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जब अंपायर को दी गई 'घूस' ने सहवाग को बचाया और किलस गए पॉन्टिंग!

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी का मजेदार क़िस्सा.

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अंपायर्स के साथ हंसी-मजाक करते रहते थे सहवाग, पॉन्टिंग एक बार चिढ़ भी गए (फ़ाइल फ़ोटो)

विरेंदर सहवाग. क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक ओपनर्स में से एक. सहवाग अपनी बैटिंग के साथ फ़ील्ड पर और उससे बाहर, मौज-मस्ती के लिए भी जाने जाते हैं. सालों तक इंडिया के लिए खेले सहवाग की मौज-मस्ती के तमाम क़िस्से हैं. वह प्लेयर्स और ऑफ़िशल्स, दोनों के साथ मस्ती करते थे.

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और उन्होंने हाल ही में ऐसा ही एक क़िस्सा शेयर किया है. विक्रम साठे के शो पर बात करते हुए सहवाग बोले,

'असद रऊफ़ को चीजें इकट्ठा करने का शौक़ था. तमाम चीजों के साथ उन्हें ब्रैंडेड चश्मे, टी-शर्ट और जूते पहनना बहुत पसंद था. मैं उस वक्त एडिडास का ब्रैंड अम्बेसडर था, इसलिए मैंने उन्हें जूते, टी-शर्ट और चश्मे गिफ़्ट किए और मौज लेते हुए कहा कि जब मैं बैटिंग करूं तो उंगली मत उठाना.'

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ICC एलीट पैनल में शामिल रहे रऊफ़ ने एक मैच के दौरान सच में सहवाग के आउट होने पर उंगली नहीं उठाई. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी के एक मुकाबले के दौरान एक गेंद सहवाग के बल्ले का मोटा किनारा लेकर कीपर के पास गई. लेकिन अपील होने के बावजूद रऊफ़ ने आउट नहीं दिया.

इस पर विपक्षी कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने सहवाग से बात की, कंफ़र्म किया कि बल्ले का किनारा लगा है. और फिर रऊफ़ से बात करने गए. लेकिन अंपायर के पूछने पर सहवाग ने साफ मना कर दिया. यह क़िस्सा सुनाते हुए सहवाग बोले,

'हम 2008 में मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ खेल रहे थे. वही मैच जिसमें लक्ष्मण ने हमें बताया. मिचल जॉनसन ने एक शॉर्ट-पिच गेंद फेंकी और मैंने उस पर कट मारने की कोशिश की. लेकिन गेंद ने बल्ले का किनारा लिया और कीपर के हाथ में चली गई. गेंद और बल्ले के इस संपर्क से उठी आवाज़ ड्रेसिंग रूम तक सुनाई दी होगी, लेकिन रऊफ़ ने मुझे आउट नहीं दिया.

पॉन्टिंग बहुत गुस्साया. अंपायर्स के पास गया. अंपायर बोले कि बल्ला लगा ही नहीं. फिर पॉन्टिंग दौड़ते हुए मेरे पास आए और पूछा- बल्ला लगा था? मैंने कहा- हां. वह फिर वापस गए और रऊफ़ से कहा- वीरू भी बोल रहा कि बल्ला लगा है. फिर वो दोनों मेरे पास आए और रऊफ़ ने पूछा- बल्ला लगा था. मैंने कहा- नहीं.'

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इस बात से पॉन्टिंग बहुत गुस्सा हुए थे. और काफी देर तक सहवाग से बहस की. लेकिन अंत में उनके हाथ कुछ नहीं लगा. भारत ने इस टेस्ट को 320 रन से जीता. और सीरीज़ में 1-0 की लीड ले ली. महेंद्र सिंह धोनी को इस मैच में मैन ऑफ द मैच चुना गया था. धोनी ने पहली पारी में 92 और दूसरी पारी में 68 रन की नाबाद पारी खेली थी. साथ ही उन्होंने तीन शिकार भी किए थे. टीम इंडिया के लिए सौरव गांगुली ने पहली, जबकि गौतम गंभीर ने दूसरी पारी में सेंचुरी मारी थी. इसी पारी में सहवाग ने 90 रन बनाए थे.

वीडियो: वीरेंद्र सहवाग के कहर से पाकिस्तानी बॉलर ने अपनी टीम को ऐसे बचाया!

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