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Telegram के फाउंडर पावेल डुरोव वांटेड लिस्ट में, अपने ही देश में कदम रखते ही क्यों होंगे अरेस्ट?

रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने बुधवार को कहा कि उसने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा (Telegram Founder Pavel Durov On Wanted List) देने का आरोप लगाया है. उनके खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.

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पावेल डुरोव पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप

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  • रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
  • FSB का आरोप है कि टेलीग्राम ने आतंकवादी और चरमपंथी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले चैट्स और चैनल्स को प्लेटफॉर्म से हटाने में विफलता दिखाई, जिससे रूस के भीतर तोड़फोड़ और साइबर-धोखाधड़ी की साजिशें रची गईं।
  • पावेल डुरोव वर्तमान में यूएई और फ्रांस की नागरिकता रखते हैं और टेलीग्राम का मुख्यालय दुबई में स्थित है; इस मामले के कारण उनकी गिरफ्तारी और भविष्य की कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

Telegram के फाउंडर पावेल डुरोव (Pavel Durov) फिर से चर्चा में हैं. इस बार मामला NEET पेपर से नहीं जुड़ा है. आप सोच रहे होंगे कि फिर पक्का कोई स्कैम से जुड़ा होगा. नहीं भाई, इस बार मामला From Russia with FSB से जुड़ा है. मिस्टर पावेल रूस में वॉन्टेड लिस्ट (Telegram Founder Pavel Durov On Wanted List) में डाल दिए गए हैं. माने पावेल कभी ‘टेलीग्राम’ लेकर अपने देश लौटे तो गिरफ्तार होंगे. रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने बुधवार को कहा कि उसने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. उनके खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.

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Pavel Durov पर क्या आरोप हैं

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी सुरक्षा एजेंसी (FSB) ने टेलीग्राम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. FSB का कहना है कि टेलीग्राम ने अपने प्लेटफॉर्म से उन चैट्स और चैनल्स को नहीं हटाया, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी और चरमपंथी संगठन कर रहे थे. इनका उपयोग रूस के भीतर तोड़फोड़, आतंकवाद, सामूहिक हत्याओं और साइबर-धोखाधड़ी की साजिश रचने या फिर प्लान ऑफ एक्शन के लिए किया गया था. अब तक इस मामले पर टेलीग्राम या इसके संस्थापक पावेल डुरोव की तरफ से किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

हालांकि, इस साल की शुरुआत में डुरोव ने बताया था कि रूसी अधिकारियों ने उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है. डुरोव का आरोप है कि टेलीग्राम पर पाबंदी लगाने, लोगों की निजता और अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने के लिए इस तरह के आरोप रूस की ओर से लगाए जा रहे हैं.  बता दें कि रूस पिछले कुछ सालों से टेलीग्राम का इस्तेमाल घटाने की लगातार कोशिश कर रहा है. इसके बजाय सरकार समर्थित 'MAX' मैसेजिंग ऐप को बढ़ावा दिया जा रहा है.

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फिलहाल कहां रह रहे हैं Pavel Durov?

रूस में जन्में पावेल सालों पहले अपना देश छोड़ चुके हैं. उनके पास UAE और फ्रांस की नागरिकता है. मार्च 2013 में उन्होंने अपने भाई निकोलाई के साथ मिलकर टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप शुरू किया था. टेलीग्राम से पहले उन्होंने फेसबुक जैसा 'वीकोन्टाक्टे' (VKontakte) ऐप बनाया था. मगर साल 2014 में उन्होंने रूसी अधिकारियों के दबाव में अपनी हिस्सेदारी बेच दी और देश भी छोड़ दिया. 2013 में बने टेलीग्राम का वर्तमान मुख्यालय दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में है, जबकि इसकी मूल कंपनी का कानूनी मुख्यालय ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह में है.

फ्रांस में गिरफ्तार

पावेल इसके पहले साल 2024 में फ्रांस में गिरफ्तार हो चुके हैं. टेलीग्राम पर कंटेंट मॉडरेशन में कमी बरतने के आरोप में उनको बार्गेट एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था. टेलीग्राम आज की तारीख में दुनिया भर में 1 अरब से ज्यादा यूजर्स होने का दावा करता है. हालांकि ऐप पर गाहे-बगाहे कई तरह के आरोप लगते रहते हैं. हाल ही में भारत सरकार ने NEET UG 2026 के री-एग्ज़ाम से पहले ऐप को कुछ दिनों के लिए देश में ब्लॉक कर दिया था.  

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