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iPhone से पक गए इंडियंस, भारत में त्योहारी सीजन की बिक्री 30% तक लुढ़की

जो ग्राहक त्योहार के सीजन में सेल और ऑफर्स के चलते iPhone लेने के लिए पागल रहता था, वो इस साल उतना बेताब नहीं है. इसकी बड़ी वजह क्या है, जो Apple को इस फेस्टिव सीजन बड़ा झटका मिल सकता है.

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भारत में फीकी पड़ी ऐप्पल की चमक, दशहरा-दिवाली पर बिक्री सुस्त.

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  • भारत में त्योहारी सीजन के दौरान स्मार्टफोन मार्केट में आईफोन की बिक्री में दशहरा तक 30% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह क्षेत्र आर्थिक रूप से प्रभावित हुआ है।
  • आईफोन की कीमतों में वृद्धि, रैम की बढ़ती लागत और सीमित फेस्टिव ऑफर्स के कारण ग्राहकों की खरीद सूची में कमी आई है, जो मांग में गिरावट का प्रमुख कारण मानी जा रही है।
  • इस गिरावट के परिणामस्वरूप भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में दो अंकों की कमी आने की संभावना है और आगामी छमाही में यह प्रभाव और गहरा हो सकता है।

इंडिया में स्मार्टफोन मार्केट के लिए त्योहारी सीजन अच्छा नहीं रहा है. पहले ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल फुस्स हो गई. सेल के दौरान ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) पिछले साल के 33,200 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी घट गई. फिर स्मार्टफोन शिपमेंट में भी एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई. इस दो तरफा गिरावट का असर ऐप्पल पर कुछ ज्यादा (iPhone loses spark in India) ही हुआ है. फेस्टिव सीजन में दशहरा तक आईफोन की बिक्री में 30% तक की गिरावट दर्ज की गई. रिटेलर्स का कहना है कि दिवाली पर भी मांग सुस्त रहने की उम्मीद है.

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ऐप्पल के लिए त्योहार फीका  

पिछले कुछ सालों में इंडिया में ऐप्पल के लिए त्योहारी सीजन बोनस बनकर आया. वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी ने इंडिया में बंपर बिक्री की. Apple ने भारत में पिछले वित्तीय वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू बनाया था. लेकिन इस साल मामला ठीक नहीं.

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में रिकॉर्ड 1.43 करोड़ यूनिट्स सेल करने के मुकाबले 2026 में भारत में आईफोन के शिपमेंट में दो अंकों (double-digit) की गिरावट आने की उम्मीद है. साल की दूसरी छमाही (H2) में इस गिरावट के और बढ़ने के आसार हैं.

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ऐप्पल नहीं खाया जा रहा

रिपोर्ट्स से तो यही लगता है कि जो ग्राहक त्योहार के सीजन में सेल और ऑफर्स के चलते आईफोन लेने के लिए पागल रहता था, वो इस साल उतना उत्साहित नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह तो ऐप्पल सहित तमाम स्मार्टफोन कंपनियों के दाम बढ़ना है. इस साल सेल में फोन मिलने का मतलब उसकी लिस्ट प्राइज़ रही है. उदाहरण के लिए ऐप्पल का पैसा वसूल आईफोन 17 सेल में डिस्काउंट के बाद भी 80-82 हजार रुपये में मिल रहा था, जो इसका लॉन्च प्राइज़ है.

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ऐसा इसलिए क्योंकि ऐप्पल ने पिछले महीने आईफोन 17 का दाम बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया. ये ग्राहकों के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि पिछले कई सालों से उसको 80 हजार रुपये में लॉन्च हुआ आईफोन सेल में 60 हजारर रुपये और उससे कम में मिलने की आदत लग गई थी. ऐसे में उसने हाथ सिकोड़ने का फैसला किया.

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दिवाली भी हैप्पी नहीं

मनीकंट्रोल से बात करते हुए रिटेलर्स और एनालिस्ट्स ने बताया कि इस मंदी से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार में ऐप्पल की ग्रोथ को झटका लग सकता है. रिटेलर्स का कहना है कि दिवाली पर भी मांग सुस्त रहने की उम्मीद है. ग्राहकों द्वारा सावधानीपूर्वक खर्च करने, कीमतों में बढ़ोतरी और सीमित प्रमोशनल ऑफर्स के कारण मांग पर असर पड़ा है.

इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) की एनालिस्ट उपासना जोशी ने कहा,

"रिटेलर्स की प्रतिक्रिया से कमजोर बिक्री का संकेत मिलता है, जो कि बढ़ी हुई कीमतों और फेस्टिव ऑफर्स की कमी के अनुरूप है. इस साल पूरे बाजार में त्योहारी मांग सुस्त रहेगी."

आईफोन 18 प्रो सीरीज और Duo का क्या हाल?

रिसर्च फर्म ओम्डिया के संयम चौरसिया ने कहा कि पुराने मॉडलों और आईफोन 18 प्रो सीरीज की ऊंची कीमतों का असर भी मांग पर पड़ रहा है. इस साल आईफोन 18 प्रो सीरीज इंडिया में 1.54 लाख रुपये में लॉन्च हुई है. जबकि आईफोन 17 प्रो सीरीज 1,34,900 रुपये में लॉन्च हुई थी. ऐसे में सीधे 20 हजार रुपये की बढ़ोतरी ग्राहकों को रास नहीं आई.  इसका असर अब बिक्री पर भी दिख रहा है.

बात चली है तो बताते चलें कि स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण इसमें लगने वाली रैम की कीमतों का आसमान छूना है. AI की वजह से रैम की भयंकर डिमांड है. एआई कंपनियां मुंह मांगे दाम पर रैम खरदीने को तैयार हैं.

इसी के चलते एक साल में रैम के दाम 65 फीसदी तक बढ़ गए. 20 हजार रुपये के नीचे 5G फोन मिलना मुश्किल हो रहा है. 4GB रैम वाले फोन की वापसी हो चुकी है. साल 2030 तक रैम की डिमांड में कमी का कोई संकेत नहीं है. 

वीडियो: खर्चा-पानी: AI की वजह से कौन से सेक्टर और कंपनियों में नौकरियां कम हो रहीं?

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