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पिता से जिद कर बनी क्रिकेटर, श्री चरणी एक साल में T20I की नंबर-1 बॉलर बन गईं

Sree Charani के पिता चंद्रशेखर रेड्डी नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी एथलेटिक्स छोड़ कर क्रिकेट खेले. उनका मानना था कि बेटी एथलेटिक्स में जाए. लेकिन, श्री चरणी की जिद उन्हें क्रिकेट में ले आई.

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श्री ने विमेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक 3 मैच में 10 विकेट लिए हैं. (फोटो- PTI)

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  • 23 जून 2025 को ICC ने विमेंस T20I बॉलर्स की रैंकिंग जारी की, जिसमें श्री चरणी को विश्व की नंबर 1 लेफ्ट आर्म स्पिनर घोषित किया गया।
  • श्री चरणी ने शुरुआत में एथलेटिक्स में करियर बनाना चाहा था, लेकिन MSK प्रसाद की सलाह पर उन्होंने क्रिकेट चुनने का फैसला किया।
  • टीम इंडिया में चुने जाने के बाद श्री चरणी ने T20 वर्ल्ड कप 2026 में तीन मैचों में 10 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा साबित की है।

विमेंस T20 इंटरनेशनल में एक साल पहले डेब्यू, और अब वर्ल्ड नंबर 1 बॉलर. ऐसा कम ही होता है, लेकिन टीम इंडिया की लेफ्ट आर्म स्पिनर श्री चरणी (Sree Charani) ने ये कारनामा कर दिया है. 23 जून को ICC ने WT20I बॉलर्स की रैकिंग जारी की, जिसमें वो टॉप पर हैं. 28 जून 2025 को विमेंस T20I में डेब्यू करने वाली श्री चरणी पहले एथलीट थीं. MSK प्रसाद के कहने पर क्रिकेट चुनने वाली श्री T20 वर्ल्ड कप में भी कमाल कर रही हैं.  

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श्री चरणी को क्रिकेटर बनाने में उनके चाचा किशोर रेड्डी का हाथ है. जब वो तीसरी क्लास में पढ़ती थीं, उस वक्त उन्होंने अपने चाचा किशोर के साथ प्लास्टिक के बैट से क्रिकेट खेलना किया था. किशोर रेड्डी रायलसीमा थर्मल पॉवर स्टेशन (RTPC) में काम करते थे. वह दफ्तर से 11 बजे आते और 3 बजे तक क्रिकेट खेलते. कुछ समय बाद वह अपने चाचा के ग्राउंड पर जाने लगीं. वहां उन्होंने अपनी उम्र से बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलना शुरू किया.

खो-खो और बैडमिंटन में हाथ आजमाया

श्री चरणी रायलसीमा थर्मल पॉवर स्टेशन (RTPS) के DAV स्कूल में पढ़ती थीं. उस वक्त वो खो-खो और बैडमिंटन खेलती थीं. उनकी मंशा एथलीट बनने की थी. किशोर रेड्डी ने कुछ महीने पहले इंडियन एक्सप्रेस को बताया था,

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श्री चरणी खो-खो में बहुत अच्छी थीं. वह बैडमिंटन भी खेलतीं और हर दिन 3 किमी की दौड़ लगातीं.

साल बीते. चरणी 10वीं क्लास में आ गईं. तभी उनके फिजिकल एजूकेशन इंस्ट्रक्टर नरेश उन्हें हैदराबाद के SAI ट्रेनिंग सेंटर में सेलेक्शन के लिए ले गए. किशोर बताते हैं कि SAI सेंटर में MSK प्रसाद ने चरणी से क्रिकेट चुनने को कहा था. वो कहते हैं,

श्री चरणी वहां पर एथलेटिक्स के लिए चुनी ली गईं. वह प्रैक्टिस करती थीं. टीम इंडिया के पूर्व सेलेक्टर MSK के प्रसाद कभी-कभी एकेडमी आते थे. जब MSK प्रसाद और दूसरे लोगों ने उनकी स्किल्स देखीं, तो उन्होंने श्री चरणी को क्रिकेट चुनने की सलाह दी.

