ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के ऑफिस में उसके ही एक कर्मचारी ने जासूसी करने का डिवाइस लगा दिया. आरोप है कि उसने बाकायदा उस डिवाइस को टॉयलेट पेपर में लपेटकर एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम के एक टीवी के पोर्ट में फिट कर दिया. कंपनी की चेकिंग में डिवाइस तो पकड़ा गया, लेकिन इसे लगाने वाले का पता नहीं चला. फिर OpenAI ने AI मॉडल्स को काम पर लगा दिया. उन्होंने निराश नहीं किया और कंपनी को बताया कि सऊदी अरब के अब्दुलरहमान अलफोजन ने जासूसी करने वाला डिवाइस लगाया. 35 साल का अलफोजन जुलाई 2025 से OpenAI में काम कर रहा था.
OpenAI के ऑफिस में जासूसी के लिए लगाया डिवाइस, कंपनी के AI ने जासूस ढूंढ निकाला
कंपनी की चेकिंग में डिवाइस तो पकड़ा गया, लेकिन इसे लगाने वाले का पता नहीं चला. फिर OpenAI ने AI मॉडल्स को काम पर लगा दिया. उन्होंने निराश नहीं किया और कंपनी को बताया कि सऊदी अरब के अब्दुलरहमान अलफोजन ने जासूसी करने वाला डिवाइस लगाया. पर ये हुआ कैसे?

OpenAI ने AI मॉडल्स की बदौलत जासूसी करने वाले अपने कर्मचारी अब्दुलरहमान अलफोजन का पता लगा लिया. कंपनी ने मामले की शिकायत फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) से की. 9 अक्टूबर को FBI ने अलफोजन को गिरफ्तार कर लिया. 19 अक्टूबर को कैलिफोर्निया के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में उसकी हिरासत को लेकर सुनवाई होगी.
OpenAI को कहां से मिला जासूसी डिवाइस?OpenAI का हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को शहर में है. यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने 13 अक्टूबर की प्रेस रिलीज में बताया कि OpenAI ने उसे एक शिकायत दी. इसमें कहा गया कि 30 सितंबर को OpenAI स्टाफ को हेडक्वार्टर की एक बिल्डिंग के अंदर एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में रखे टेलीविजन के पीछे USB पोर्ट में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपा मिला.

कंपनी ने शिकायत में कहा कि इस डिवाइस को टॉयलेट पेपर में लपेटकर रखा गया. कंपनी का अनुमान है कि इसे 28 सितंबर के आस-पास लगाया गया. ये भी साफ किया कि अब्दुलरहमान अलफोजन को इस रूम में आने की इजाजत नहीं थी. क्योंकि, अक्सर कॉन्फ्रेंस रूम में OpenAI की बहुत कॉन्फिडेंशियल टेक्निकल, कमर्शियल और स्ट्रेटेजिक जानकारी पर डिस्कशन होता है.
कॉन्फ्रेंस रूम OpenAI के लिए बेहद अहमइसमें प्रोप्राइटरी रिसर्च, प्रोडक्ट प्लान और बिजनेस-डेवलपमेंट से जुड़ी चर्चा शामिल है. इसके अलावा, OpenAI की टेक्निकल प्रोग्रेस और स्ट्रेटेजिक डिसीजन, क्षमताओं, प्रेफरेंस, सरकारी कामों और कारोबारी रिश्तों के बारे में बेहद प्राइवेट जानकारी भी शामिल है, जिसे पब्लिक के सामने नहीं लाया जा सकता. ये भी पता चला कि अलफोजन ने OpenAI की सेंसेटिव डिटेल्स इकट्ठा करने के लिए AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल किया.

5 अक्टूबर को OpenAI को एक CCTV मिला, जिसमें अब्दुलरहमान अलफोजन कॉन्फ्रेंस रूम में टीवी के पीछे कुछ देखता नजर आया. कंपनी का शक मजबूत हुआ. उसी दिन कॉन्फ्रेंस रूम से एक बैग बरामद हुआ. ये बैग अलफोजन का ही था, जिसमें उसका वॉलेट, ID और टीवी के पीछे लगाए डिवाइस जैसा ही दूसरा डिवाइस था.

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OpenAI ने दावा किया कि अब्दुलरहमान अलफोजन के लगाए डिवाइस से किसी भी तरह का डेटा लीक नहीं हुआ है. कंपनी की किसी भी इन्फॉर्मेशन, सोर्स कोड या कस्टमर्स डेटा में सेंधमारी नहीं की गई है. OpenAI ने आरोपी कर्मचारी को निकाल दिया है.
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