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250 का टारगेट देकर भी हार गए, टीम इंडिया की इस फजीहत के लिए कौन जिम्मेदार?

रांची के JSCA क्रिकेट ग्राउंड पर खूब रन बनते हैं. टीम इंडिया ने पहले बैटिंग करते हुए 249 रन बनाए और यह अच्छा टार्गेट नजर आ रहा था. हालांकि, शे होप की तूफानी पारी के सामने इंडियन बॉलर्स लाचार नजर आए और जीत हाथ से फिसल गई.

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भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 250 रनों का टारगेट डिफेंड नहीं कर पाई. (Courtesy: PTI)

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  • भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा T20I मैच 9 अक्टूबर को रांची में खेला गया, जिसमें वेस्टइंडीज ने 249 रनों के लक्ष्य को 18.3 ओवर्स में 4 विकेट खोकर हासिल कर भारत को हराया।
  • रांची की बैटिंग-फेवरिंग पिच और भारतीय टीम की सेम प्लेइंग-11 चुनने में कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर द्वारा कोई बदलाव न करना हार के कारणों में शामिल रहा।
  • इस हार के बाद भारतीय टीम के बॉलर्स की लाइन और लेंथ मेंटेन करने में कमी सामने आई है, जिससे टीम को सुधार के लिए बॉलिंग रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच 9 अक्टूबर को दूसरा T20I मैच हुआ. इस मुकाबले में टीम इंडिया को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी. रांची की बैटिंग पैराडाइज पिच पर भारतीय बैटर अपना बेस्ट नहीं दे पाए. भारतीय टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 5 विकेट पर 249 रन बनाए. ये टोटल स्कोरबोर्ड पर देखने में अच्छा था. लेकिन, वेस्टइंडीज की पावर हिटिंग के आगे इंडियन बॉलर्स की एक न चली.  मैच में टीम इंडिया कैरेबियन टीम से हर मामले में पीछे रही. वेस्टइंडीज ने 249 रनों का टारगेट 18.3 ओवर्स में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया. 

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अब सवाल उठता है कि भारत की इस शर्मनाक हार का जिम्मेदार कौन है? क्या कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर ने प्लेइंग-11 चुनने में गलती की? क्या भारतीय बल्लेबाज और तेजी से रन बना सकते थे? क्या टीम इंडिया ने सही बॉलिंग लाइनअप नहीं उतारी? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो क्रिकेट फैंस इस शर्मनाक हार के बाद कई सवाल पूछ रहे हैं. 

रांची की पिच जज करने से चूके? 

रांची के JSCA क्रिकेट ग्राउंड पर खूब रन बनते हैं. यह बात टीम मैनेजमेंट को पता थी. टीम इंडिया ने 2016 में इसी ग्राउंड पर श्रीलंका के खिलाफ 196 रन बनाए थे. जबकि न्यूजीलैंड ने 2023 में इसी मैदान पर 176 रन जड़े. इन आंकड़ों से पता चलता है कि रांची की पिच पर खूब रन बनते हैं. एक वक्त था जब यहां पर 150 प्लस का स्कोर बेहतर माना जाता था. लेकिन, समय बीतने के साथ यहां पर भी हाईवे पिच बनाई जाने लगीं. यही वजह है कि पिच को देखते हुए मैच के बाद कमेंटेटर्स और एक्सपर्ट ने भी माना कि स्कोर पर्याप्त नहीं था. 

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कप्तान और कोच से प्लेइंग-11 चुनने में चूके?

किसी भी टीम के कप्तान और हेड कोच पर विनिंग कॉम्बिनेशन चुनने की जिम्मेदारी रहती है. भारत ने पहले T20I में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था. इसलिए टीम में दूसरे T20I के लिए बदलाव नहीं किया गया. कैप्टन श्रेयस अय्यर और हेड कोच ने दूसरे मैच में भारत की सेम प्लेइंग-11 उतारी. कप्तान और कोच को भरोसा था कि पहले मैच की प्लेइंग-11 वेस्टइंडीज को हराने के लिए काफी है. लेकिन, यहीं पर भारतीय टीम मैनेजमेंट का दांव उलटा पड़ गया. 

