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वैभव सूर्यवंशी फिर शॉर्ट बॉल ट्रैप में फंसे, बैटिंग कोच क्या कर रहे?

Ind vs Zim : टीम इंडिया के ओपनर Vaibhav Sooryavanshi को हरारे में चल रहे दूसरे T20I में भी Richard Ngarva ने आउट किया. इंग्लैंड की तरह यहां भी वैभव शॉर्ट बॉल ट्रैप में फंस गए. दूसरे T20I में उन्होंने 19 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी.

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वैभव ने जिंबाब्वे के ख‍िलाफ दूसरे T20I में 20 रनों की पारी खेली. (फोटो-AFP)

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  • टीम इंडिया के ओपनर वैभव सूर्यवंशी दूसरे T20I मैच में फिर से शॉर्ट बॉल ट्रैप में फंसकर आउट हुए, जबकि पहले मैच में उन्होंने 19 गेंदों में हाफ सेंचुरी बनाई थी।
  • वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और जिंबाब्वे के खिलाफ मुकाबलों में तीन बार शॉर्ट बॉल के कारण आउट किया गया है, जिससे उनकी इस कमजोरी पर सवाल उठ रहे हैं।
  • इंटरनेशनल क्रिकेट में सफल होने के लिए वैभव को अपनी इस कमजोरी पर काम करना होगा, अन्यथा विपक्ष की टीमें इस रणनीति का लगातार फायदा उठाती रहेंगी।

टीम इंडिया के ओपनर वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर शॉर्ट बॉल ट्रैप में फंस गए. हरारे में खेले गए पहले T20I में वैभव ने महज 19 गेंदों में हाफ सेंचुरी लगा दी थी. लेकिन, दूसरे T20I में वो एक बार फिर शॉर्ट बॉल पर अपना विकेट गंवा बैठे. इससे पहले, इंग्लैंड में अपनी डेब्यू सीरीज में भी वैभव दो बार इसी अंदाज में आउट हुए थे. ऐसे में ये सवाल खड़ा होता है कि बैटिंग कोच सितांशु कोटक वैभव की इस कमजोरी पर क्यों काम नहीं कर रहे?

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IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी शानदार फॉर्म में थे. उन्होंने लगभग 244 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए. वो सीजन के टॉप स्कोरर भी रहे. साथ ही कई सारे अवॉर्ड अपने नाम किए. उनके इसी प्रदर्शन को ध्यान में रखकर उन्हें टीम इंडिया में एंट्री भी मिल गई. लेकिन, पहले इंग्लैंड सीरीज और अब जिंबाब्वे के ख‍िलाफ भी वैभव 3 बार एक ही अंदाज में आउट हो चुके हैं. इंग्लैंड में दोनों बार उन्हें जोफ्रा आर्चर ने शॉर्ट बॉल ट्रैप में फंसाया. यहां हरारे में नगारवा ने उन्हें इसी अंदाज में अपना शि‍कार बना लिया.

इससे पहले, हरारे में खेले गए पहले T20I में वैभव ने शानदार बैटिंग की. उन्होंने महज 19 गेंदों में 50 रन ठोक दिए. लेकिन, दूसरे T20I में जिंबाब्वे ने उनकी कमजोर नब्ज पर फिर हमला कर दिया. पहले मैच में जिंबाब्वे के पेसर्स ने वैभव को शॉर्ट बॉल से ज्य़ादा परेशान नहीं किया था. बॉल मूवमेंट कर रही थी तो वो स्विंग कराने को ही देख रहे थे. लेकिन, दूसरे T20I में उन्होंने शुरुआत से ही वैभव को शॉर्ट बॉल के जाल में फंसाने की कोश‍िश शुरू कर दी.

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शुरू से यही थी जिंबाब्वे की स्ट्रैटजी

दूसरे ओवर से ही जिंबाब्वे के पेसर्स ने उन्हें शॉर्ट बॉल से टेस्ट करना शुरू कर दिया. लेकिन, मुजरबानी के इस ओवर में उन्होंने शॉर्ट बॉल को सम्मान दिया. तीसरे ओवर की पहली बॉल पर भी उन्होंने नगारवा की पहली बॉल पर शॉर्ट बॉल पर बड़ा शॉट नहीं खेलने की कोश‍िश की. नगारवा ने लेंथ बदलकर आगे डालना शुरू किया तो लगातार 4 बॉल पर बाउंड्री जड़ दी. उन्होंने इस दौरान एक छक्का और 3 चौके लगाए. लेकिन, ओवर की 5वीं बॉल पर वो नगारवा के शॉर्ट बॉल ट्रैप में फंस गए. मिड ऑन पर खड़े मुजरबानी ने उनका आसान कैच लपक लिया.

अब सवाल ये उठता है कि 5 इंटरनेशनल मुकाबलों में 3 बार वैभव एक ही अंदाज में आउट हुए हैं. ऐसे में बैटिंग कोच उनकी इस कमजोरी पर काम क्यों नहीं कर रहे? क्योंकि जोफ्रा आर्चर ने लगातार दो मुकाबलों में उन्हें इसी तरह शॉर्ट बॉल पर ही फंसाया था. अब जिंबाब्वे भी यही स्ट्रैटजी अपना रही है. वैभव को इंटरनेशनल क्रिकेट में सफल होना है तो इस कमजोरी को दूर करना ही होगा. वरना आगे भी टीम उनकी इस कमजोरी को एक्सपोज करने से पीछे नहीं हटेगी. 

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