मणिपुर में बुधवार, 10 जून को छह लोगों के शव बरामद किए गए. कुछ लोगों का मानना है कि ये शव नागा समुदाय से जुड़े उन छह लोगों के हो सकते हैं, जो 13 मई से लापता हैं. अधिकारियों ने कहा है कि उनकी पहचान पक्की करने के लिए DNA टेस्ट किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि शव बहुत ज्यादा सड़ी-गली और क्षत-विक्षत हालत में मिले, जिससे उन्हें देखकर पहचानना मुश्किल था.
मणिपुर में छह लोगों के शव मिले, नागा समुदाय से जुड़े होने की आशंका, होगा DNA टेस्ट
Manipur: माना जा रहा है कि ये शव उन छह नागा समुदाय से जुड़े लोगो के हैं, जो 13 मई से लापता हैं. अधिकारियों ने कहा है कि उनकी पहचान पक्की करने के लिए DNA टेस्ट किया जाएगा.


इंडिया टुडे से जुड़े बेबी शिरीन के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों के बड़े संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद छह लोगों के शव बरामद किए गए. मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इस सर्च ऑपरेशन में राज्य पुलिस, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और असम राइफल्स के लगभग 450 जवान शामिल थे, जिन्हें स्निफर डॉग्स और फोरेंसिक टीमों की मदद मिली.
‘X’ पर पोस्ट किए गए एक बयान में मणिपुर पुलिस ने कहा,
"लगातार लगभग 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद आज दोपहर छह लोगों के शव बरामद किए गए. माना जा रहा है कि ये मृतक उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें 13 मई 2026 को लेइलोन वाइफेई से बंधक बनाया गया था. पुलिस जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है और जांच जारी है."
रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इन शवों का DNA टेस्ट इंफाल के जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) और रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में किया जाएगा.
जब अधिकारी फॉरेंसिक जांच की तैयारी कर रहे थे, तो बड़ी संख्या में रिश्तेदार और समुदाय के लोग मुर्दाघर के बाहर जमा हो गए. व्यवस्था बनाए रखने के लिए और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए और चारों ओर बैरिकेड लगाए गए.
13 मई से लापता हैं 6 नागागायब हुए छह नागा पुरुषों की पहचान मनु थियुमाई, केनपिबोउ, फेनरोंगवी थियुमाई, दिलीप थियुमाई, कालीवांगबोउ अबोनमाई और सीएच फेन्रिलुंग के तौर पर की गई है. वे 13 मई से लापता हैं और बताया जाता है कि कोन्साखुल से लौटने के बाद कांगपोकपी जिले के एक गांव से गुजरते समय वे लापता हो गए थे.
यह घटना 13 मई को नोनी और कांगपोकपी जिलों में हुई हिंसा से जुड़ी है, जिसमें एक नागा व्यक्ति सहित चार आम नागरिक मारे गए थे. इसके बाद, नागा और कुकी दोनों समुदायों के 48 आम नागरिकों को विरोधी समूहों द्वारा बंधक बना लिया गया था. दो दिन बाद 28 बंधकों को रिहा कर दिया गया- प्रत्येक समुदाय से 14.
मंगलवार, 9 जून को नागा नागरिक समाज संगठनों ने बचे हुए 14 कुकी नागरिकों को भी सुरक्षित रिहा कर दिया गया. लेकिन, छह नागा व्यक्ति अभी भी लापता हैं. DNA टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि जो छह शव बरामद किए गए हैं, वो लापता नागा समुदाय के लोगों के हैं या नहीं.
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