नरेंद्र मोदी सरकार की मुसीबत लगता है अभी कम नहीं होने वाली. ‘कॉकरोचों’ के प्रोटेस्ट के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से अभी माहौल ठीक से पटरी पर भी नहीं आया था कि एक और प्रोटेस्ट ने सरकार के कान खड़े कर दिए. जैसा कि जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में कई प्रदर्शनकारियों के मुंह से निकला भी कि ‘अगली बारी एथेनॉल की है’. लगता है वो ‘बारी’ आ गई. दिल्ली के परिवहन संगठनों ने ऐलान किया है कि 4 अगस्त को वो संसद तक विरोध मार्च निकालेंगे. मुद्दा पेट्रोल में 20 परसेंट एथेनॉल मिलाने का है. संगठन चाहते हैं कि सरकार या तो अपनी ये स्कीम वापस ले या फिर लोगों को शुद्घ पेट्रोल का भी विकल्प दे.
अब E20 के खिलाफ 'संसद मार्च' का ऐलान, तारीख सामने आई
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब E20 फ्यूल को लेकर विरोध तेज हो गया है. दिल्ली के ट्रांसपोर्ट संगठनों ने 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान किया है.

‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि वो एथेनॉल मिले पेट्रोल के खिलाफ 4 अगस्त को संसद तक विरोध मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं ताकि इसे वापस लिया जाए. उन्होंने कहा,
हम उन सांसदों को जगाना चाहते हैं जो इस मुद्दे पर अब तक सो रहे हैं. क्योंकि ‘मिलावटी’ पेट्रोल की वजह से पूरे देश में गाड़ियों में गड़बड़ी हो रही है.
अभी तक पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन की वजह से एथेनॉल पर बात कम हो रही थी. अब कॉकरोच जनता पार्टी की तर्ज पर सोशल मीडिया पर ‘E20 जनता पार्टी’ भी बन गई है. सीजेपी की तरह ये भी कोई चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं है. सिर्फ एक ऑनलाइन कैंपेन है, जो खुद को वाहन चालकों की आवाज बताती है. इसके सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी लोग उतनी ही तेजी से जुड़ रहे हैं, जैसा कॉकरोच जनता पार्टी के साथ जुड़ रहे थे.

कल-परसों तक जिस ‘E20 जनता पार्टी’ के एक्स अकाउंट पर 13 हजार फॉलोअर्स दिखते थे, अब वो 54 हजार का आंकड़ा पार कर गए हैं. इंस्टाग्राम पर इसकी लोकप्रियता और ज्यादा है. 26 जुलाई तक इस पर केवल 8 हजार 800 फॉलोअर्स थे. अब पता है कितने हो गए? 4 लाख 25 हजार. हालांकि, संजय सम्राट ने साफ किया कि उनके आंदोलन का इस ‘E20 जनता पार्टी’ कैंपेन से कोई संबंध नहीं है. वह इसे कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते.

'ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस' के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं हरीश सबरवाल. उन्होंने कहा कि वह नरेंद्र मोदी सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं जिसमें लोगों के पास सिर्फ E20 फ्यूल लेने का ही विकल्प छोड़ा गया है. उन्होंने कहा,
हमारा कहना है कि एथेनॉल मिलाया पेट्रोल आम जनता पर जबरन नहीं थोपा जाना चाहिए. उनके पास ऑप्शन होना चाहिए. लेकिन अभी तो कोई दूसरा विकल्प नहीं दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि वह 4 अगस्त के संसद तक निकाले जाने वाले विरोध मार्च का समर्थन कर रहे हैं. हालांकि उनके एसोसिएशन की तरफ से अभी किसी तरह की हड़ताल नहीं बुलाई गई है. 'ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन' के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने ‘द हिंदू’ से कहा कि E20 से गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है. इसलिए यह एक गंभीर और बड़ा मुद्दा है. उम्मीद है कि सरकार गाड़ी मालिकों और ड्राइवर्स के लिए E-20 वाले पेट्रोल को कंपल्सरी करने के बजाय शुद्ध पेट्रोल का भी विकल्प देगी.
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बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार की ‘E20 पॉलिसी’ काफी विवादों में है. दावा किया जा रहा है कि इस मिलावटी पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है. इसके अलावा इंजन खराब होने की आशंका भी सामने आ रही हैं. वहीं, सरकार का कहना है कि E20 फ्यूल पूरी तरह से सेफ है. इससे देश के किसानों को फायदा पहुंचेगा.
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