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AI ने बैंक की नौकरियां खाना शुरू किया, ब्रिटेन का BARCLAYS 5000 कर्मचारियों को निकालेगा

ब्रिटेन के बड़े बैंकों में शामिल बार्कलेज 2026 के आखिर तक दुनियाभर में करीब 5 हजार पद खत्म करने की तैयारी में है. खर्च घटाने और कामकाज में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए हो रही इस कटौती का असर भारत में बैंक के बैक-ऑफिस विभागों पर भी पड़ सकता है.

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बार्कलेज अपने यहां 5 हजार नौकरियां खत्म करेगा. (फोटो- India today)

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  • BARCLAYS बैंक ने 2026 के अंत तक कुल 5 हजार नौकरियां खत्म करने का निर्णय लिया है, जिसमें से अब तक 1 हजार नौकरियां खत्म हो चुकी हैं और यह कुल कर्मचारियों का 5 प्रतिशत है।
  • बैंक की छंटनी का कारण एआई आधारित तकनीक को अपनाकर कामकाज को आधुनिक और किफायती बनाना है, जिसकी रणनीति पिछले तीन साल से चल रही है और इसमें खर्च घटाना प्रमुख है।
  • इस छंटनी योजना से बैंक को 2027 तक 1.1 अरब पाउंड की बचत होने का अनुमान है, जबकि इससे ब्रिटेन और भारत दोनों में बैक-ऑफिस विभागों में असर पड़ सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने लोगों की नौकरियां खाना शुरू कर दिया है. ब्रिटेन के सबसे बड़े बैंकों में से एक BARCLAYS अपने यहां 5 हजार नौकरियां खत्म करने जा रहा है. कर्मचारियों को इस बारे में बता दिया गया है.

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बैंक की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक कुल एक हजार नौकरियां खत्म की जा चुकी हैं. बैंक का टारगेट है कि 2026 के आखिर तक 4 हजार और पदों में कटौती की जाए. ये आंकड़ा बैंक में काम करने वाले कुल कर्मचारियों का 5 फीसदी है. इतने बड़े पैमाने पर छंटनी के पीछे की वजह बताई गई कि बैंक अपने कामकाज को ज्यादा आधुनिक और बेहतर बनाने के साथ-साथ खर्च घटाने के लिए एआई के इस्तेमाल की ओर बढ़ रहा है.

किन की नौकरी जाएगी?

टीओआई ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि नौकरियों में होने वाली इस कटौती का 60 फीसदी हिस्सा सपोर्ट से जुड़े विभागों में होगा. बैंक ने इस हफ्ते जारी एक प्रेजेंटेशन में खुद ये जानकारी दी है. उसने बताया कि नौकरियों की कटौती के शिकार हुए लोगों में ज्यादातर डेवलपर्स या टेक्नॉलजी से जुड़े रोल में हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, छंटनी का एक बड़ा हिस्सा भारत में BARCLAYS बैंक के कामकाज पर असर डालेगा. 

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रिपोर्ट के मुताबिक, BARCLAYS का खर्च घटाने का ये प्रोग्राम खासतौर पर ब्रिटेन में उसके रिटेल बैंकिंग कारोबार पर फोकस्ड है. हालांकि, ब्रिटेन के कारोबार को सपोर्ट देने वाले कुछ बैक-ऑफिस डिपार्टमेंट भारत में भी हैं. ऐसे में नौकरियों में होने वाली कटौती का एक बड़ा हिस्सा भारत में भी होने की आशंका है.

छंटनी पर बैंक का क्या कहना है?

नौकरियों में इतनी बड़ी छंटनी को लेकर उठ रहे सवालों को शांत करने की कोशिश भी बैंक ने की है. BARCLAYS ने बताया कि बैंक अपने कामकाज को टेक्नॉलजी की मदद से आसान बनाने और उसकी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है. इसके लिए बैंक की फंक्शनिंग में एआई का रोल बढ़ने की उम्मीद है. बताया गया कि पिछले तीन साल से बैंक अपना खर्चा घटाने के काम में लगा है. 5 हजार लोगों की छंटनी इस प्रोग्राम का आखिरी हिस्सा है. बैंक को उम्मीद है कि इन उपायों से 2027 में उसे 1.1 अरब पाउंड की अतिरिक्त बचत होगी.

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सीईओ बोले- 'AI केक पर लगी आइसिंग'

एआई के नौकरियां खाने के सवाल पर BARCLAYS ग्रुप के सीईओ सीएस वेंकटकृष्णन ने कहा कि बैंक आधुनिक टेक्नॉलजी में निवेश करना चाहता है. कामकाज को आसान बनाना चाहता है. नौकरियों में कटौती इसी योजना का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि एआई की भूमिका अहम है. आगे और भी हो सकती है. वो बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल भी करेंगे.

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