The Lallantop

15000 दुकानों के फ्रिज पर साइबर हमला, लाखों रुपये का खाना-आइसक्रीम सब बर्बाद

फ्रांस के सैकड़ों सुपरमार्केट साइबर हमले का शिकार हुए हैं, जिससे उनके फ़्रिज और फ़्रीज़र गर्म हो गए और लाखों यूरो की कीमत का ताज़ा और फ़्रोज़न खाना खराब हो गया. कैसे हुआ ये? आइए सब जानते हैं.

Advertisement
post-main-image
फ़्रांस में सुपरमार्केट के फ़्रिज और फ़्रीज़र पर साइबर हमला (Courtesy: AFP)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • फ्रांस के लगभग 400 सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीज़र पर साइबर अटैक हुआ, जिसमें हैकर्स ने रेफ्रिजरेशन कंट्रोल सॉफ़्टवेयर को प्रभावित कर तापमान 50°C तक बढ़ा दिया।
  • यह हमला डेनिश कंपनी डैनफ़ॉस के पुराने मॉडल के सॉफ़्टवेयर पर हुआ, जिन्हें अपडेट न कर पाने के कारण साइबर सुरक्षा कमजोर थी और स्मार्ट उपकरणों की बढ़ती कनेक्टिविटी इस समस्या का कारण बनी।
  • फ्रांसीसी अभियोजन पक्ष ने जांच शुरू कर दी है और प्रभावित रिटेलर्स द्वारा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में सुरक्षा उपायों को बढ़ावा मिलेगा।

साइबर अटैक के तमाम केस आपने पढ़े और सुने होंगे. कभी ऑस्ट्रेलिया का मेडिकल सिस्टम हैक किया जाता है, तो कभी टाटा जगुआर प्लांट में सेंधमारी की जाती है. लेकिन क्या कभी आपने फ्रिज पर साइबर अटैक के बारे में सुना है. शायद नहीं, लेकिन ऐसा वाकई हो गया है. फ़्रांस के सैकड़ों सुपरमार्केट साइबर हमले का शिकार हुए हैं, जिससे उनके फ़्रिज और फ़्रीज़र गर्म हो गए और लाखों यूरो की कीमत का ताज़ा और फ़्रोज़न खाना खराब हो गया. हैकर्स ने रेफ्रिजरेशन यूनिट के तापमान को कंट्रोल करने वाले सॉफ़्टवेयर पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे कुछ यूनिट का तापमान रात भर में 50°C (120°F) तक बढ़ गया.

Advertisement

फ्रेंच सुपरमार्केट चेन कूपरेटिव-यू (Coopérative U) के 100 से ज़्यादा सुपरमार्केट को निशाना बनाया गया, जबकि इंटरमार्शे (Intermarché) और उसके नेटो (Netto) ब्रांड के 180 स्टोर भी प्रभावित हुए हैं.

फ्रेंच-फ्रिज-फूड पर अटैक की कहानी

कैरेफोर, मोनोप्रिक्स और ई.लेक्लेर्क जैसे अन्य बड़े फ़ूड रिटेलर्स पर भी यह हमला हुआ है. इस हमले में डेनिश इंजीनियरिंग कंपनी डैनफ़ॉस के सॉफ़्टवेयर को निशाना बनाया गया था. ये सॉफ़्टवेयर रिटेलर्स को अपने कोल्ड यूनिट्स को दूर से ही मैनेज करने की सुविधा देता है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कूपरेटिव-यू के मुख्य कार्यकारी ने कहा कि उनके कई सुपरमार्केट "बेहद गंभीर और अभूतपूर्व" हमले की चपेट में आ गए थे. प्रवक्ता ने बताया कि 100 और दुकानों को तुरंत इंटरनेट से अलग कर दिया गया ताकि उनके साथ भी ऐसा न हो.  

