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मोंडो डुप्लेंटिस का दबदबा खत्म? 3 साल में पहली बार हारे

Mondo Duplantis का जीत का सिलसिला उनके ही घर पर खत्म हुआ. स्टॉकहोम डायमंड लीग में वह दूसरे स्थान पर रहे.

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मोंडो डुप्लेंटिस पोल वॉल्ट इतिहास के सबसे कामयाब खिलाड़ी हैं. (Photo-India Today)

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  • मोंडो डुप्लेंटिस की 35 महीनों की लगातार जीत की streak स्टॉकहोम डायमंड लीग में खत्म होकर उन्होंने दूसरे स्थान पर रहकर अपनी हार स्वीकार की।
  • मोंडो डुप्लेंटिस का लगातार जीतना और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना तीन साल तक जारी रहा, लेकिन कर्टिस मार्शल द्वारा उनकी काबिलियत दिखाने के कारण यह क्रम टूटा।
  • मोंडो की हार के बाद उन्होंने अपने परिवार के साथ समय बिताने की योजना बनाई और कर्टिस मार्शल को उनकी पहली डायमंड लीग जीत पर बधाई दी।

खेल की दुनिया में जब कोई खिलाड़ी वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाता है, या कोई बड़ा मेडल अपने नाम करता है तो हेडलाइन बनती है. ऐसा बहुत कम होता है जब कोई खिलाड़ी हारने के बाद चर्चा का विषय बने. पोल वॉल्टर मोंडो डुप्लेंटिस (Mondo Duplantis) के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. बीते कई सालों में मोंडो गोल्ड मेडल ही नहीं, वर्ल्ड बनाने के लिए भी जाने जाते थे. लेकिन 35 महीनों की उनकी विनिंग स्ट्रीक आखिर स्टॉकहोम में खत्म हो गई.

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मोंडो डुप्लेंटिस घर पर हारे

मोंडो डुप्लेंटिस का जीत का सिलसिला उनके ही घर पर खत्म हुआ. स्टॉकहोम डायमंड लीग में वह दूसरे स्थान पर रहे. इवेंट में ऑस्ट्रेलियन कर्टिस मार्शल पहले नंबर पर रहे. बीते 35 महीनों में ऐसा पहली बार हुआ जब मोंडो ने किसी इवेंट में हिस्सा लिया हो, और वह नंबर वन न रहे हों.

40 इवेंट्स बाद बारे मोंडो

इससे पहले साल 2023 में ऐसा हुआ था. मोनाको डायमंड लीग में वह चौथे स्थान पर रहे थे. तब भी मार्शल उनसे आगे थे. वो तीसरे नंबर पर रहे थे. इसके बाद मोंडो का बीस्ट मोड ऑन हो गया. 40 इवेंट में हिस्सा लिया और हर बार टॉप पर रहे. 

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इस दौरान मोंडो ने पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था. साथ ही दो वर्ल्ड चैंपियनशिप, दो इंडोर वर्ल्ड चैंपियनशिप, तीन डायमंड लीग खिताब अपने नाम किए. अगर इससे भी आपको उनके दबदबे का अंदाजा नहीं हो पा रहा, तो यह भी जान लीजिए कि इन 35 महीनों में उन्होंने 10 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. इसमें बीते साल हुई स्टॉकहोम डायमंड लीग मीट भी शामिल है.  

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कर्टिस को नहीं था यकीन

इवेंट के बाद मोंडो ने बताया,

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आज मैं पूरी तरह फोकस नहीं कर पाया. मैं सच में अपने परिवार और फ़ैंस के सामने हारना नहीं चाहता था. मैं पिछले 3 सालों से नहीं हारा था. लेकिन आज कर्टिस की तारीफ़ करनी होगी, उन्होंने काबिलियत दिखाकर हराया. मेरे पास कोई बहाना नहीं है. मैं खुद से गुस्सा नहीं हूं. स्टॉकहोम में अपने परिवार के साथ समय का मजा लेता रहूंगा. 

वहीं, कर्टिस ने जीत के बाद कहा कि वह मोंडो का 'शो' खराब नहीं करना चाहते थे. लेकिन उन्हें जीत की बहुत खुशी है. कर्टिस पहली बार डायमंड लीग मीट जीते हैं. उन्हें नहीं लगा था कि मोंडो के रहते हुए वह स्टॉकहोम में ऐसा कर पाएंगे.

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