क्या वोट देने का अधिकार खोने से कोई नागरिक अपने ही देश में ‘दूसरे दर्जे का नागरिक’ बन सकता है? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर चल रही बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने वोट देने के अधिकार को लेकर अहम टिप्पणियां की हैं. उन्होंने यह कहा कि मौजूदा मतदाताओं के नाम बिना नोटिस और सुनवाई का मौका दिए नहीं हटाए जाने चाहिए.
‘वोट काटना संविधान पर हमला’, एसआईआर विवाद के बीच जस्टिस उज्जल भुइयां का बड़ा बयान
एसआईआर पर सुनवाई के दौरान जस्टिस उज्जल भुइयां ने मतदान के अधिकार और नागरिकता को लेकर अहम टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि मौजूदा मतदाताओं के नाम बिना नोटिस और सुनवाई का मौका दिए मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए.
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