टीम इंडिया को 23 अगस्त से कोलंबो में दूसरा टेस्ट मैच खेलना है. गॉल में मिली 165 रनों से जीत के बाद टीम का कॉन्फिडेंस काफी हाई है. साथ ही हाई है टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर का भी कॉन्फिडेंस. हेड कोच मैच से पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने पुराने अंदाज में नज़र आए.
कोच गंभीर का दो टूक जवाब! ट्रॉफी जिताना मेरा काम, लाइक्स और व्यूज पाना नहीं
Colombo Test : टीम इंडिया को 23 अगस्त से कोलंबो में दूसरा टेस्ट मैच खेलना है. गॉल टेस्ट में 165 रनों से मिली जीत के बाद टीम का मनोबल काफी ऊंचा है. मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे कोच Gautam Gambhir गुस्से मे नज़र आए. टीम की मौजूदा रैंकिंग के सवाल पर वो भड़क गए.

उन्होंने ये साफ कर दिया कि वो इंडियन क्रिकेट को लेकर बने पॉपुलर ओपिनियंस में इंट्रेस्टेड नहीं हैं. साथ ही उन्हें रैंकिंग से भी कोई फर्क नहीं पड़ता. गंभीर ने जोर देकर ये भी कह दिया कि उन्हें क्रिटिसिज्म पर जवाब देने में कोई दिलचस्पी नहीं है. न ही उन्हें इस बात की चिंता है कि टीम के परफॉर्मेंस को कैसे देखा जा रहा है?
कोच गंभीर ने क्या कहा?हेड कोच के मुताबिक, असल में एक ही चीज मायने रखती है. वो है ट्रॉफी. उन्होंने कहा,
मेरा काम ट्रॉफी जीतना है. व्यूज़ और लाइक्स पाना नहीं. मैं बस इसी पर ध्यान देता हूं.
टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में एक बड़े ट्रांजिशन के फेज से गुजर रही है. ऐसे में गंभीर को लगता है कि रैंकिंग या बाहरी आलोचना ये तय नहीं कर सकती कि टीम इंडिया कैसे आगे बढ़ेगी? पिछले साल ही रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन ने क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. इसके बाद से ही गंभीर एक नई कोर टीम बनाने की कोशिश में जुटे हैं.
शुभमन गिल की अगुवाई में टीम तैयार हो रही है. नंबर 3 पोजिशन पर देवदत्त अच्छे दावेदार नज़र आ रहे हैं. मानव फ्यूचर स्पिन ऑलराउंडर के तौर पर उभरे हैं. ऐसे में हेड कोच चाहते हैं कि इस टीम को सेटेल होने के लिए टाइम मिलना चाहिए. इनके हर परफॉर्मेंस पर रिएक्शन देना सही नहीं है. गंभीर ने कहा,
रैंकिंग मायने नहीं रखती. हम स्ट्रगल नहीं कर रहे हैं. इंग्लैंड टूर के बाद से हमने ठीक-ठाक टेस्ट क्रिकेट खेला है.
गॉल में 165 रनों से मिली जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है. इसी के कारण गंभीर काफी संतुष्ट नज़र आ रहे हैं. हालांकि, उनके टेन्यॉर में टीम इंडिया का रेड बॉल क्रिकेट में परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रहा है.
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गंभीर के कार्यकाल में टीम का टेस्ट रिकॉर्ड| विरोधी टीम | स्थान | जीत | ड्रॉ | हार |
|---|---|---|---|---|
| बांग्लादेश | घरेलू | 2 | 0 | 0 |
| न्यूज़ीलैंड | घरेलू | 0 | 0 | 3 |
| ऑस्ट्रेलिया | विदेशी | 1 | 1 | 3 |
| इंग्लैंड | विदेशी | 2 | 1 | 2 |
| वेस्टइंडीज़ | घरेलू | 2 | 0 | 0 |
| दक्षिण अफ़्रीका | घरेलू | 0 | 0 | 2 |
| अफ़ग़ानिस्तान | घरेलू | 1 | 0 | 0 |
| श्रीलंका | विदेशी | 1 | 0 | 0 |
हालांकि, इसमें कोई दो राय नहीं कि 3 सीनियर प्लेयर्स के जाने से टीम पर बहुत इंपैक्ट पड़ा है. लेकिन, इससे नए जेनरेशन के लिए रास्ते भी खुले हैं. शुभमन गिल ने बतौर कप्तान जिम्मेदारी संभाल ली है. साथ ही नंबर 4 पर उन्होंने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया है. वहीं, इस सीरीज में नंबर 3 पर देवदत्त पडिक्कल काफी मजबूत नज़र आए हैं. हालांकि, जिस एक प्लेयर ने श्रीलंका में सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है. वो हैं स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार. उन्होंने अपने करियर के दूसरे ही टेस्ट में गॉल में 10 विकेट चटका दिए. गंभीर का मानना है कि इन प्लेयर्स को हमें थोड़ा समय देना चाहिए. एक या दो मैच के परफॉर्मेंस के हिसाब से आकलन नहीं करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा,
क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. हमें अपने प्लेयर्स को बैक करना चाहिए. उन्हें ज़्यादा मौके देने चाहिए. सिर्फ़ एक या दो मैचों के आधार पर उनके बारे में राय नहीं बनानी चाहिए.
इस सोच का असर कोलंबो में टीम इंडिया के सेलेक्शन पर भी पड़ सकता है. मुकाबले में कुलदीप यादव को मौका मिलेगा या सारांश जैन को? ये सवाल अब भी फैंस के जेहन में कौंध रहा है. इसे लेकर गंभीर ने कहा,
हम बेस्ट बॉलिंग अटैक उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके. कुलदीप एक अच्छे बॉलर हैं. लेकिन, अंतिम डिसिजन कप्तान पर भी निर्भर करता है.
यानी इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या सोचते हैं. टीम में जगह उसे ही मिलेगी, जिस पर भरोसा होगा कि ये मैच जिताने में मदद करेगा.
कोलंबो में टीम इंडिया के पास बड़ा मौकाकोच गंभीर के मुताबिक, दो मैचों की सीरीज ठीक नहीं होती. उनके हिसाब से तीन मैचों की सीरीज ही एक आइडियल फॉर्मेट है. दरअसल, श्रीलंका के खिलाफ ये सीरीज दो मैचों की ही है. अब क्योंकि टीम इंडिया ने पहला मुकाबला जीत लिया था. ऐसे में श्रीलंका सिर्फ इस सीरीज में अब ड्रॉ हासिल कर सकता है. वहीं, टीम इंडिया के पास क्लीन स्वीप हासिल करने का मौका होगा.
गंभीर का मानना है कि गॉल की पिच टेस्ट क्रिकेट के लिए बिल्कुल आदर्श थी. उन्हें उम्मीद है कि कोलंबो में भी अच्छा टेस्ट क्रिकेट देखने को मिलेगा. हालांकि, उन्होंने ये माना कि टीम अभी ट्रांजिशन के फेज में है. ऐसे में रिजल्ट्स उतार-चढ़ाव वाले हो सकते हैं. लेकिन, उनका फोकस एक ऐसी टीम तैयार करने पर है जो क्रूशियल मैच जीत सके. कोलंबो टेस्ट टीम इंडिया की नई कोर टीम के लिए एक बड़ा मौका होगा. ऐसे में ये देखने लायक होगा कि टीम इंडिया का प्रोग्रेस सही दिशा में हो रहा है या नहीं.
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