"PHP (पीएचपी) अपडेट करें या ऑफलाइन हो जाएं". कुछ इसी सारांश के साथ कल यानी बुधवार 21 अक्टूबर की शाम को जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (Sanae Takaichi) ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया. उन्होंने तमाम संगठनों से यह जांच करने का आग्रह किया कि क्या उनकी सार्वजनिक वेबसाइटें पीएचपी (PHP) का उपयोग कर रही हैं. पोस्ट में उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर वेबसाइट PHP का इस्तेमाल करती हैं तो 21 अक्टूबर की रात के 11 बजे (जापान के समय के मुताबिक) रिलीज होने वाले फिक्स पैच को यथासंभव जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी करें. उन्होंने कहा कि यदि पैच को तुरंत ठीक करने में कोई समस्या है, तो वेबसाइटों को अस्थायी रूप से निलंबित करने पर विचार किया जा सकता है.
ये PHP है क्या जिसको लेकर जापानी प्रधानमंत्री और FBI चेतावनी दे रहे
PHP यानी Hypertext Preprocessor एक किस्म की पारंपरिक कोडिंग लैंग्वेज है. वेबसाइट पर यूजर रजिस्ट्रेशन, लॉगिन, फीडबैक फॉर्म या डेटा कलेक्ट करने वाले फीचर्स को बनाने के लिए PHP का उपयोग किया जाता है. तकनीकी लैंग्वेज से इतर अगर आम भाषा में समझें तो इसका इस्तेमाल CMS (कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम) में होता है.


इसी तरह की चेतावनियां अमेरिका में भी जारी की गईं, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) और एफबीआई (FBI) ने एडवाइजरी जारी कीं. एफबीआई के साइबर डिवीजन ने एक्स पर लिखा, "पीएचपी में दो गंभीर कमियों की पहचान की गई है, जो वेबसाइटों और वेब एप्लीकेशन को चलाने वाली एक ग्लोबल लैंग्वेज या प्रोग्रामिंग भाषा है."

एडवाइजरी में बताता गया कि PHP में मिली कमियां (CVE-2026-109618 और CVE-2026-109619) साइबर अपराधियों को दूर से ही किसी भी वेबसाइट पर साइबर हैकिंग की अनुमति दे सकती हैं, जिससे संभावित रूप से संवेदनशील डेटा और नेटवर्क से समझौता हो सकता है." एक तरफ जापानी प्रधानमंत्री और दूसरी तरफ एफबीआई से ये यह चेतावनी दुनिया भर में (अमेरिका और यूरोप सहित) प्रमुख वेबसाइटों के ऑफलाइन होने के बीच आई है. इसके बाद दुनिया जहान के साइबर एक्सपर्ट अपने सिस्टम को हैकर्स से बचाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.
PHP यानी Hypertext Preprocessor एक किस्म की पारंपरिक कोडिंग लैंग्वेज है जो 1990 से ही चलन में है. PHP एक लोकप्रिय ओपन-सोर्स (Open-source) और सर्वर-साइड स्क्रिप्टिंग भाषा है जिसका इस्तेमाल डाइनेमिक और इंटरैक्टिव वेबसाइट्स तथा वेब एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है. तकनीकी लैंग्वेज से इतर अगर आम भाषा में समझें तो इसका इस्तेमाल CMS (कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम) में होता है. जब आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो आपका फ़ोन या लैपटॉप उस वेबसाइट को अपने अंदर स्टोर नहीं करता. बल्कि, वह उसे मंगाता है. कहीं दूर एक ऐसा कंप्यूटर होता है जो हमेशा चालू रहता है. इसे 'सर्वर' कहते हैं. जब आप कोई साइट खोलते हैं, तो आपका फ़ोन उस सर्वर को एक मैसेज भेजता है "प्लीज मुझे यह पेज भेजें." सर्वर उस पेज को तैयार करता है और वापस भेज देता है. जाहिर है, यह सब एक सेकंड से भी कम समय में हो जाता है. ऐसा करने के लिए सर्वर को कुछ निर्देशों (instructions) की ज़रूरत होती है. ये निर्देश प्रोग्रामिंग भाषाओं में लिखे जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे हम हिंदी या अंग्रेज़ी में पत्र लिखते हैं. इसे PHP कहते हैं.
