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ईमानदारी पर सवाल उठाए जाने के बाद छलका ऋद्धिमान साहा का दर्द!

बंगाल क्रिकेट असोसिएशन से विवाद के बाद साहा ने बंगाल की तरफ से क्रिकेट नहीं खेलने का फैसला किया है.

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नई टीम के लिेए खेलेंगे साहा (PTI)

ऋद्धिमान साहा. पिछले कुछ समय से ये काफी चर्चा में हैं. कभी पत्रकार बोरिया मजूमदार द्वारा भेजे गए धमकी भरे मैसेज, तो कभी बंगाल क्रिकेट असोसिएशन से तनातनी. श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुने जाने पर कोच राहुल द्रविड़ और BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली को लेकर दिया गया बयान. साहा को हाल में चर्चा में रखने की वजहों में से एक रहे हैं. फिर हाल ही में उन्होंने बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने से भी मना कर दिया. और इसपर काफी बातें हुईं. अब साहा ने इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. साहा ने साफ कर दिया है कि वो बंगाल की टीम के लिए नहीं खेलेंगे.

साहा ने बोल दिया है कि रणजी नॉकआउट मुकाबले के लिए अगर उन्हें बंगाल की टीम में चुन भी लिया जाता है. तो भी वो उसमें हिस्सा नहीं लेंगे. साहा ने बताया कि वो दूसरी क्रिकेट असोसिएशन से बात कर रहे हैं. हालांकि अभी तक ये तय नहीं हुआ है कि वो किस टीम के लिए खेलेंगे. बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अविषेक डालमिया और मुख्य कोच अरुण लाल ने साहा को मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वो साहा के फैसले को बदल नहीं सके.

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ईमानदारी पर सवाल से हुए आहत

लगभग 15 साल तक बंगाल की टीम का हिस्सा रहे साहा ने कहा कि मेरी ईमानदारी पर सवाल उठाया जाना दुखद एहसास था. स्पोर्ट्स स्टार ने बात करते हुए उन्होंने कहा, 

‘बंगाल के लिए इतने लंबे समय तक खेलने के बाद मुझे इस तरह के हालात से गुजरना पड़ रहा है, मेरे लिए यह बहुत दुखद एहसास है. लोग जब आपकी ईमानदारी पर सवाल उठाते हैं और टिप्पणियां करते हैं, तो यह दिल दुखाने वाली बात होती है. एक खिलाड़ी के तौर पर, मैंने पहले कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया था. लेकिन अब जब ये हो गया है, तो मुझे भी आगे बढ़ने की जरूरत है.’

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साहा ने आगे कहा, 

‘मैंने अपना मन बना लिया था कि मैं बंगाल के लिए नहीं खेलूंगा. मैंने बंगाल क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष अविषेक डालमिया को फोन पर इसके बारे में बता दिया था. लेकिन, मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलूंगा और बंगाल टीम से अलग होने से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करूंगा और NOC हासिल करूंगा.’

साहा ने साल 2007 में बंगाल के लिए डेब्यू किया था. बंगाल क्रिकेट असोसिएशन के एक अधिकारी ने साहा की कमिटमेंट पर सवाल उठाए थे. जिससे आहत होकर उन्होंने बंगाल से 15 साल पुराना रिश्ता तोड़ लिया था.

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