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फीफा विश्वकप 2026 में सिर्फ एक गोल खाई थी स्पेन, पता है किसने मारा था?

फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया और उसे करने वाले इकलौते खिलाड़ी बेल्जियम के चार्ल्स डी केटेलेरे रहे. 25 वर्षीय अटैकिंग मिडफील्डर ने क्वार्टर फाइनल में स्पेन की अभेद्य डिफेंस को भेदकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

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बेल्जियम से मैच में स्पेन के खिलाफ इकलौता गोल आया था. (फोटो- YouTube)

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  • स्पेन ने 19 जुलाई 2026 को 1-0 से अर्जेंटीना को हराकर 16 साल बाद फीफा विश्व कप का खिताब अपने नाम किया, जिसमें स्पेन की मजबूत डिफेंस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • विश्व कप के दौरान स्पेन ने अधिकांश मैचों में गोल नहीं खाए, लेकिन क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के चार्ल्स डी केटेलेरे ने एकमात्र गोल कर उनके डिफेंस की अविजेता रेखा तोड़ी।
  • स्पेन की विश्व कप जीत के बाद चार्ल्स डी केटेलेरे की विपक्षी टीम के खिलाड़ी के तौर पर प्रशंसा हुई, और आगे के टूर्नामेंट में उनकी भूमिका पर ध्यान दिया जाएगा।

16 साल बाद स्पेन ने एक बार फिर से फीफा विश्व कप पर कब्जा कर लिया. 19 जुलाई 2026 को फाइनल मैच में एक्स्ट्रा टाइम तक खिंचे मुकाबले में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हरा दिया. क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ वाले मैच को छोड़ दें तो स्पेन ने किसी भी टीम के खिलाफ गोल न खाने का अपना रिकॉर्ड इस मैच में भी कायम रखा. स्पेन की डिफेंस ‘चीन की दीवार’ की तरह गोलपोस्ट के सामने ऐसे टिकी रही कि दुनिया भर के फुटबॉलर्स की गोल करने की हसरतें उससे टकराकर चकनाचूर होती रहीं. लेकिन इस पूरे विश्वकप में एक खिलाड़ी था, जिसने ‘अंबुजा सीमेंट’ से बनी लग रही स्पेन के डिफेंस का किला तोड़ दिया था. उस एक खिलाड़ी के हेडर से निकला गोल 2026 के फीफा विश्वकप का इकलौता ऐसा गोल था, जो स्पेन के खिलाफ लगा. जिसे उसके शानदार गोलकीपर उनाई साइमन बचा नहीं पाए. 

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कौन था वो खिलाड़ी?

स्पेन के डिफेंस को ध्वस्त करने वाले उस इकलौते खिलाड़ी का नाम है- चार्ल्स डी केटेलेरे. बेल्जियम के लिए खेलते हैं. ये बात 11 जुलाई 2026 की है. लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम में बेल्जियम और स्पेन के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला गया था. खेल शुरू होने के 30 मिनट तक दोनों ही टीमों में से किसी ने गोल नहीं किया था. 30वें मिनट के आसपास स्पेन की ओर से हलचल शुरू हुई. लमीन यमाल के पास को पेड्रो पोरो ने पेनल्टी एरिया में कट बैक कर दिया. गेंद दानी ओल्मो तक पहुंची, जिसके बाद ओल्मो ने शॉट लगाकर उसे रुइज के पास भेज दिया. रुइज ने बिना समय गंवाए बॉल को नेट में डालकर स्पेन को 1-0 से बढ़त दिला दी. 

अब स्पेन एक गोल से आगे हो गई थी. यहां तक तो बात सामान्य थी. इस वक्त तक स्पेन विश्व कप की एकमात्र टीम थी, जिसके खिलाफ एक भी गोल नहीं हुआ था. स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमन के नाम भी एक रिकॉर्ड दर्ज हो रहा था. 650 मिनट तक कोई खिलाड़ी उनकी डिफेंस को तोड़कर गोल नहीं कर पाया था. लेकिन बेल्जियम के खिलाफ मैच के हाफ टाइम से थोड़ा पहले उनका यह रिकॉर्ड टूट गया.

