दुनिया के नंबर-3 बैडमिंटन खिलाड़ी एंडर्स एंटनसन (Anders Antonsen) ने इंडिया ओपन बैडमिंटन से अपना नाम वापस ले लिया है. उन्होंने टूर्नामेंट से हटने की वजह दिल्ली के प्रदूषण को बताया है. डेनमार्क के इस खिलाड़ी ने पिछले हफ्ते टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था. लेकिन, तब उन्होंने कारण नहीं बताया था. ज्यादातर लोग टूर्नामेंट से हटने की वजह जानना चाह रहे थे. 14 जनवरी को उन्होंने सोशल मीडिया एक पोस्ट शेयर की. इसमें उन्होंने टूर्नामेंट से हटने के बारे में डिटेल में बताया. यह लगातार तीसरा साल है, जब डेनमार्क के स्टार खिलाड़ी ने सुपर 750 से अपना नाम वापस ले लिया.
दिल्ली के प्रदूषण को कारण बता इंडिया ओपन से हटे विदेशी प्लेयर, श्रीकांत ने दिखाया आईना
बैडमिंटन के चैंपियन खिलाड़ी Anders Antonsen इंडिया ओपन 2026 से हट गए हैं. उन्होंने पिछले हफ्ते टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया, लेकिन तब कारण नहीं बताया था. वहीं, अब एंटोनसेन ने इंडिया ओपन से हटने की वजह बताई है.


एंटनसन के इस फैसले के बाद, सर्दियों के महीने में दिल्ली के टॉप टियर स्पोर्टिंग वेन्यू के तौर पर बहस छिड़ गई है. हाल ही में मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले डेनिस खिलाड़ी ने दिल्ली की बुराई करने में कोताही नहीं बरती. उन्होंने इंस्टाग्राम पर दिल्ली के एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्क्रीन शॉट शेयर किया, जो 300 और 400 के बीच है. एंटनसन ने लिखा,
बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि मैंने लगातार तीसरे साल इंडिया ओपन से अपना नाम वापस क्यों लिया? इस समय दिल्ली में बहुत अधिक प्रदूषण है. इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह शहर प्रोफेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट के लिए सही जगह है.

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BFW) के नियमों के मुताबिक, दुनिया के टॉप-15 सिंगल्स खिलाड़ियों सुपर 750 टूर्नामेंट में भाग लेना होगा. अगर उन्होंने हिस्सा नहीं लिया तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा. खेल से ज्यादा अपनी हेल्थ को तरजीह देने वाले एंटनसन ने स्वीकार किया कि उन पर एक बार फिर 5 हजार अमेरिकी डॉलर का फाइन लगाया गया है.
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एंटनसन शिकायत करने वाले अकेले प्लेयर नहींएंडर्स एंटनसन पहले खिलाड़ी नहीं हैं, जिन्होंने दिल्ली के प्रदूषण को लेकर ऐसी शिकायतें की हैं. डेनमार्क की ही महिला खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने भी पिछले साल इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अपने पहले राउंड के मैच के बाद तीखी आलोचना की थी. इस दौरान ब्लिचफेल्ट ने एरीना के साइज की तारीफ की थी, लेकिन हालात को अनहेल्दी और अनप्रोफेशनल बताया था. इसी बीच, उन्होंने साफ-सफाई की कमी और हॉल के अंदर पक्षियों की मौजूदगी पर भी चिंता जताई थी.
ऐन वक्त पर खिलाड़ियों का टूर्नामेंट से हटना बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लिए सेंसटिव मामला है. मौजूदा टूर्नामेंट को 2026 BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए 'टेस्ट रन' माना जा रहा है. 2026 वर्ल्ड BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप इसी साल अगस्त महीने में दिल्ली में आयोजित की जाएगी. ऐसा माना जा रहा है कि गर्मियों में सर्दियों के मुकाबले स्मॉग कम होगा और हवा की क्वालिटी बेहतर होगी.
किदांबी श्रीकांत ने सुनाई खरी-खरीकिदांबी श्रीकांत ने टूर्नामेंट की व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले खिलाड़ियों की बातों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें आयोजन स्थल पर कुछ भी खराब नहीं लगा. इस दौरान श्रीकांत ने कहा कि हर देश की अपनी कंडीशन्स होती हैं. कहीं शटल में ज्यादा ड्रिफ्ट होता है तो कहीं कम. मुझे यहां पर ऐसा कुछ नजर नहीं आया, जिसे खराब कहा जाए. इस बीच, उन्होंने याद दिलाया कि एक बार डेनमार्क में मैच के दौरान लाइट चली जाने से उन्हें एक घंटे इंतजार करना पड़ा. वहीं, एचएस प्रणय को एक मैच दो दिन में पूरा करना पड़ा था.
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