The Lallantop

WFI की बड़ी कार्रवाई! एज फ्रॉड मामले में 500 रेसलर्स अयोग्य घोष‍ित

WFI ने उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में 6 से 8 जून तक आयोजित अंडर-17 नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से 500 से ज़्यादा रेसलर्स को अयोग्य घोष‍ित कर दिया. आधार बेस्ड वेरिफ‍िकेशन में पहलावानों के डॉक्यूमेंट्स में बड़े पैमाने पर गड़बड़‍ियां सामने आईं.

Advertisement
post-main-image
गोंडा में हुए रैंकिंग टूर्नामेंट के दौरान पहलवानों के साथ WFI अध्यक्ष संजय सिंह. (फोटो-PTI)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने अंडर-17 नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में 500 से अधिक रेसलर्स को एज फ्रॉड के कारण अयोग्य घोषित किया।
  • आधार और बर्थ सर्टिफिकेट के विवरण में मेल न खाने और दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद WFI ने आधार आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन को लागू किया।
  • WFI ने भविष्य के अंडर-15, अंडर-17, और अंडर-20 प्रतियोगिताओं में भी आधार वेरिफिकेशन लागू करने की योजना बनाई है, जिससे धोखाधड़ी को रोकने का प्रयास होगा।

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने एज फ्रॉड के ख‍िलाफ बड़ी कार्रवाई की. फेडरेशन ने अंडर-17 नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से 500 से ज़्यादा रेसलर्स को अयोग्य घोष‍ित कर दिया. आधार बेस्ड वेरिफ‍िकेशन में पहलावानों के डॉक्यूमेंट्स में बड़े पैमाने पर गड़बड़‍ियां सामने आईं. इसी के बाद फेडरेशन ने ये एक्शन लिया.

Advertisement

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में 6 से 8 जून तक ये टूर्नामेंट आयोजित हुआ था. इसमें मेन्स फ्रीस्टाइल, ग्रीको रोमन और विमेंस कैटेगरी में करीब 1,200 रेसलर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था. एज वेरिफ‍िकेशन के लिए बर्थ सर्टिफिकेट के साथ-साथ पहलवानों से मोबाइल नंबर से जुड़े आधार कार्ड दिखाने को भी कहा गया.

इसका उद्देश्य आधार ऐप के जरिए ओटीपी वेर‍िफिकेशन कराना था. क्योंकि आधार ऐप में डॉक्यूमेंट्स में किए गए बदलावों का रिकॉर्ड भी रहता है. जिसका डर था, वही हुआ. वेरिफ‍िकेशन के दौरान बर्थ सर्टिफ‍िकेट और आधार कार्ड में दर्ज बर्थ डेट और बर्थ प्लेस में बड़े अंतर पाए गए.

Advertisement
जानकारी नहीं खा रही थी मेल

इसके बाद करीब 500 पहलवानों को कॉम्पिटिशन से बाहर कर दिया गया. इनमें लगभग 300 मेन्स फ्रीस्टाइल, 125 ग्रीको रोमन और करीब 50 विमेंस कैटेगरी वाली रेसलर्स शामिल थीं. जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें आधार और बर्थ सर्टिफिकेट की जानकारी मेल नहीं खा रही थी.

कई बर्थ सर्टिफिकेट रेसलर्स के जन्म के सालों बाद जारी किए गए थे. इससे संदेह और गहरा गया. एक मामले में एक रेसलर ने बर्थ सर्टिफिकेट में अपनी बर्थ डेट साल 2007 और बर्थ प्लेस दिल्ली के नरेला क्षेत्र का बताया था. हालांकि, जांच में पाया गया कि उसके आधार रिकॉर्ड में जन्म का साल 2004 और जन्म का स्थान हरियाणा दर्ज था.

इन गड़बड़‍ियों के बाद WFI ने संबंधित अस्पताल से भी स्पष्टीकरण मांगा है. सख्त जांच के बाद सिर्फ 350 मेंस फ्रीस्टाइल, 185 विमेंस और 160 ग्रीको रोमन रेसलर्स को कॉम्पिट‍िशन में हिस्सा लेने का परमिशन दिया गया.

Advertisement

ये भी पढ़ें : ऑस्ट्रेलिया को हराकर रचा इतिहास, फ‍िर मेहदी हसन मिराज को होना पड़ा हॉस्पिटल में एडमिट!

WFI अध्यक्ष ने क्या कहा?

WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने इसे लेकर कहा,

हम कुश्ती से एज फ्रॉड को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं. वास्तविक रेसलर्स को तब नुकसान होता है, जब ज्यादा उम्र वाले रेसलर एज ग्रुप कॉम्पिटिशंस में हिस्सा लेते हैं.

उन्होंने आगे कहा, 

आधार वेरिफ‍िकेशन ने हमें डॉक्यूमेंट्स में मौजूद गड़बड़‍ियों की पहचान करने में मदद की. हम भविष्य में होने वाली सभी अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-20 प्रतियोगिताओं में भी इसे सख्ती से लागू करते रहेंगे.

फेडरेशन ने हाल ही में फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट पाए जाने पर 5 पहलवानों को सस्पेंड भी किया था. WFI अधिकारियों के अनुसार यही वेरिफ‍िकेशन प्रोसेस आगामी एज ग्रुप  टूर्नामेंट्स में भी लागू की जाएंगी. इसमें 14 जून को सोनीपत में होने वाले अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप विमेंस ट्रायल और 15 जून को लखनऊ में आयोजित मेन्स ट्रायल भी शामिल हैं.

वीडियो: विनेश फोगाट के खिलाफ WFI सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंच गया?

Advertisement