The Lallantop

जोहांसबर्ग में महामुकाबला, IND Vs Pak मैच की पिच कैसी होगी? अभी ही पता चल गया

भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड कप 2027 में वांडरर्स की पिच पर होने वाले मैच का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. आम तौर पर इस पिच पर बैटर्स को फायदा मिलता है और जमकर रन बनते हैं. पिच को लेकर अभी से अटकलें लगने लगी हैं.

Advertisement
post-main-image
भारत और पाकिस्तान के बीच अगले साल 10 अक्टूबर को वर्ल्ड कप मैच खेला जाएगा. (Courtesy: PTI)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच 10 अक्टूबर को जोहांसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में होगा, जहां दोनों टीमें आमने सामने होंगी।
  • वांडरर्स की पिच शुरुआत के 10 ओवर में तेज गेंदबाजों के लिए स्विंग और बाउंस प्रदान करती है, जिससे शुरुआती विकेट गिरने के ज्यादा मौके होते हैं।
  • मैच की दूसरी पारी में बैटिंग करना आसान माना जाता है क्योंकि पिच पर गेंदबाजी की प्रभावशीलता कम हो जाती है, जिससे बड़े स्कोर की संभावना बढ़ जाती है।

वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के मैच का इंतजार पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस को रहता है. 50 ओवर्स के वर्ल्ड कप में पाकिस्तान आज तक भारत से न जीता हो फैंस को दोनों देशों के भिड़ने का बेसब्री से इंतजार होता है. क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 में भी दोनों देश जोहांसबर्ग में आमने सामने होंगे. यह मैच अगले साल 10 अक्टूबर को वांडरर्स स्टेडियम में खेला जाएगा. 

Advertisement

इस मुकाबले में टीम इंडिया को कैसी पिच मिलेगी? उसका थोड़ा बहुत अंदाज मिल गया है. वांडरर्स में खूब रन बनते हैं. यह बात पूरी दुनिया को पता है. साउथ अफ्रीका ने 20 साल पहले इसी ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI में 435 रनों का टारगेट चेज किया था. इसके बाद साउथ अफ्रीका ने यहां पर 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 439 रन बनाए थे. बीते कुछ सालों में वांडरर्स पर ODI की एक इनिंग्स में 350 प्लस का टोटल बनता रहा है. 

शुरुआती 10 ओवर होंगे मैच पलटने वाले 

वांडरर्स की पिच रनों से भरी है इसमें कोई शक नहीं है. फिर भी, यहां पहले 10 ओवर्स में बैटिंग करना चुनौतीपूर्ण है. शुरुआत के 10 ओवर में गेंद स्विंग करती है. तेज गेंदबाज पेस और बाउंस से कहर बरपाते हैं. इसलिए पहले शुरुआती ओवर्स में बैटर्स को संभलकर खेलना पड़ता है. बाद में जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, तो बैटिंग करना आसान हो जाता है. आंकड़े देखें तो जोहांसबर्ग में शुरुआत के 10 ओवर्स में औसतन 50 से 58 बनते हैं. 

Advertisement

हाल ही में 27 सितंबर को साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच जोहांसबर्ग में ODI मैच खेला गया. इस मैच के शुरुआती 10 ओवर्स में साउथ अफ्रीका के 51 रन पर 2 विकेट गिर गए थे. हालांकि, बाद में जब पिच आसान हुई, तो प्रोटियाज बैटर्स ने रनों का अंबार लगा दिया. साउथ अफ्रीका ने इस मैच में 9 विकेट में 365 रन बनाए थे. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने भी 333 रन स्कोर किए.

पहले बैटिंग करने से मिलेगा फायदा?

टीम इंडिया 369 दिनों बाद 2027 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ वांडरर्स में खेलेगी. अगर भारतीय टीम इस मैच की पहली इनिंग्स में बैटिंग करती है, तो उसके बैटर्स को पाकिस्तान के पेसर्स से सतर्क रहना होगा. शुरुआत के 10 ओवर्स में पाकिस्तान के पेसर्स को स्विंग, गति और बाउंस मिलेगा. ऐसे में विकेट गिरने के चांस ज्यादा हैं. अगर भारत ने शुरुआत के 10 ओवर्स में विकेट नहीं खोए, तो फिर टीम इंडिया को बड़ा टोटल करने से पाकिस्तानी बॉलर्स नहीं रोक पाएंगे.

ये भी पढ़ें: ‘भारत T20I में खतरनाक, पर वेस्टइंडीज भी पीछे नहीं’, अकील हुसैन ने बड़ी बात बोल दी

Advertisement

इसके अलावा अगर भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ बाद में बैटिंग करती है, तो उसके लिए बल्लेबाजी करना आसान होगा. क्योंकि, 50 ओवर्स के बाद पिच में पहली पारी वाली बात नहीं रहती. सेकेंड इनिंग्स में ज्यादातर बॉलर स्ट्रगल करते हैं. हाल ही में जब ऑस्ट्रेलिया वांडरर्स में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 366 रनों के टारगेट का पीछा कर रहा था, तो उसने 10 ओवर्स में बिना विकेट खोए 77 रन बनाए थे. इससे पता चलता है कि वांडरर्स में पहली पारी के मुकाबले दूसरी इनिंग्स में बैटिंग करना आसान है. 

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: श्रीसंत ने सचिन-सौरव के मजेदार किस्से सुनाए, भज्जी-गंभीर विवाद पर खुलकर बोले

Advertisement