2015 में समीर देशमुख उर्फ सैम की मौत ने देश के सबसे पॉपुलर सस्पेंस थ्रिलर्स में से एक ‘दृश्यम’ की नींव रखी थी. आज 11 साल बाद अजय देवगन की इस फ्रैंचाइज़ का अंतिम चैप्टर रिलीज़ हो चुका है. बावजूद इसके, सैम को अपने हिस्से का क्लोज़र नहीं मिला. उसकी आत्मा अब भी विजय सलगांवकर की चाल और मीरा देशमुख के बदले के बीच कहीं भटक रही. मगर दूसरी तरफ़, फिल्म में इस किरदार को निभाने वाले ऋषभ चड्ढा ज़िंदगी में आगे बढ़ चुके हैं. उन्होंने एक्टिंग से होते हुए अब स्टोरीटेलिंग और पोएट्री का रास्ता पकड़ लिया है.
कौन हैं 'दृश्यम' में सैम बने ऋषभ चड्ढा, जिन्हें अजय देवगन ने 11 सालों में इंसाफ नहीं मिलने दिया?
सैम का रोल करने वाले ऋषभ चड्ढा को 150 से ज़्यादा ऐड फिल्म्स, कई वेब सीरीज़ और टीवी शोज़ में काम मिला. नहीं मिला, तो सिर्फ इंसाफ!

# शाहरुख वाला फॉर्मूला अपनाया
1994 में पैदा हुए ऋषभ अपने एक्टर बनने का श्रेय दो लोगों को देते हैं. अव्वल, उनकी मां और दूसरे, शाहरुख खान. ऋषभ की मां ही वो पहली शख्स थीं, जिन्होंने उन्हें एक्टर बनने के लिए मोटिवेट किया. वहीं शाहरुख को देख उन्होंने ये समझा कि अगर वो शुरुआती दिनों में नेगेटिव रोल्स करने का रिस्क लेते हैं, तो उनके लिए अपनी अलग पहचान बनाना आसान होगा. अपनी इसी प्लानिंग के तहत उन्होंने 'दृश्यम' में नेगेटिव रोल करना चुना.
# डिज्नी की आंखों का तारा
ऋषभ को अपना पहला बड़ा एक्टिंग ब्रेक 'अलादीन' से मिला था. 2007 में टेलीकास्ट हुए ज़ी टीवी के इस शो में उन्होंने नन्हे का रोल किया था. तब वो स्कूल में थे और पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिंग किया करते थे. 2011 में उन्होंने डिज्नी के शो 'बेस्ट ऑफ लक निक्की' में काम किया. ये अमेरिकन सीरीज़ 'गुड लक चार्ली' का इंडियन अडैप्टेशन था. इसके बाद उन्होंने डिज्नी के एकाध शोज़ और किए. वहां की मैनेजमेंट को उनका काम पसंद आया, तो उन्होंने ऋषभ को अपनी फिल्म ऑफर कर दी. फिल्म का नाम- 'खूबसूरत'.
2014 में रिलीज़ हुई इस मूवी में सोनम कपूर और फवाद खान लीड रोल्स में थे. वहीं ऋषभ ने सोनम के भाई कबीर का किरदार निभाया था. वैसे तो फिल्मों में उनका मेजर ब्रेक इसी रोल को कहा जाता है. मगर इससे पहले वो 2011 में जॉन अब्राहम और अक्षय कुमार की 'देसी बॉय्ज़' में भी नज़र आ चुके थे. इसमें उनके एकाध सीन थे, जिसे उन्होंने केवल इसलिए किया ताकि वो अक्षय की फिल्म में फीचर हो सकें.
# ‘दृश्यम’ देख प्रिंसिपल बोले- “फोन अंदर रखो”
ख़ैर, इन सभी प्रोजेक्ट्स के बाद 2015 में उनके हाथ लगी 'दृश्यम'. इस मूवी में उन्होंने तबु और रजत कपूर के बिगड़ैल बेटे समीर देशमुख उर्फ सैम का रोल किया था. उनका किरदार फिल्म में विजय सलगावंकर की बेटी अनु से बद्तमीज़ी करता है. यही नहीं, वो फोन से उसका MMS बनाकर लीक करने की धमकी देता है. इसी धमकी से घबराकर अनु उसके सर पर रॉड मार देती है, जिससे सैम की मौत हो जाती है. आगे विजय सलगांवकर क्या करता है, ये सबको पता है.
