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वीडियो: धोनी को यूं ही किस्मत का धनी नहीं कहा जाता

किस्मत न होती तो धोनी का खाता भी नहीं खुलना था, खुद ही देख लो.

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धोनी अपनी पारी की दूसरी गेंद पर ही आउट होने से बच गए. (फोटो-ट्विटर)
आईपीएल का 12 वां मैच. मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई के बीच. पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतरी चेन्नई की टीम. शुरुआत बेहद खराब रही. सिर्फ 27 रन के स्कोर पर उनके तीन बल्लेबाज़ पवेलियन लौट गए. अंबाती रायडू, शेन वॉटसन और केदार जाधव, शुरुआत के ये तीन खिलाड़ी काफी खतरनाक हो सकते थे लेकिन वैसा कुछ नहीं हुआ.  इस समय लोगों को लग रहा था कि चेन्नई की टीम लड़खड़ा जाएगी. लेकिन दूसरी तरफ वे 'थलाइवा' का भी इंतज़ार कर रहे थे. तीन विकेट गिरने के बाद थलाइवा यानी कि महेंद्र सिंह धोनी क्रीज़ पर आए और फिर पूरा मैदान धोनीमय हो गया. किस्मत हो तो धोनी जैसी ऐसे कई मौके आ चुके हैं जब धोनी की किस्मत की लोगों ने तारीफ की है. कल के मैच में भी कुछ ऐसा ही हुआ. हुआ कुछ ऐसा कि मैच में पहली इनिंग का छठा ओवर चल रहा था. 3 विकेट गिरने के बाद धोनी ग्राउंड पर पहुंचे थे. सामने से जेफ्री आर्चर बॉलिंग कर रहे थे. जैसे ही उन्होंने गेंद फेंकी. धोनी ने डिफेंड कर दिया. डिफेंड करने के बाद गेंद स्टंप पर जा लगी. अच्छी बात ये रही कि गेंद की रफ्तार ज़्यादा नहीं थी इसीलिए गिल्लियां नहीं गिरी और वो आउट होने से बच गए. अब जब वो आउट होने से बचे उस वक्त उन्होंने अपना खाता भी नहीं खोला था. इसके बाद उन्होंने चौथे विकेट के लिए रैना के साथ 61 रन की पार्टनरशिप की. कूल स्टाइल में बैटिंग की. 46 गेंदों में 75 रन बनाए. टीम के स्कोर को 175 रन तक लेकर गए. चेन्नई की टीम धोनी की इसी पारी की बदौलत मैच भी जीत सकी. जिसके बाद धोनी मैन ऑफ द मैच बने. अब ज़रा सोचिए कि गेंद जब विकेट से टकराई और अगर गिल्ली गिर जाती तो धोनी आउट हो जाते. फिर ना तो वो ताबड़तोड़ बैटिंग करते. ना ही वो 75 रन बना पाते और ना ही वो टीम को जिता पाते. कुल मिलाकर किस्मत ने उनका ज़बरदस्त साथ दिया. ऐसे में उनकी किस्मत की तारीफ बनती है कि नहीं!

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