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पिता क्रिकेट के खिलाफ थे

श्री चरणी के पिता चंद्रशेखर रेड्डी नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी एथलेटिक्स छोड़ कर क्रिकेट खेले. चंद्रशेखर का मानना था,

एथलेटिक्स में आप अकेले होते हैं. सब कुछ आपकी परफॉर्मेंस पर डिपेंड करता है. क्रिकेट में 11 प्लेयर होते हैं. उनके बीच अपनी पहचान बनाना मुश्किल है.

MSK प्रसाद की सलाह के बारे में चंद्रशेखर ने बताया,

MSK प्रसाद की सलाह के बाद, श्री चरणी ने क्रिकेट खेलने की ठान ली. उसने हमें बताया कि वह अब एथलेटिक्स में जाना नहीं चाहतीं. वह क्रिकेट खेलना चाहती हैं.

श्री चरणी ने अब फैसला कर लिया था कि वो क्रिकेट ही खेंलेगी. यानी, एथलेटिक्स से उन्होंने दूरी बना ली. इसी दौरान एक प्लेयर के रेफरेंस से वो कुकटपल्ली की GHMC क्रिकेट एकेडमी पहुंचीं. जहां पूर्व रणजी क्रिकेटर मार्रीपुरी सुरेश कोच थे. सुरेश 16 साल की श्री की फिटनेस देख दंग रह गए. सुरेश का कहना था,

अगर फिटनेस लेवल अच्छा है, तो इस उम्र में खेल में ढालने का अच्छा चांस रहता है. श्री चरणी लोअर ऑर्डर में पावर-हिटिंग बैटर हैं. वह आसानी से बाउंड्री पार कर सकती हैं. उनसे  इम्प्रेस होकर मैंने उन पर ज्यादा फोकस किया.

श्री चरणी के पास एक्युरेसी और कंसिस्टेंसी पहले से थी. शुरुआत में जब वह टेनिस बॉल से गली क्रिकेट खेलती थीं, तब मीडियम प्रेसर थीं. आंध्रा के हेड कोच श्रीनिवास रेड्डी भी लेफ्ट हैंड स्पिनर श्री चरणी के चार स्टेप रन-अप के साथ मीडियम पेसर जितनी पेस देखकर हैरान थे.

इसके बाद श्री चरणी ने क्रिकेट में तेजी से ग्रो किया. कोच सुरेश मुताबिक,

श्री चरणी ने डिस्ट्रि्क्ट लेवल पर कडप्पा के लिए शानदार प्रदर्शन किया. वह अक्सर पांचवें और छठे नंबर पर बैटिंग करती थीं. वह नई गेंद से बॉलिंग भी करती थीं.  पहले साल में वह 50-60 रन बनाने के अलावा, रेग्युलर 4-5 विकेट लेती थीं.

टीम इंडिया का सफर

डिस्ट्रि्क्ट लेवल पर श्री चरणी की परफॉर्मेंस ने श्रीनिवास को काफी प्रभावित किया. श्रीनिवास आंध्रा की U-19 टीम की बेंच मजबूत करना चाहते थे. उन्होंने श्री को टीम में जोड़ा. और 2022 में श्री चरणी ने U-19 लेवल पर ऑलराउंड परफॉर्मेस से कोच को इम्प्रेस कर दिया. कमाल की बॉलिंग की.

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साल बीते. श्री चरणी अपनी परफॉर्मेंस निखारती रहीं. 2025 में WPL के ऑक्शन हुए. जो श्री का करियर डिसाइड करने वाले थे. दिल्ली कैपिटल्स ने श्री चरणी को 55 लाख रुपये में साइन कर लिया. 

टूर्नामेंट की बारी आई. WPL 2025 में श्री चरणी ने DC के लिए 2 मैच खेले और 4 विकेट लिए. इसके बाद श्री चरणी ने देहरादून में चैलेंजर ट्रॉफी में टीम B को रिप्रजेंट किया. और इसके बाद उन्हें टीम इंडिया से कॉल-अप मिल गया.

श्री चरणी को अप्रैल 2025 में श्रीलंका के खिलाफ ODI सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में सेलेक्ट किया गया. जून 2025 में उन्हें T20I में जगह मिली. टीम इंडिया में आने के बाद से उन्होंने लगातार अच्छी परफॉर्मेंस दी हैं. फिलहाल, श्री विमेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया की तरफ से खेल रही हैं. टूर्नामेंट में अब तक 3 मैच में उन्होंने 10 विकेट लिए हैं.

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