ट्रोल्स पाकिस्तान को ट्रोल करें, दुत्कारें, फटकारें, लानतें भेजें, यहां तक चलो ठीक है. लेकिन कई बार ‘वहां’ के बाशिंदों के प्रति हमारी सोच हमसे कुछ ऐसा करवा देती है जो सुनने और देखने में तो बहुत अच्छा लगता है, फील गुड वाला एहसास भी देता है, लेकिन होता लॉजिक से परे है. तब हमें ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से पढ़ के आए हो’ जैसी टिप्पणियां झेलनी पड़ती हैं. और इसी सबसे बचने के लिए हम लेकर आते हैं एक्सप्लेनर्स. ताकि अब अगर कोई आपका मज़ाक़ उड़ाए तो आप, “पता है, पता है!” कहकर उसे दो ज्ञान की बातें एडिशनल बता सकें और अपनी ट्रोलिंग (गुड फ़ेथ वाली) जारी रख सकते हैं. देखें वीडियो.
मीमर्स ने उड़ाया मज़ाक, पाकिस्तानी कोई युद्ध तो जीते नहीं फिर ये मेडल क्या लाहौर मार्केट से उठा लाए?
क्या सच में पाकिस्तानी आर्मी ने फर्ज़ी के मेडल और तमगे टांग दिए?
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