अहमदाबाद (Ahmedabad) के एक व्यापारी के पास दो दिन से बैंक से कोई OTP नहीं आ रही थी. व्यापारी को गड़बड़ी का शक हुआ तो वो पुलिस के पास पहुंचे. पता चला कि उनके साथ तो फ्रॉड हो गया है. उनके आधार से छेड़छाड़ करके लोन ले लिया गया. साइबर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को धर भी लिया है. इतना पढ़ते ही आप कहोगे कि इसमें क्या नया है. बिना ओटीपी वाले फ्रॉड भी आजकल कॉमन हैं. ठीक बात, मगर इसमें जो कॉमन नहीं है वो है AI. ठगी के लिए इस बार डीपफेक (deepfakes to bypass Aadhaar checks) वीडियो का इस्तेमाल हुआ है.
AI वीडियो से व्यापारी के साथ ठगी, आधार फिंगरप्रिंट तक बदल दिया, बस ये एक काम आपको बचाएगा
आधार (Aadhaar) वेरीफिकेशन को बाइपास करने के लिए ठगों ने व्यापारी के डीपफेक वीडियो (deepfakes to bypass Aadhaar checks) का इस्तेमाल किया. धोखाधड़ी को इतने स्वाभाविक तरीके से अंजाम दिया गया कि पुलिस भी आश्चर्यचकित रह गई. डीपफेक वीडियो कि मदद से उनके आधार में रजिस्टर मोबाइल नंबर को बदला गया और नया बैंक अकाउंट खोलकर 25 हजार का लोन लिया गया.


आधार (Aadhaar) वेरीफिकेशन को बाइपास करने के लिए ठगों ने व्यापारी के डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल किया. धोखाधड़ी को इतने स्वाभाविक तरीके से अंजाम दिया गया कि पुलिस भी आश्चर्यचकित रह गई.
ओटीपी नहीं तो AI सहीगिरफ्तार किए गए चारों व्यक्तियों की पहचान कनुभाई परमार, आशीष वनंद, मोहम्मद कैफ पटेल और दीप गुप्ता के रूप में हुई है. चारों ने व्यापारी के डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल करके पहले आधार बायोमेट्रिक (आंख और उंगलियों के निशान) को बाइपास किया और फिर उनके नाम पर लोन ले लिया. डीपफेक वीडियो कि मदद से उनके आधार में रजिस्टर मोबाइल नंबर को बदला गया और नया बैंक अकाउंट खोलकर 25 हजार का लोन लिया गया.
साइबर पुलिस की जांच में पता चला कि ठगों ने व्यापारी का डीपफेक वीडियो बनाने के लिए गूगल के एआई असिस्टेंट Gemini का इस्तेमाल किया. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि कई सारे AI ऐप्स की मदद से इंसान के हुबहु दिखने वाले वीडियो बनाए जा सकते हैं. ऐसा करने के लिए बस उस इंसान का कोई फोटो या वीडियो मोबाइल में होना जरूरी है. कई सारे सेलिब्रिटी जैसे रश्मिका मंदन्ना, भुवन बाम इसके शिकार हो चुके हैं. आपके मन में सवाल होगा कि सेलिब्रिटी का तो समझ में आता है मगर व्यापारी का डिटेल कहां से मिला.
गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक कॉमन सर्विस सेंटर में काम करता था और उसने कथित तौर पर आधार सिस्टम और आधिकारिक किटों तक अपनी पहुंच का दुरुपयोग करके मोबाइल नंबर बदलने का काम अंजाम दिया. किट से मतलब आधार सेंटर पर लगे रहने वाले कैमरे और फिंगरप्रिन्ट मशीन. इसके बाद ठगों ने कहीं से व्यापारी का आधार नंबर जुगाड़ा और फिर डीपफेक वीडियो की मदद से डिटेल्स बदल दिए.
अपराधियों ने तीन बैंकों में e-KYC की मदद से बैंक अकाउंट ओपन करने की कोशिश की और वो Jio Payments Bank में ऐसा करने में सफल हुए. यहां से उन्होंने 25 हजार का लोन भी लिया. आपके साथ ऐसा नहीं हो उसके लिए 'अनिवार्य' है कि आप आपने आधार पर ताला मारकर रखें.
आधार को सेफ रखने का सबसे अच्छा तरीका बायोमेट्रिक को लॉक रखना है. आप इसके लिए mAadhaar app या New Aadhaar App का इस्तेमाल कर सकते हैं. आधार की वेबसाइट पर भी लॉगिन करके ऐसा किया जा सकता है. बायोमेट्रिक लॉक का ऑप्शन आपको ऐप की होम स्क्रीन पर मिल जाएगा. ताला लगा होने से कोई अभी आपके फेस या फिंगरप्रिन्ट को आपकी मर्जी के बिना एक्सेस नहीं कर सकता. जब भी e-KYC या किसी और जगह पर बायोमेट्रिक की जरूरत हो तो बस ऐप में जाकर इसे ऑफ कर दीजिए.
इसके साथ बैंक में Aadhaar Enabled Payment System (AePS) को भी बंद रखिए अगर आपको उसकी जरूरत नहीं. AePS का मतलब आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम है, जिसके जरिए आप सिर्फ अपने आधार नंबर और फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) का उपयोग करके किसी भी सरकारी या निजी बैंक से पैसे निकाल सकते हैं, बैलेंस चेक कर सकते हैं और पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं.
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