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यह मैच के 41वें मिनट के आसपास की बात है. बेल्जियम के लिएंड्रो ट्रोसार्ड के पास गेंद आई, जिसे उन्होंने कास्टाग्ने को पास कर दिया. कास्टाग्ने ने बॉल को क्रॉस बॉक्स में पहुंचाया, जिसे डिब्रूना ने रिसीव किया और गेंद अपने राइट बैक को पास कर दिया. उधर चार्ल्स डी केटेलेरे थे. उन्होंने हेडर लगाया और गेंद उनाई को पार करते हुए नेट में चली गई. यह केटेलेरे का इस विश्वकप में तीसरा गोल था और सबसे ज्यादा खास भी. क्योंकि इसी गोल के साथ केटेलेरे ने स्पेन के ‘अभेद्य’ हो चुके डिफेंस को तोड़ डाला था. 

इस मैच में बाद में स्पेन की ओर से एक गोल और भी हुआ, जिससे स्पेन ने मैच 2-1 से जीत लिया. लेकिन, केटेलेरे का वह एक गोल फीफा विश्व कप 2026 का इकलौता गोल बन गया, जो विश्व विजेता बनी स्पेन की टीम को खाना पड़ा था. 

ये भी पढ़ेंः स्पेन के उस शेफ ने 'ताना' न मारा होता, तो मेसी अर्जेंटीना की जर्सी में न होते

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कौन हैं चार्ल्स डी केटेलेरे?

अब सबकी दिलचस्पी चार्ल्स डी केटेलेरे में है. ये कौन खिलाड़ी है, जिसने वो कर दिखाया, जो न किलियन एम्बापे कर पाए. न लियोनल मेसी. फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भी स्पेन ने कोई गोल नहीं खाया. अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल मुकाबला तो आज सबके सामने है ही, जिसमें 120 मिनट तक चले गेम में सिर्फ एक गोल लगा, वो भी विजेता स्पेन का था. स्पेन के इस करारे डिफेंस में भी गोल मार देने की वजह से चार्ल्स डी केटेलेरे इस विश्व कप के बड़े खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं. सब जानना चाहते हैं कि वो कौन हैं और उनकी अब तक की पर्फॉर्मेंस क्या रही है? 

चलिए ये भी जान लेते हैं.

चार्ल्स डी केटेलेरे 25 साल के हैं और इटली की सीरी-ए अटलांटा क्लब के लिए खेलते हैं. 6 फुट 4 इंच लंबे केटेलेरे फॉरवर्ड या अटैकिंग मिडफील्डर दोनों रूप में खेल सकते हैं. बेल्जियम के ब्रुग्स में जन्मे डी केटेलेरे ने क्लब ब्रुग की यूथ अकादमी से ट्रेनिंग ली. साल 2020 में डी केटेलेरे ने बेल्जियम की सीनियर टीम में एंट्री ली और धीरे-धीरे राष्ट्रीय टीम के एक अहम खिलाड़ी बन गए. 2022 के फीफा विश्व कप में वह बेल्जियम की ओर से खेले भी. तब मोरक्को के खिलाफ 75वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर वह केवल एक मैच खेल पाए थे. तब उनके नाम कोई गोल नहीं था. 

इस बार का विश्व कप केटेलेरे के लिए काफी सफल रहा. उन्होंने टूर्नामेंट में 5 मैच खेले. तकरीबन सभी में वह टीम के स्टार्टर रहे. इन पांच मैचों में उन्होंने कुल तीन गोल मारे. इनमें से एक तो स्पेन के ही खिलाफ था. बाकी दो ‘राउंड ऑफ 16’ में अमेरिका के खिलाफ आए. 

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