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T20I में बॉलर्स का रोल खत्म हो रहा है? भुवी ने बड़ा दावा कर दिया

भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि 36 टी20 फॉर्मेट में गेंदबाजों के लिए चुनौती बढ़ी है. लेकिन सही रणनीति और परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता से वे बल्लेबाजों पर अंकुश लगा सकते हैं।

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भुवनेश्वर कुमार ने चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी की है. (Courtsey- PTI)

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  • भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने चार साल बाद टी20 टीम में वापसी की और अभी तक उनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं रहा है।
  • टी20 क्रिकेट में छोटे मैदान और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों के कारण गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिससे उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं।
  • भुवनेश्वर ने कहा है कि गेंदबाजों को रणनीति बदलकर हालात के अनुसार खेलना होगा ताकि वे मैच को नियंत्रित कर सकें, और आईपीएल इस तैयारी में मदद करता है।

भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने चार साल बाद टी20 टीम में वापसी की. सीरीज के पहले तीन मैच में वह बहुत महंगे साबित हुए. इस सीरीज में सिर्फ भुवी ही नहीं, बल्कि ज्यादातर गेंदबाजों की कुटाई हुई है. इसी के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या टी20 अब केवल बल्लेबाजों का फॉर्मेट रह गया है? छोटे मैदान और बड़े स्कोर ने गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का मानना है कि गेंदबाज अब भी मैच को कंट्रोल कर सकते हैं.

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बल्लेबाज कर सकते हैं मैच को कंट्रोल

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद भुवनेश्वर ने भारतीय टीम में वापसी की. हालांकि अब तक वह प्रदर्शन दोहरा नहीं सके. भुवी ने कहा कि कंडीशंस भले ही बल्लेबाजों के पक्ष में हों, लेकिन गेंदबाजों के पास अब भी मैच बदलने का मौका है. भुवनेश्वर ने कहा,

यह बहस का विषय है. आजकल हम कहते हैं कि परिस्थितियां बल्लेबाजों के अनुकूल हैं. लेकिन मेरा अब भी मानना है कि गेंदबाज मैच को कंट्रोल कर सकता है. अब गेंदबाजों के पास गलती करने की गुंजाइश कम है. इसके बावजूद, वो अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी कर सकते हैं. सही जगह पर गेंद डालकर बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला जा सकता है.

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भुवी की सलाह

भुवनेश्वर ने कहा कि छोटे मैदानों में भी गेंदबाज अपना असर छोड़ सकते हैं. इसके लिए उन्हें कंडीशंस के हिसाब से रणनीति बदलनी होगी. बल्लेबाज के लिए रन बनाना आसान दिख सकता है, लेकिन हर गेंद पर उसका कंट्रोल नहीं होता. उन्होंने कहा,  

मैदान की बाउंड्री छोटी हैं और सब कुछ बल्लेबाजों के अनुकूल नजर आता है. लेकिन गेंद बल्लेबाज तक गेंदबाज ही पहुंचाता है. इसके बाद बल्लेबाज पर निर्भर करता है कि वह गेंद के मुताबिक खेलेगा या नहीं.

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भुवनेश्वर ने 2012 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. तब से इस फॉर्मेट में काफी बदलाव आया है. अब बल्लेबाज तेजी से रन बनाते हैं. ऐसे में गेंदबाजों के लिए चुनौती भी बढ़ गई है. भुवनेश्वर ने कहा कि पहले नए खिलाड़ियों को टी20 अंतरराष्ट्रीय में मौका देकर दूसरे फॉर्मेट में भी आजमाया जाता था. अब ऐसा करना आसान नहीं है. इस फॉर्मेट में खेलने के लिए परिपक्वता जरूरी है. आईपीएल ने खिलाड़ियों को इसके लिए तैयार किया है.

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