अगर इस गर्मी में AC लगाने का प्लान कर रहे हैं तो कुल अमाउन्ट पर डेढ़ ईएमआई ज्यादा देने को तैयार रहिए. 35 हजार के एयर कंडीशनर पर 5 हजार एक्स्ट्रा खर्च करना पड़ेंगे. अरे-अरे ये कोई मोटा ब्याज नहीं है. अलग से स्टेबलाइज़र लगाने का खर्च भी नहीं. ये तो इंस्टालेशन का खर्च है जो 5 क्या 12 हजार भी हो सकता है. लेकिन वो तो 1800-2000 होता है. दुकान वाले भईया भी इतना ही बताते हैं और ऑनलाइन में भी इतना ही लिखा होता है. थोड़ा बहुत तार और पाइप का जोड़ लें तो 2500 से ज्यादा क्या ही होगा.
AC लगवाने वाले हैं तो डेढ़ ईएमआई एक्स्ट्रा देनी होगी, फिटिंग चार्ज का खेल बजट बिगाड़ रहा
AC लगाने का चार्ज कंपनियों के लिए एक किस्म की एक्स्ट्रा आमदनी जैसा हो गया है. खुल्लम-खुल्ला लूट (AC installation costs are nothing but scam) चल रही है. 1800-2500 दिखने वाला चार्ज 5 हजार से 12 हजार तक पहुंच जाता है. क्योंकि मामला सीधे-सीधे वारंटी से जुड़ा है तो ग्राहक कुछ कर भी नहीं सकता. लेकिन एसी ऑर्डर करने से पहले जरूर कुछ हो सकता है.


ऐसा हमें लगता है लेकिन हकीकत इससे एकदम उलट है. स्प्लिट एयर कंडीशनर लगाने का चार्ज कंपनियों के लिए एक किस्म की एक्स्ट्रा आमदनी जैसा हो गया है. क्योंकि मामला सीधे-सीधे वारंटी से जुड़ा है तो ग्राहक कुछ कर भी नहीं सकता. कुछ उदाहरण से समझते हैं.
# हमारे एक साथी हैं, उन्होंने AC लगवाने के 12 हजार रुपये दिए हैं.
# एक दोस्त ने अभी AC लगवाया तो 4650 रुपये देना पड़े.
# पत्रकार Jeet Mashru ने भी सोशल मीडिया पर बताया कि AC लगाने का खर्च 5 हजार आ रहा है.

# मैराथान रनर Viveka Shenoy ने AC लगवाने के 11500 रुपये दिए हैं.

तमाम उदाहरण हैं जो बताते हैं कि कैसे कंपनियों द्वारा ग्राहक की मजबूरी और नासमझी का पूरा फायदा उठाया जा रहा है. अगर कंपनी की जगह बाहर से इंस्टालेशन करवाया तो गैस और वारंटी का दरेरा दिया जाता है. माने पहली बार तो एसी कंपनी ही लगाएगी. आपको लगेगा कि जो एक्स्ट्रा पाइप या स्टेंड लगता है, उसकी वजह से चार्ज ज्यादा होंगे.
हां चार्जेस इसी की वजह से ज्यादा हैं मगर जो कीमत इस सामान की वसूली जा रही है वो दोगुनी है. उदाहरण के लिए एसी की आउटर यूनिट का स्टेंड कंपनी की तरफ से 850 प्लस जीएसटी में दिया जाता है, वही ई-कॉमर्स पर 450 रुपये में मिल जाता है. मगर जो आपने ये मंगा लिया तो खराब क्वालिटी कहकर उसे लगाया नहीं जाएगा. बड़ा स्टेंड लगेगा तो वो 1800 प्लस जीएसटी माने 2124 रुपये देना होंगे. 3 मीटर का कॉपर पाइप बाजार में 990 रुपये मीटर है मगर कंपनी 1800-2000 रुपये वसूल रही है.

अगर छोटे स्टेंड के साथ एसी यूनिट के साथ आए पाइप से फिटिंग हो गई तो 2500 कम से कम लगेंगे. मगर ऐसा होता नहीं है और जैसे ही कुछ एक्स्ट्रा लगा तो चार्जेस 5000 पहुंच जाना है. कमरे की डिजाइन की वजह से अगर आउटर यूनिट थोड़े दूर लगानी पड़ी तो फिर तो मामला हजारों में पहुंच जाएगा. एसी एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसकी फिटिंग का खर्च कंपनी के आदमी के आने के बाद ही पता चलता है, तो फिर मनमाने चार्जेस देना मजबूरी हो जाती है. कंपनियां तो सुनती नहीं, ऐसे में आप क्या करें.

मोहल्ले से एक मैकेनिक पकड़िए और उसे एसी लगाने की जगह दिखाकर खर्चा पूछ लीजिए. अगर ठीक-ठाक आ रहा तो आगे बढ़िए. इंस्टालेशन अगर खर्चे वाला है तो एसी ऑनलाइन खरीदिए क्योंकि इसमें रिटर्न विंडो होता है. अगर इंस्टालेशन नहीं जमा तो वापस कर दीजिए. वापस करने जाएंगे तो फिर चांस हैं कि कंपनी डिस्काउंट दे. क्रेडिट कार्ड से ऑर्डर कीजिए तो वापस करने में दिक्कत नहीं होगी. इतने जतन करने के बाद भी बात नहीं बनती तो विंडो एसी लगा लीजिए. उसका फिटिंग चार्ज नॉर्मल होता है. और हां, एक जरूरी बात. एसी हमेशा भरी गर्मी में नहीं बल्कि फरवरी या अक्टूबर में लगवाइए. आपके पास सोचने का खूब टेम रहेगा. अप्रैल में हमारा बताया ज्ञान पसीने में बह जाएगा.
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