दुनिया की सबसे लोकप्रिय वेबसाइट बिल्डिंग प्लेटफॉर्म जैसे WordPress, Joomla, और Drupal पूरी तरह या मुख्य रूप से PHP पर ही बने हैं. The Lallantop की पुरानी वेबसाइट भी WordPress पर बनी थी, हालांकि अभी हमने Node वेब फ्रेमवर्क पर अपनी वेबसाइट को डेवलप किया हुआ है जो एक मॉडर्न प्लेटफॉर्म है. Flipkart और Myntra जैसी साइट्स के कुछ हिस्सों या आंतरिक टूल्स में PHP का उपयोग होता रहा है. भारत के अधिकांश प्रमुख समाचार पोर्टल और ब्लॉग्स WordPress (जो कि पूरी तरह PHP पर आधारित है) का उपयोग करते हैं. MyGov (mygov.in) वेबसाइट का मुख्य हिस्सा PHP तकनीक पर ही काम करता है. PHP की सबसे बड़ी खूबी ये है कि यह बिल्कुल मुफ्त है और इसे कोई भी आसानी से डाउनलोड और इस्तेमाल कर सकता है. इसके पास डेवलपर्स का एक बहुत बड़ा कम्युनिटी सपोर्ट भी है. माने दुनिया जहान के कई टेक एक्सपर्ट इससे जुड़े टिप्स एण्ड ट्रिक्स मुफ़्त में शेयर करते हैं.
ई-कॉमर्स वेबसाइट्स Magento और WooCommerce जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स में भी PHP का भारी उपयोग होता है. फेसबुक (शुरुआती दिनों में), विकिपीडिया और याहू (Yahoo) जैसी बड़ी वेबसाइट्स ने भी अपने बैकएंड में PHP का इस्तेमाल किया है. PHP कोड को सीधे HTML कोड के अंदर आसानी से लिखा और एम्बेड किया जा सकता है. Magento साल 2018 से Adobe का हिस्सा है.
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PHP करता क्या हैवेबसाइट पर यूजर रजिस्ट्रेशन, लॉगिन, फीडबैक फॉर्म या डेटा कलेक्ट करने वाले फीचर्स को बनाने के लिए PHP का उपयोग किया जाता है. PHP का कोड यूज़र के ब्राउज़र पर नहीं, बल्कि वेब सर्वर पर रन होता है और सर्वर से प्रोसेस होकर केवल HTML आउटपुट यूज़र के पास पहुंचता है. क्योंकि असली सोर्स कोड (PHP Code) सर्वर पर ही रहता है और यूज़र को कभी दिखाई नहीं देता, इसलिए वेबसाइट का लॉजिक और डेटाबेस का पासवर्ड आदि पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं. यूज़र के कंप्यूटर या मोबाइल (ब्राउज़र) पर भारी-भरकम कोडिंग का लोड नहीं पड़ता, जिससे वेबसाइट तेज़ी से लोड होती है.
बोले तो एक आसानी से लोड होने वाली, बिना खर्चा किए वेबसाइट बनानी है तो PHP सबसे बेस्ट है. जाहिर सी बात है कि दुनिया भर में बहुत सारी वेबसाइट इसी पर रन होती हैं. ऐसे में अगर इसमें कुछ खामी निकली तो खतरा तो होगा. अगर आप भी कोई वेबसाइट चलाते हैं एक बार अपने डेवलपर से पूछ लीजिए. कुछ अपडेट करना है तो सारे काम छोड़कर कर डालिए.
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