ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई जिंदा भी हैं या नहीं? ये सवाल सिर्फ डॉनल्ड ट्रंप के मन में नहीं है. पूरी दुनिया जानना चाहती है कि मोजतबा आखिर दिखते क्यों नहीं? अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं दिखे. मोजतबा की हालत के बारे में सिर्फ उनके मंत्रियों और करीबियों के बयानों से ही इशारा मिलता है. इसी सिलसिले में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि और वरिष्ठ डिप्लोमेट अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया है कि मोजतबा न सिर्फ जिंदा हैं बल्कि एकदम ठीक हैं और अपना काम कर रहे हैं.
'हेल्दी' मोजतबा खामेनेई दुनिया के सामने क्यों नहीं आते? वजह पता चल गई
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत और उनके सार्वजनिक तौर पर नजर न आने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

इलाही ने कहा,
मोजतबा की हालत एकदम ठीक है. वह काफी अच्छे तरीके से काम कर रहे हैं. हमारे राष्ट्रपति ने भी बताया था कि पिछले हफ्ते उनकी मोजतबा खामेनेई के साथ 7 घंटे तक मीटिंग हुई थी.
इलाही के मुताबिक, ईरान की संसद के स्पीकर भी मोजतबा से कई घंटे तक मिले थे. उनके कुछ दोस्तों ने भी उनसे मुलाकात की है. सबने भरोसा दिलाया है कि मोजतबा की सेहत बहुत अच्छी है और वो अच्छी तरह से काम कर रहे हैं.
इलाही के चौंकाने वाले दावेइलाही ने एक चौंकाने वाला दावा ये किया कि मोजतबा अपने दिवंगत पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे. पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा थी कि मोजतबा अपने पिता अयातुल्ला के कफन-दफन में क्यों नहीं दिखे? इसने उनकी भी मौत होने की अफवाह को और ज्यादा बल दिया था. लेकिन इलाही का कहना है कि मोजतबा अपने पिता के अंतिम संस्कार में आए थे. सिक्योरिटी रीजन से वह मीडिया के सामने नहीं आए और उन्हें वहां किसी ने नहीं देखा.
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अयातुल्ला को जब दफनाया जा रहा था, उस समय वो ईरान में थे और उनकी मुलाकात मोजतबा के दो भाइयों से हुई थी. मोजतबा खामेनेई भी वहां मौजूद थे. इलाही ने जोर देकर एक और बात कही कि कई बार मोजतबा रात में सड़कों पर भी निकलते हैं.
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ईरान चला कौन रहा है?बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. मोजतबा भी इस हमले में घायल हुए थे. इस घटना को 8 महीने पहले हो गए हैं लेकिन इसके बाद से ही मोजतबा सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं. उनके इस ‘गायब होने’ पर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी महीने की शुरुआत में तंज किया था कि अमेरिका-इजरायल की जंग के 8 महीने होने के बाद भी पता नहीं है कि ईरान की सत्ता कौन चला रहा है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के सारे नेता खत्म हो गए. उनकी दूसरी पंक्ति के नेता भी मारे गए हैं लेकिन उनकी सबसे बड़ी समस्या ये है कि किसी को नहीं पता कि आखिर ईरान चला कौन रहा है.
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