कॉमनवेल्थ गेम्स में लिफ्टर्स का शानदार प्रदर्शन 27 जुलाई को भी जारी रहा. भारत की बिंदियारानी देवी ने 59 किलोग्राम वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता. ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में यह भारत का छठा मेडल है. पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. अब तक भारतीय वेटलिफ्टर्स का रिकॉर्ड 100 प्रतिशत रहा है.
भारतीय वेटलिफ्टर्स का 100 प्रतिशत रिकॉर्ड, अब बिंदियारानी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में यह भारत का छठा मेडल है. पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. अब तक भारतीय वेटलिफ्टर्स का रिकॉर्ड 100 प्रतिशत रहा है.

आपको बता दें कि बिंदियारानी ने स्नैच में 83 किलोग्राम का लिफ्ट लिया. इसके बाद उन्होंने दूसरे लिफ्ट में 85 और तीसरे में 87 किलोग्राम का वेट उठाया. क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले अटेंप्ट में 110 किलोग्राम का भार उठाया. लेकिन वह फेल हो गईं. इसके बाद अगले अटेंप्ट में उन्होंने 112 किलो ग्राम का भार उठाया. वहीं आखिरी में उन्होंने 116 का अटेंप्ट लिया लेकिन वह फेल रहे. उन्होंने कुल मिलाकर कुल 199 किलो वजन उठाया. 2025 से वह 58 किलोग्राम वेट कैटगरी में खेल रही हैं. इससे पहले 55 में कंपीट करती थीं.
नाइजीरिया के नाम रहा गोल्डइस इवेंट का गोल्ड मेडल नाइजीरिया की राफियातू फोलाशेड के नाम रहा. उन्होंने 229 किलो वजन उठाया और गोल्ड मेडल जीता. वहीं कनाडा की अन सोफी को सिल्वर मेडल मिला. उन्होंने 215 किलो वजन उठाया. बिंदियारानी की बात करें तो उनका मेडल कैबिनेट काफी बड़ा है. उन्होंने क्लीन एंड जर्क वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था. वहीं 2024 में वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में उनके नाम तीन मेडल हैं. 2019 में गोल्ड, 2021 और 2025 में सिल्वर मेडल.
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भारतीयों के ग्लास्गो में मेडल1. मीराबाई चानू - स्वर्ण (महिला 48 किग्रा)
2. ऋषिकांता सिंह - रजत (पुरुष 60 किग्रा)
3. मुथुपंडी राजा - रजत (पुरुष 65 किग्रा)
4. ज्ञानेश्वरी यादव - रजत (महिला 53 किग्रा)
5. बिंदियारानी देवी - कांस्य (महिला 58 किग्रा)
इससे ठीक पहले भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने भी सिल्वर मेडल जीता था. उन्होंने 53 किलोग्राम कैटेगरी में स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया. ज्ञानेश्वरी ने अपने पिता दीपक यादव का खेलों का अधूरा सपना भी पूरा किया. उनके पिता इलेक्ट्रिशियन हैं जिन्होंने आर्थिक दिक्कतों के कारण बॉडी बिल्डिंग का अपना शौक पूरा नहीं किया, लेकिन बेटी को वेटलिफ्टर बना दिया.
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