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पैसा तैयार रखिए! भारत का सबसे बड़ा IPO इसी महीने आ रहा

JIO का आईपीओ अगले हफ्ते 21 से 23 अक्टूबर तक आम निवेशकों के लिए खुलने की संभावना है. भारत में अब तक का सबसे आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया ने पेश किया था. इस आईपीओ के जरिये कंपनी ने साल 2024 में 27,800 करोड़ रुपये जुटाए थे

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जियो के इस आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रहने की संभावना है (Courtesy: Aaj Tak)

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  • जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने 14 अक्टूबर को सेबी में अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है जिसके जरिए लगभग 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।
  • यह आईपीओ रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सेवा कंपनी द्वारा तीन दशकों में पहला बड़ा सार्वजनिक ऑफर है, जिसका उद्देश्य हुंडई मोटर इंडिया के अक्टूबर 2024 के आईपीओ से अधिक पूंजी जुटाना है।
  • इस आईपीओ के जरिए जियो की वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है, और इसका लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने का लक्ष्य है, जिससे बाजार में व्यापक प्रतिक्रिया की उम्मीद है।

मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड बुधवार 14 अक्टूबर को शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी में अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करने जा रही है. इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक कंपनी इस आईपीओ से करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है. जियोे का आईपीओ अगले हफ्ते 21 से 23 अक्टूबर तक आम निवेशकों के लिए खुलने की संभावना है.

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हुंडई के आईपीओ को भी मात देने की तैयारी 

यह आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया के अक्टूबर 2024 में आए 27,800 करोड़ रुपये के आईपीओ को भी पीछे छोड़ देगा. यह रिलायंस का तीन दशकों में पहला बड़ा सार्वजनिक ऑफर होगा. जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस से जुड़ी कंपनी है.

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बड़े निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे!

आईपीओ में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के बिना केवल एक फ्रेश इश्यू होने की उम्मीद है. जियो के मौजूदा प्रमुख निवेशक, जिनमें मेटा प्लेटफॉर्म्स, गूगल, सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, केकेआर, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, सिल्वर लेक, मुबाडाला, जनरल अटलांटिक, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और टीपीजी शामिल हैं. ये इस आईपीओ से बाहर निकलने की योजना नहीं बना रहे हैं. मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, कुछ मौजूदा निवेशक आईपीओ के माध्यम से जियो प्लेटफॉर्म्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहते हैं. मेटा की सहयोगी कंपनी जाधु होल्डिंग्स सबसे बड़ी बाहरी निवेशक है. इस कंपनी की 9.98% हिस्सेदारी है. उसके बाद गूगल इंटरनेशनल की जियो में 7.73% हिस्सेदारी है.

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10 लाख करोड़ से भी ज्यादा की वैल्यूएशन

जियो के इस आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रहने की संभावना है. इस संभावित प्राइस बैंड पर जियो की वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये पहुंचने की उम्मीद है. ऊपरी स्तर पर, इस इश्यू से लगभग 30,200 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं. ये बाजार के अनुमान हैं और अंतिम विवरण आरएचपी दाखिल होने के बाद ही पता चलेगा. इस मेगा इश्यू के लिए एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुल सकती है और लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने का लक्ष्य है.

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