टीम मैनेजमेंट ने एक बार शिवम दुबे पर भरोसा किया. शिवम पिछले कुछ समय से अच्छे टच में नहीं है. आंकड़ों पर नजर  डालें, तो उन्होंने T20I की पिछली 5 इनिंग्स में सिर्फ एक बार 20 प्लस का स्कोर बनाया है. इसके अलावा वह बॉलिंग में भी महंगे रहे. उनकी जगह टीम में नीतीश कुमार रेड्डी को शामिल किया जा सकता था. जो बैटिंग के अलावा बॉलिंग में भी कुशन देते. शिवम दूसरे T20I में 10 बॉल्स पर 7 रन बनाकर आउट हुए. इसके अलावा उन्होंने 2 ओवर की बॉलिंग में 30 रन लुटाए.  

सूर्यवंशी को चांस दिया जा सकता था

रांची में खेले गए दूसरे T20I में वैभव सूर्यवंशी को चांस दिया जा सकता था. गौतम गंभीर प्रयोग करने के लिए फेमस हैं. लेकिन, वह वैभव के बारे में  प्रयोग करने से बचते हैं. टीम में ओपनर के तौर पर अभिषेक शर्मा की जगह पक्की है. लेकिन, संजू और वैभव के बीच ओपनिंग स्लॉट को लेकर तगड़ा कॉम्पिटिशन है. कम से कम रांची T20I में वैभव की जगह बनती थी. अगर वैभव, संजू के जितनी देर क्रीज पर टिक जाते, तो भारत का स्कोर 300 के आसपास होता.

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अब आप कहेंगे कि संजू ने तो मैच में 82 रन बनाए थे. उन्हें टीम से क्यों ड्रॉप किया जाता?  दरअसल, संजू के इन 82 रनों में दो जीवनदान का भी अहम योगदान है. उनका पहला कैच उस समय छूटा जब वह 6 रनों पर बैटिंग रहे थे. अकील हुसैन की गेंद पर कामिल पूरन ने कैच ड्रॉप कर दिया था. 

इसके बाद उनका दूसरा कैच 42 रनों पर छूटा. तब रोमारियो शेफर्ड की गेंद पर मिड ऑफ पर खड़े फील्डर ने उनका कैच मिस कर दिया. अगर संजू सैमसन जल्दी आउट हो गए होते, तो फिर भारतीय टीम 180 और 190 तक टोटल बना पाती. 

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इंडियन बॉलर्स ने लुटाए रन

वेस्टइंडीज के बैटर जब 250 रनों का टारगेट हासिल करने उतरे, तो उनके बल्ले पर गेंद आसानी से आ रही थी. हालांकि, टीम इंडिया ने 58 रनों पर 3 विकेट आउट करके अपने को मैच में बनाए रखा. लेकिन, शे होप, शरफेन रदरफोर्ड और रोमारियो शेफर्ड ने आतिशी बैटिंग करके भारतीय बॉलिंग को तहस-नहस कर दिया. 

शे होप ने 45 बॉल्स पर 102 रन बनाए. शरफेन रदरफोर्ड ने 37 बॉल्स पर 84 रन जड़े. जबकि, रोमारियो शेफर्ड ने 11 गेंदों पर 34 रन बनाए. यह वेस्टइंडीज के पावर हिटिंग का कमाल था, जिसके चलते उसने 9 गेंद बाकी रहते 250 रनों का टारगेट हासिल कर लिया. 

मैच में वेस्टइंडीज के तूफानी बैटर्स के आगे भारत के बॉलर्स प्रेशर में आ गए. वे अपनी लाइन और लेंथ मेंटेन करने में नाकाम रहे. शे होप और शरफेन रदरफोर्ड ने जो प्रेशर बनाया इससे टीम इंडिया के बॉलर उबर नहीं पाए. इन बैटर्स ने टीम इंडिया के सभी गेंदबाजों की जमकर कुटाई की. 

शिवम दुबे और नमन धीर ने तो अपने कोटे के ओवर भी नहीं पूरे किए. दोनों बॉलर्स ने 2-2 ओवर की बॉलिंग की. शिवम ने ओवर में 30 और नमन ने 2 ओवर में 25 रन दिए. अक्षर पटेल भी काफी महंगे रहे. उन्होंने 3.3 ओवर्स में 63 रन खर्च किए. टीम इंडिया के लिए सिर्फ मयंक यादव इम्पैक्ट डाल पाए. उन्होंने 3 ओवर्स में 36 रन देकर 3 विकेट लिए.

इस तरह भारतीय बॉलर्स अपने होम ग्राउंड पर 250 रनों का टारगेट डिफेंड नहीं कर पाए. इस दौरान वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ T20I में सबसे बड़ा रन चेज हासिल करने करने का रिकॉर्ड भी बना दिया. 

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