युवराज सिंह. वो आदमी जिसका कहना है कि 'धोनी भूखा मरेगा', उसका बेटा. वो आदमी जिसने एक ओवर में हर गेंद पर उतने रन बटोरे जितने बटोरे जा सकते थे. वो आदमी जिसने दुनिया के सबसे तेज़ पचास रन बनाये. वो आदमी जिसने खून की उल्टियां करते-करते वर्ल्ड कप जितवाया. वो आदमी जिसने अपने जीवन का सबसे बड़ा मैच कैंसर के साथ खेला और उसे बा-कायदे हराया. टीम में वापस अपनी जगह मेंटेन करने की हर कोशिश कर रहा है. इसी कोशिश के क्रम में इंग्लैंड के खिलाफ़ दूसरे वन-डे में 150 रन मार दिए. "नाई पादिस तौ नाई पादिस. जब पादिस तौ पईजामा फाड्डालिस" वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए. 295 वन-डे मैच खेल चुके युवराज सिंह ने इन्हीं 150 रन के दम पर जून में होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए अपनी दावेदारी ठोंक दी है. युवराज की इससे पहले वाली सेंचुरी लगभग 6 साल पहले आई थी. लगभग 70 महीने पहले. ठीक ठीक 304 हफ़्ते और 4 दिन पहले. ठीक ठीक 2132 दिन. इतने दिनों में दुनिया बहुत बदली है. बेतहाशा बदली है. युवराज खुद काफ़ी बदले हैं. वो अब शादीशुदा हैं. थोड़े शिथिल भी हो चले हैं. खुद कहते हैं कि 30 की उमर के बाद शरीर को औकात में रखना पड़ता है. युवराज की पिछली दो सेंचुरीज़ के बीच में ये जो गैप था, इसमें क्या क्या हुआ, देखते हैं:
वन-डे मैचों में कुल 409 सेंचुरी मारी गयी हैं.
कोहली ने 22 वन-डे सेंचुरी मारी हैं.
14 इंडियन बैट्समेन ने वन-डे मैचों में सेंचुरी मारी है.
रोहित शर्मा ने 2 डबल सेंचुरी मारी हैं.
वन-डे में 26 नए इंडियन प्लेयर्स खेलने के लिए आये हैं.
62 कप्तान बदल चुके हैं.
इंडियन टीम के तीनों फॉर्मैट्स में कोहली कप्तान बन चुके हैं.
सचिन, माइकल क्लार्क, मिसबाह उल हक़, सहवाग, शेन वाटसन, संगक्कारा, विटोरी, जयवर्धने, ग्रीम स्मिथ, ज़हीर खान, ब्रेट ली वन-डे मैचों से रिटायर हो गए हैं.
कैप्टन अमेरिका ने अपनी शील्ड छोड़ दी है
जॉन स्नो मर के फिर वापस आ गया
नोटबंदी, मितरों!
गैंग्स ऑफ़ वासेपुर रिलीज़ हुई
मेरी इंजीनियरिंग पूरी हुई
लल्लनटॉप शुरू हुआ