Advertisement
Coopérative U
Coopérative U के  चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव डोमिनिक शेल्चर ने साइबर हमले को कनफर्म किया है 

आम तौर पर सुपरमार्केट के फ्रीज़र रात में कुछ देर के लिए डीफ़्रॉस्ट होते हैं, माने उसमें जम गई बर्फ को पिघलाया जाता है. इस दौरान तापमान थोड़ा बढ़ जाता है. लेकिन हैकर्स ने इन यूनिट्स को गर्म होने और गर्म ही रहने का कमांड दिया, जिससे उसके अंदर रखा फूड खराब हो गया. हालांकि, डैनफ़ॉस ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि इस प्रक्रिया में फ़्रिज और फ़्रीज़र कितने गर्म हो सकते थे. डैनफॉस ने कहा कि हैक हुए कोल्ड यूनिट्स पुराने मॉडल थे, जिनके सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर को अपडेट नहीं किया जा सका था. अब आपके मन में सवाल होगा कि क्या फ्रिज या फ्रीजर को हैक किया जा सकता है. हां, फ्रिज या फ्रीजर जैसे स्मार्ट (IoT) उपकरणों को हैक किया जा सकता है. आज के समय में आने वाले स्मार्ट रेफ्रिजरेटर (Smart Refrigerators) वाई-फाई (Wi-Fi), ब्लूटूथ और होम ऑटोमेशन सिस्टम से जुड़े होते हैं, जिसके कारण इनमें डिजिटल सुरक्षा से जुड़े खतरे भी पैदा हो जाते हैं. कुछ स्मार्ट फ्रिज में कैमरे (अंदर का सामान देखने के लिए) या माइक्रोफोन होते हैं. अगर इन्हें हैक कर लिया जाए तो फिर फ्रिज पर कंट्रोल मिलना कोई बड़ी बात नहीं.

ये भी पढ़ें: गुरुग्राम में 25000 प्रॉपर्टी सिर्फ एक PAN कार्ड पर रजिस्टर्ड, ₹55000 करोड़ का 'महा-झोल'

400 स्टोर के फ्रिज गर्म हुए

फ्रिज पर साइबर अटैक का स्केल अभी तक साफ़ नहीं है, लेकिन अलग-अलग चेन से मिली जानकारी से पता चलता है कि फ़्रांस में कुल लगभग 15,000 स्टोर में से करीब 400 स्टोर प्रभावित हुए हैं. कैरेफोर (Carrefour) ने बताया कि उसके 6,000 स्टोर में से 80 स्टोर के फ्रिज हैक हो गए थे, जबकि मोनोप्रिक्स (Monoprix) ने कहा कि उसके 400 से ज़्यादा स्टोर में से 5 फीसदी माने 20 स्टोर प्रभावित हुए थे.

Advertisement

BBC को दिए एक बयान में, मस्कटेयर्स ग्रुप जिसके पास इंटरमार्शे और नेटो हैं, ने कहा कि सोमवार दोपहर कुछ ताज़े और फ्रोज़न फ़ूड डिस्प्ले यूनिट काम नहीं कर रहे थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरमार्शे ने बताया कि सोमवार की रात छह घंटे तक उसके फ्रिज का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया था और स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचने के लिए रिटेलर ने प्रभावित सारा खाना फेंक दिया.

फ्रांसीसी ब्रॉडकास्टर BFMTV ने एक तस्वीर जारी की, जिसमें आइसक्रीम वाले हिस्से में रखे एक फ्रीज़र का तापमान 26.5°C दिख रहा है. ब्रॉडकास्टर ने बताया कि अलसेस इलाके के दो सुपरमार्केट को कुल मिलाकर €270,000 (£228,000) का नुकसान हुआ है, जिसका मतलब है कि पूरे देश में यह नुकसान लाखों यूरो तक पहुंच सकता है. 

साइबर अटैक की जांच जारी

फ्रांसीसी अभियोजन पक्ष ने इस घटना की जांच शुरू की है. पेरिस के अभियोजक कार्यालय ने इसे "बड़े पैमाने पर हुआ साइबर-हमला" बताया है, जिसने पूरे फ्रांस में कई बड़ी फूड रिटेल चेन के रेफ्रिजरेटर को प्रभावित किया है. यूरोपीय खाद्य आयुक्त क्रिस्टोफ़ हैनसेन (Christophe Hansen) ने X पर एक पोस्ट में इस हैक की निंदा की और कहा,

"हर स्तर पर खाद्य सुरक्षा पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है, क्योंकि भोजन का हथियार के तौर पर इस्तेमाल अब एक सच्चाई बन गया है."

कूपरेटिव-यू के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव डोमिनिक शेल्चर ने कहा कि हालात को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए स्टाफ़, रेफ्रिजरेशन विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरी तरह से जुटा हुआ है.

वीडियो: राजधानी: CJI का मिलने से इनकार, INDIA bloc के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी

Advertisement