महाराष्ट्र का पालघर. पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है. वजह है- दो साधुओं और उनके ड्राइवर की मॉब लिंचिंग. घटना सामने आने के बाद से राजनीतिक रस्साकशी भी तेज है. मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की जा रही है. इसी क्रम में टि्वटर पर कुछ लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप प्रभु और उनकी पत्नी शिराज बलसारा के खिलाफ ट्वीट किए. ये दोनों पालघर में रहते हैं. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि ये पालघर मॉब लिंचिंग के आरोपियों को जमानत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं.
TISS के दो प्रोफेसर्स की फोटो किसी और के नाम के साथ जोड़कर वायरल की जा रही है
पालघर मॉब लिंचिंग को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है
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