रोहित शर्मा और विराट कोहली. फोटो: AP
अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारत की बड़ी जीत के बाद या शायद उससे पहले, जब टीम इंडिया ने 210 रन बना दिए, बहुत से लोगों ने कहा था कि इस प्रदर्शन का क्या मतलब, जब आप ट्रॉफी ना जीत पाएं. और अब टीम इंडिया के वाइस-कैप्टन रोहित शर्मा ने भी उनकी हां में हां मिला दी है. रोहित का मानना है कि ऐसे रन और शतकों का कोई मतलब नहीं है अगर आप ट्रॉफी ना जीत पाएं तो. शुक्रवार को भारत की टक्कर स्कॉटलैंड से हो रही है. उससे पहले ICC के ऑफिशल मीडिया हैंडल से बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा,
'2016 से अब तक मैंने बहुत सारा अनुभव हासिल किया है. बतौर बल्लेबाज़ मैं अब 2016 से बहुत अधिक परिपक्व हुआ हूं. खेल को समझा है, टीम को आपसे क्या चाहिए इसकी समझ विकसित की. क्योंकि आप हमेशा टीम को खुद से आगे रखते हैं और ये भी ध्यान रखते हैं कि टीम आपसे क्या चाहती है.'
उन्होंने आगे कहा,
'आपको शॉट खेलते वक्त ये ध्यान रखना होता हैं कि टीम की इस वक्त क्या ज़रूरत है. क्योंकि जब आप अपनी टीम के लिए शुरुआत करते हैं, तो आपके पास सबसे ज़्यादा गेंदें खेलने का मौका होता है. ऐसे में आप ज़्यादा से ज़्यादा रन बना सकते हैं, और आप पाएंगे कि दुनियाभर में T20 क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतक टॉप-3 बल्लेबाज़ों के होते हैं.'
रोहित शर्मा ने 2019 विश्वकप पर भी बात की. 2019 विश्वकप में रोहित ने पांच शतक लगाए थे. रोहित ने कहा,
'2019 विश्वकप मेरे दिल के बहुत क़रीब है. सिर्फ इसलिए, क्योंकि मैंने वहां रन बनाए थे और वो बेहद खास था. मैंने सिर्फ प्रोसेस को फॉलो किया और वो मेरे लिए काम कर गया.'
हालांकि फिर भी रोहित ने ये कहा कि ऐसे रन किसी काम के नहीं हैं, अगर आप ट्रॉफी नहीं जीत सके तो. रोहित ने कहा,
'जब भी आप किसी टूर्नामेंट में जाते हैं, तो आपके कुछ प्लान्स होते हैं जिनपर आप अमल करते हैं. लेकिन अगर आप ट्रॉफी नहीं जीतते हैं तो फिर उन सारे रन, उन सभी शतकों का कोई मतलब नहीं रह जाता है.'
इन बातों के अलावा रोहित शर्मा ने अपने जर्सी नंबर का कारण भी बताया है. बता दें कि 45 नंबर की जर्सी पहनते हैं जो कि आमतौर पर प्लेयर्स नहीं पहनते थे. रोहित ने इस बारे में कहा कि उनकी मां चाहती थीं कि वो 45 नंबर जर्सी पहनें.