वैसे, ऋषभ इस फिल्म से जुड़ा एक मज़ेदार किस्सा सुनाते हैं. उनके मुताबिक, 'दृश्यम' की रिलीज़ के बाद उन्हें एक बार किसी स्कूल फ़ंक्शन में बतौर गेस्ट बुलाया गया था. जब वो स्टेज पर बच्चों को अड्रेस करने पहुंचे, तो प्रिंसिपल ने उनकी चुटकी लेते हुए कहा- "तुम अपना फोन अंदर ही रखो तो अच्छा है." ये ‘दृश्यम’ में उनके MMS वाली धमकी का रेफरेंस था.

# ‘दृश्यम’ के बाद क्या हुआ?
देखा जाए तो 'दृश्यम' फ्रैंचाइज़ में सैम का किरदार 15 मिनट के लिए भी स्क्रीन पर नहीं आया. मगर उसका इम्पैक्ट ऐसा है कि आज 11 साल बाद भी उसके नाम पर फिल्म बन रही है. और करोड़ों कमा रही है. ऋषभ बताते हैं कि इस चर्चा से उन्हें काफी पुश मिला. उन्हें पहले से ज़्यादा ऑफर्स मिलने लगे. लोगों ने उन्हें सीरियस एक्टर मानना शुरू कर दिया. यही नहीं, उन्हें एक के बाद एक नेगेटिव रोल्स दिए जाने लगे. हालांकि ऋषभ ने उन्हें मना कर दिया. वो टाइपकास्ट नहीं होना चाहते थे. इसलिए 'दृश्यम' के बाद उन्होंने हॉरर, कॉमेडी और ड्रामा जैसे अलग-अलग जॉनर्स में हाथ आजमाया. 2018 में वो जावेद जाफ़री और विजय राज़ की सुपरनैचुरल हॉरर फिल्म 'लुप्त' में नज़र आए. 2026 में उन्होंने जॉम्बी हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'ज़ोर' में लीड रोल किया. मगर इन सबके बीच उन्होंने फिल्मों में ज़्यादा काम नहीं किया.
# टीवी शोज़, वेब सीरीज़ और बहुत कुछ
फिल्में न करने का मतलब ये नहीं कि ऋषभ को काम नहीं मिला. उन्होंने टीवी और OTT पर पांव जमाना शुरू कर दिया. वो 'कोटा टॉपर्स' और 'आदत से मजबूर' जैसे टीवी शोज़ में नजर आए. साथ ही उन्होंने 'शादी बॉय्ज़', 'बॉय्ज़ विद टॉय्ज़', 'भूत पूर्व', 'इल्लीगल' और 'डायवॉर्स के लिए कुछ भी करेगा' जैसी वेब सीरीज़ में भी काम किया. इसके साथ वो अलग-अलग ब्रैंड्स के 150 से अधिक टीवी ऐड्स में भी नजर आ चुके हैं. हालांकि वो जहां कहीं भी दिखते हैं, लोग उन्हें हमेशा 'दृश्यम' से ही जोड़कर देखते हैं.
# सैम को इंसाफ़ नहीं मिला
एक बार किसी इंटरव्यू में ऋषभ से पूछा गया कि अगर वो एक्टर नहीं होते, तो क्या करते? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि तब वो स्टोरीटेलर बनना चाहते. कैमरे के सामने करीब 20 साल निकाल चुके ऋषभ इन दिनों वही काम कर रहे हैं. उनका 'मॉडर्न मजनू' नाम से एक रॉम-कॉम स्टोरीटेलिंग सेटअप भी है. साथ ही वो अलग-अलग टॉपिक्स पर कहानियां और कविताएं सुनाते हैं. उनके सोशल मीडिया पर इन दिनों उनकी मूवीज़ या सीरीज़ से ज्यादा उनके वही किस्से छाए रहते हैं. हालांकि किसी भी वीडियो का कमेंट सेक्शन खोलें तो लोग उनसे यही कहते दिखाई देंगे- “सैम भाई, आपको इस बार भी इंसाफ़ नहीं मिला.”
वीडियो: 'दृश्यम 3' से अक्षय खन्ना किस वजह से बाहर हुए?












