विराट कोहली इंडियन T20 टीम के कप्तान नहीं रहे. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने अपने आखिरी मैच में नामीबिया को नौ विकेट से हराया. दुबई में हुए इस मैच में कोहली ने टॉस जीतकर पहले बोलिंग का फैसला किया. और नामीबिया को 20 ओवर्स में 132 रन पर रोक लिया. भारत के लिए रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन ने सबसे ज्यादा तीन-तीन विकेट निकाले. जबकि जसप्रीत बुमराह को दो विकेट मिले. जवाब में भारतीय टीम ने एक बार फिर से डॉमिनेंट परफॉर्मेंस करते हुए मैच को नौ विकेट से जीत लिया. रोहित शर्मा ने 37 गेंदों में 56 जबकि केएल राहुल ने 36 गेंदों पर 54 रन की पारी खेली. राहुल के साथ नाबाद लौटे सूर्यकुमार यादव ने 19 गेंदों पर 25 रन बनाए. इस मैच के बाद भावुक विराट कोहली ने तमाम चीजों पर बात की. उन्होंने कहा,
'सबसे पहले तो सुकून है. जैसा कि मैंने पहले भी कहा था कि यह गर्व की बात है. लेकिन चीजों का सही परिपेक्ष्य में होना जरूरी है. यह मेरे लिए अपना वर्कलोड मैनेज करने का सही वक्त था. पिछले छह साल से हम जब भी हम फील्ड में उतरते थे तब काफी इंटेंस क्रिकेट होती थी और यह बहुत क़ुर्बानियां मांगती है. यह काफी मजेदार रहा, काफी अच्छे लड़के थे और हमने एक टीम के रूप में सच में बेहतरीन परफॉर्मेंस दी. मुझे पता है कि हम इस वर्ल्ड कप में बहुत आगे तक नहीं जा पाए, लेकिन T20 में हमें कुछ अच्छे रिजल्ट मिले और हमें साथ खेलने में मजा आया. T20 छोटे-छोटे अंतर वाला खेल है. आप पहले दो मैचों में इंटेंट वाले दो ओवर्स की बात करिए और चीजें अलग हो सकती थीं. जैसा कि मैंने कहा हम जरूरत भर के बहादुर नहीं थे. हम ऐसी टीम नहीं हैं जो टॉस का बहाना बनाएं.'
कोहली के साथ अब टीम का सपोर्ट स्टाफ भी टीम इंडिया से अलग हो रहा है. रवि शास्त्री और उनकी टीम का कार्यकाल भी वर्ल्ड कप में भारत के सफर के साथ खत्म हो गया. इन लोगों के बारे में बात करते हुए कोहली ने कहा,
'इन सभी लोगों का बहुत शुक्रिया, उन्होंने इन तमाम सालों में पूरे ग्रुप को एकसाथ रखते हुए कमाल का काम किया. उनके साथ रहते हुए माहौल बेहतरीन होता था, वे हमारे बड़े परिवार का हिस्सा था. उन्होंने इंडियन क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया. हम सबकी ओर से उन सभी को बहुत सारा धन्यवाद.'
कोहली अक्सर मैदान पर काफी आक्रामक दिखते हैं. वह हमेशा ही सामने वाली टीमों को मुंहतोड़ जवाब देने पर भरोसा रखते हैं. कोहली ने साफ कर दिया कि यह आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने आगे कहा,
'यह कभी नहीं बदलेगा. अगर मैं यह नहीं कर पाऊंगा तो मैं खेलूंगा ही नहीं. यहां तक कि जब मैं कप्तान नहीं था तब भी मुझे ये देखने में इंट्रेस्ट रहता था कि गेम किधर जा रहा है. मैं यहां शांत नहीं खड़ा रहने वाला.'
नामीबिया के खिलाफ कोहली अपनी पसंदीदा नंबर तीन की पोजिशन पर बैटिंग करने नहीं उतरे. उन्होंने अपनी जगह सूर्यकुमार यादव को भेजा. इस बारे में सवाल होने पर उन्होंने कहा,
'सूर्या को बहुत बैटिंग नहीं मिली थी, यह T20 वर्ल्ड कप है और मैंने सोचा कि यह उसके लिए वापस जाते हुए अच्छी याद बन सकती है. एक यंगस्टर के रूप में आप वर्ल्ड कप से अच्छी यादें ले जाना चाहते हैं.'
वर्ल्ड कप के बाद अब टीम इंडिया 17 नवंबर से न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेलने उतरेगी. कीवी टीम तीन T20I और दो टेस्ट मैचों के लिए भारत के दौरे पर आ रही है.