हवाला देकर, हल्दी से कोरोना भगाने का दावा बहुत बड़ा फ्रॉड है
  • दावा

    मृत बच्ची की तस्वीर दिखाकर दावा कि बच्ची ने पैदा होते ही कहा है कि अपने दाहिने अंगूठे में हल्दी का लेप लगाने से कोरोना भाग जाएगा.

  • नतीजा

    ये दावा बिल्कुल झूठ है. डिलीवरी करवाने वाले डॉक्टर ने बताया कि बच्चा पैदा होने से पहले ही मर चुका था. दाहिने अंगूठे पर हल्दी लगाने की अफवाह आधारहीन है.

अगर आपको भी किसी जानकारी पर संदेह है तो हमें भेजिए, padtaal@lallantop.com पर. हम पड़ताल करेंगे और आप तक पहुंचाएंगे सच.

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पड़ताल

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