वैभव सूर्यवंशी का दलीप ट्रॉफी डेब्यू यादगार बन गया. भले ही सभी को उनकी बैटिंग से कमाल का इंतजार था. उन्होंने अपनी बॉलिंग में कमाल करके दिखा दिया. महज 3 ओवर के स्पैल में वैभव ने नॉर्थ ईस्ट जोन के 2 विकेट चटका दिए. अब अपने इस शानदार स्पैल को लेकर वैभव ने मजाकिया अंदाज में ही सही, एक बड़ा दावा कर दिया है. वैभव के मुताबिक, वो एक विकेटटेकिंग बॉलर हैं. कप्तान ईशान किशन बेकार ही उन पर संदेह कर रहे थे.
ईशान किशन ने जिसे 'रिस्क' समझा, 15 साल के वैभव ने उसी 3 ओवर में पलट दिया मैच!
Duleep Trophy 2026 : हाल ही में दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में ईस्ट जोन के उपकप्तान Vaibhav Sooryavanshi ने नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ शानदार बॉलिंग की थी. इस दौरान उन्होंने 2 विकेट भी चटकाए थे. अब इसे लेकर BCCI ने वैभव का एक वीडियो जारी किया है.

वैभव दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के वाइस कैप्टन हैं. 15 साल के इस प्लेयर ने क्वार्टर फाइनल मुकाबलेे में इस टूर्नामेंट में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ डेब्यू किया. बेंगलुरु में खेले गए इस मुकाबले में उनकी टीम को फॉलोऑन देने के बाद विकेट की दरकार थी. कप्तान ईशान ने डर-डरके वैभव को बॉलिंग सौंपी. उन्हें पता था कि उनका स्पेल 3 ओवर का ही होने वाला है. हालांकि, वैभव को अपना इंपैक्ट डालने के लिए महज 4 बॉल्स लगीं. उन्होंने अपने स्पेल में 2 विकेट भी निकाले.
लेफ्ट आर्म स्पिन करते हुए वैभव ने पहले किशन लिंगदोह को पवेलियन की राह दिखाई. उस वक्त किशन 25 रन बनाकर खेल रहे थे. दिनेश दास ने पीछे की तरफ दौड़ लगाते हुए ये कैच लपका. वहीं, महज 3 गेंद बाद उन्हें इमलीवती लेमटुर का भी विकेट मिल गया. ये कैच खुद कप्तान ईशान किशन ने विकेट के पीछे पकड़ा. सूर्यवंशी के मुताबिक, उनके लिए ये विकेट्स बहुत खास थे.
BCCI की तरफ से शेयर किए गए एक वीडियो में सूर्यवंशी मज़ाकिया अंदाज में कहा,
अगर आप बैटर्स से पूछें, तो उन्हें बॉलिंग करना हमेशा पसंद आता है. बैटर्स का बॉलिंग करना या बॉलर्स का बैटिंग करना उनके लिए मजेदार होता है. विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे. इसलिए, मुझे दो-तीन ओवर बॉलिंग करने के लिए कहा गया. ईशान भैया को लगा कि मुझे गेंद देकर वे रिस्क ले रहे हैं. लेकिन, उन्हें नहीं पता कि मैं विकेट लेने वाला बॉलर हूं.
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वैभव मिले मौके का पूरा फायदा उठाना चाहते थे. हालांकि, उन्हें ये पता था कि उनका स्पेल लंबा नहीं होने वाला है. लेकिन, उन्हें भरोसा था कि वो इंपैक्ट डाल सकते हैं. उन्होंने वीडियो में आगे कहा,
30 अगस्त से है सेमीफाइनलमेरे मन में बस यही बात थी कि अगर मैं 5 विकेट भी ले लूं, तो भी मुझे बॉलिंग के लिए सिर्फ़ तीन ओवर ही मिलेंगे. मैंने अपनी तरफ से सबसे अच्छी बॉलिंग करने, एक ही जगह पर गेंद डालने और अपना स्पेल पूरा करने की कोशिश की. इसमें बहुत मजा आया क्योंकि मैच में मेरी बैटिंग उतनी अच्छी नहीं रही थी. बॉलिंग से टीम के लिए योगदान देना मज़ेदार रहा. जब कोई बैटर विकेट लेता है, तो उससे ज्यादा मजा किसी चीज में नहीं आता.
सूर्यवंशी ने बॉलिंग में भले ही बड़ा योगदान दिया. बैटिंग में वो कुछ खास नहीं कर सके. उन्होंने अपनी टीम की पहली इनिंग्स के दौरान 6 गेंदों में 8 रन बनाए. हालांकि, उनकी टीम ईस्ट जोन ने मुकाबले में शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा. पहली इनिंग्स में बैटिंग करते हुए टीम ने 467 रन ठोक दिए. इसके जवाब में नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम पहली पारी में महज 111 रन पर ऑलआउट हो गई. टीम फाॅलोऑन खेलने पर मजबूर हो गई. दूसरी इनिंग्स में भी टीम महज 146 रन ही बना सकी. नतीजा, ईस्ट जोन ने ये मुकाबला एक पारी और 210 रनों से जीत लिया.
ईस्ट जोन ने ये मुकाबला एकतरफा अंदाज में जीत लिया. वहीं, वैभव के दो विकेट से अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 4 विकेट हो गए हैं. बैटिंग भले ही उनका मुख्य हथियार हो, लेफ्ट हेंड स्पिन से वैभव ने अपनी बॉलिंग स्किल भी दिखा दी है. सूर्यवंशी अब 30 अगस्त से बेंगलुरु में सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में खेलते दिखेंगे.
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