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पुलिस ने गड़बड़ कर दी तो फिर न्याय मिलना मुश्किल? CJI सूर्यकांत ने साफ इशारा किया

CJI Surya Kant on police: CJI सूर्यकांत, पूर्व IPS अधिकारी ओपी मिश्रा की किताब 'बियॉन्ड द यूनिफॉर्म: ड्यूटी, डिसक्रीशन एंड पब्लिक ट्रस्ट' के लॉन्च में शामिल हुए थे. वहां उन्होंने अदालत और पुलिस के काम पर बात की.

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CJI सूर्यकांत 'बियॉन्ड द यूनिफॉर्म: ड्यूटी, डिसक्रीशन एंड पब्लिक ट्रस्ट' के लॉन्च में शामिल हुए थे. (कर्टसी-इंडिया टुडे)

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  • मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका का काम पूरी तरह से पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर निर्भर करता है और पुलिस की जांच में त्रुटि से अदालत के लिए न्याय देना कठिन हो जाता है।
  • न्यायपालिका और पुलिस के बीच सतत संबंध महत्वपूर्ण हैं क्योंकि न्याय की प्रक्रिया की शुरुआत में FIR दर्ज करने और जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक होता है, जिससे बाद में न्याय मिलना संभव हो।
  • CJI ने पुलिस कर्मियों को उचित प्रशिक्षण, कार्य स्थितियां और नेतृत्व देने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि पुलिस कार्य कुशल हो और जनता का पुलिस पर विश्वास बना रहे, जिससे न्याय प्रक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा है कि न्याय दिलाने की प्रक्रिया में पुलिस और अदालतों का काम एक ही निरंतर कड़ी का हिस्सा है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्यायपालिका का काम काफी हद तक उसी जानकारी पर निर्भर करता है, जो पुलिस उसके सामने रखती है. अगर पुलिस ने अपनी जांच में गड़बड़ी कर दी तो अदालत के लिए न्याय कर पाना मुश्किल हो जाता है.

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CJI सूर्यकांत ने यह टिप्पणी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में आयोजित एक बुक लॉन्च इवेंट में की. वह बुधवार, 16 सितंबर को पूर्व IPS अधिकारी ओपी मिश्रा की किताब 'बियॉन्ड द यूनिफॉर्म: ड्यूटी, डिसक्रीशन एंड पब्लिक ट्रस्ट' के लॉन्च में शामिल हुए थे.

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, CJI ने अपने संबोधन में कहा,

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"न्याय प्रशासन में पुलिस और अदालतों का काम एक ही निरंतर कड़ी का हिस्सा है. न्यायपालिका को असल में वही मिलता है, जो पुलिस उसके सामने पेश करती है."

CJI ने कहा कि सावधानी से दर्ज की गई FIR और निष्पक्ष रूप से की गई जांच, कोर्ट में न्याय मिलने की संभावना को बेहतर करती है. क्योंकि जांच प्रक्रिया के शुरुआती कदमों में हुई गड़बड़ी के नुकसान की भरपाई अदालत नहीं कर सकती. फिर कोर्ट कितनी भी ईमानदारी से काम क्यों ना करे.

उन्होंने पुलिस के काम करने और लोगों की उनसे जुड़ी अपेक्षाओं पर भी बात की. उन्होंने कहा कि पुलिस का सबसे बेहतरीन काम अक्सर वही होता है, जो किसी मुश्किल हालात को संकट बनने से पहले ही रोक दे.

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CJI ने आगे कहा कि समाज के कई लोग पुलिसकर्मियों से हर समय हिम्मत, संयम और संवेदनशीलता के साथ काम करने की उम्मीद करते हैं. इन गुणों को विकसित करने के लिए उन्हें सही ट्रेनिंग, जांच के आधुनिक साधन, उचित कामकाजी परिस्थितियां, जिम्मेदार लीडरशिप देना जरूरी है. साथ ही पुलिसकर्मियों की शारीरिक और मानसिक सेहत का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है.

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस में जनता का भरोसा नागरिकों के साथ होने वाली आम बातचीत से ही बनता है.

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BRICS पर पुलिसकर्मियों के काम

CJI ने नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के सुचारू आयोजन के लिए पुलिस की तारीफ की. उन्होंने रास्तों और वेन्यू की सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, ठहरने की जगहों की सुरक्षा और रात भर चौकसी बनाए रखने में की गई कोशिशों की सराहना की.

इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर नीरज कुमार और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार संजय बारू ने भी बात की. 

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