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ई-कॉमर्स कंपनियों पर फुस्स हो गई सेल, लोगों के इंटरेस्ट ना लेने की वजह पता चली

इस साल भारत की त्योहारी ई-कॉमर्स बिक्री की शुरुआत थोड़ी सुस्त रही है. सेल के दौरान ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) पिछले साल के 33,200 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी घट गई है. लोगों ने सेल में इंटरेस्ट नहीं दिखाया.

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ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सेल की स्टार्टिंग अच्छी नहीं रही है

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  • इस वर्ष भारत की त्योहारी ई-कॉमर्स बिक्री में ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में लगभग 7 से 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो पिछले साल 33,200 करोड़ रुपये थी और इस बार 29,800 से 30,900 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है।
  • स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों में वृद्धि, विशेषकर आईफोन 17 और गैलेक्सी S26 अल्ट्रा के दामों में इजाफा, और जीएसटी में कटौती न होने के कारण उपभोक्ताओं ने बड़े खर्च वाले सामानों की खरीदारी में सावधानी बरती है, जिससे बिक्री घट रही है।
  • इस गिरावट के परिणामस्वरूप ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने विक्रय लक्ष्य पुनः समायोजित करने होंगे और आगामी त्योहारी सीजन में बिक्री बढ़ाने के लिए रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ सकता है।

e-commerce कंपनियों की सेल का पहला राउंड खत्म हो गया है और उसके रुझान आने भी स्टार्ट हो गए हैं. अरे नहीं, वो वाले नहीं जो आप सोच रहे. मतलब इस बार बुकिंग के बाद ऑर्डर कैंसिल नहीं हुए हैं. डिब्बे में ईंट और साबुन की बट्टी भी नहीं मिली है. इसका मतलब कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक था. अरे नहीं, दरअसल इस साल माल बिका कम है. इस साल भारत की त्योहारी ई-कॉमर्स बिक्री की शुरुआत थोड़ी सुस्त (Festive e-com sales fall 10% YoY) रही है. सेल के दौरान ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) पिछले साल की समान अवधि के 33,200 करोड़ रुपये से घटकर 29,800 से 30,900 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है.

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ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू 7 फीसदी गिरी

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चार दिनों में ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में लगभग 7 से 10 प्रतिशत की सालाना गिरावट रहने का अनुमान है. पिछले साल GMV जहां 33,200 करोड़ रुपये था, वहीं इस साल मीटर गिरकर 29,800 से 30,900 करोड़ रुपये रह सकता है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू ई-कॉमर्स और ऑनलाइन मार्केटप्लेस जैसे Amazon, Flipkart, Myntra आदि पर इस्तेमाल होने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण वित्तीय मीटर है, जो बताता है कि माल की कितनी बिक्री हुई.

आसान शब्दों में कहें तो किसी निश्चित समयावधि जैसे महीने या साल में किसी प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले सभी सामानों की कुल मौद्रिक या बिक्री वैल्यू (Total Sales Value) को GMV कहा जाता है. GMV को कैलकुलेट करने में उन पैसों को नहीं घटाया जाता जो डिस्काउंट, रिटर्न, कैंसिलेशन, या प्लेटफॉर्म के कमीशन/फीस के रूप में काट लिए जाते हैं. बोले तो जितना बिका वही GMV है. और इस बार की सेल में इसके 7 से 10 फीसदी गिरने का अनुमान है.

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ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू गिरी क्यों

पिछले 9 महीनों में स्मार्टफोन और लैपटॉप महंगे होने के कारण लोगों ने बड़े खर्च वाले सामान (big-ticket purchases) खरीदने में सावधानी बरती है. एआई की वजह से मेमोरी और कंपोनेंट की बढ़ती लागत की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में बहुत इजाफा हुआ है. स्मार्टफोन के दाम तो 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं. जैसे आईफोन 17 का दाम 82 हजार से बढ़कर 1 लाख हो गया है, तो गैलक्सी S26 अल्ट्रा 1 लाख 29 हजार से 1.55 का हो गया है.

जीएसटी में कटौती नहीं होना भी एक कारण है. पिछले साल सेल का मौसम आने से पहले जीएसटी में कटौती होने की वजह से कई प्रोडक्ट के दाम कम हुए थे. बाजार इस साल स्मार्टफोन में लगने वाले 18 फीसदी जीएसटी के 12 फीसदी होने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं. नतीजतन बिक्री में गिरावट दिख रही है. 

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