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अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में 17 खेल होंगे, खर्च भी 60% कम होगा

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 'गेम्स रीसेट' नाम से नई योजना शुरू की है. इसका मकसद है कि गेम्स सस्ते, एनवायरमेंट फ्रेंडली और ज्यादा देशों के लिए संभव बनाए जाएं. अहमदाबाद 2030 में इस नई योजना को लागू किया जाएगा.

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60% कम लागत का मतलब है कि गेम्स अब सिर्फ अमीर देशों तक सीमित नहीं रहेंगे. (फोटो- Getty)

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  • अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 17 खेल शामिल किए जाएंगे और ये आयोजन पिछले संस्करणों की तुलना में करीब 60 प्रतिशत कम खर्च में पूरा होगा।
  • पिछले कुछ वर्षों में गेम्स की लागत बढ़ने के कारण कई देशों ने मेजबानी से दूरी बनानी शुरू कर दी थी, जिससे कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 'गेम्स रीसेट' योजना शुरू की।
  • 60 प्रतिशत कम खर्च के कारण नए गेम्स अधिक देशों के लिए संभव बनेंगे जिससे छोटे देश भी मेजबानी कर सकेंगे और भारत में खेलों की लोकप्रियता बढ़ेगी।

अहमदाबाद में होने वाले 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में कुल 17 खेल शामिल किए जाएंगे. इतना ही नहीं पिछले गेम्स की तुलना में ये टूर्नामेंट करीब 60 परसेंट कम खर्च में पूरा किया जाएगा. कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की CEO केटी सैडलियर ने लंदन में ये जानकारी दी.

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पिछले कुछ सालों में गेम्स की लागत बहुत बढ़ गई थी, जिसकी वजह से कई देश पीछे हट रहे थे. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में 2026 के गेम्स होने थे, लेकिन शहर ने इसकी मेजबानी से मना कर दिया था. इसका कारण ज्यादा खर्च था. इसके बाद स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर ने 2026 की मेजबानी संभाली. ग्लासगो वाले गेम्स को काफी छोटा रखा गया है. इसमें सिर्फ 10 स्पोर्ट्स और 6 पैरा स्पोर्ट्स होंगे. इन गेम्स का अनुमानित खर्च करीब 160 मिलियन पाउंड है. जबकि 2022 के बर्मिंघम गेम्स पर 780 मिलियन पाउंड खर्च हुए थे.

अब कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 'गेम्स रीसेट' नाम से नई योजना शुरू की है. इसका मकसद है कि गेम्स सस्ते, एनवायरमेंट फ्रेंडली और ज्यादा देशों के लिए संभव बनाए जाएं. अहमदाबाद 2030 में इस नई योजना को लागू किया जाएगा. केटी सैडलियर ने कहा कि अहमदाबाद में खेलों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी जाएगी. इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) और भारत सरकार के साथ मिलकर खेलों की लिस्ट फाइनल की जा रही है. 

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ये गेम्स भारत के लिए बहुत बड़ा मौका है. अहमदाबाद में 350 एकड़ में सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एनक्लेव बन रहा है, जहां मॉडर्न टेक्नोलॉजी होगी और अलग-अलग सुविधाएं भी. शहर पहले से मौजूद स्टेडियम, ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर का अच्छा इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे नई चीजों पर खर्च कम होगा. ग्लासगो की तरह यहां भी पर्यावरण को ध्यान में रखा जाएगा. इलेक्ट्रिक और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल होगा, साथ ही सस्टेनेबल तरीके अपनाए जाएंगे.

17 खेल कौन-कौन से?

फिलहाल इसकी पूरी लिस्ट अभी फाइनल नहीं हुई है. लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अनुसार मुख्य खेलों में एथलेटिक्स, स्विमिंग, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जिम्नास्टिक्स, नेटबॉल शामिल होंगे. पैरा स्पोर्ट्स भी होंगे. क्रिकेट (T20), हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, आर्चरी, रग्बी, स्क्वैश, जूडो पर भी विचार चल रहा है. भारत में फेमस स्पोर्ट्स जैसे कबड्डी या क्रिकेट को शामिल करने की कोशिश हो सकती है, जो दर्शकों को ज्यादा आकर्षित करेगा.

कम खर्च का फायदा

60% कम लागत का मतलब है कि गेम्स अब सिर्फ अमीर देशों तक सीमित नहीं रहेंगे. कई छोटे देश अब मेजबानी के लिए तैयार हो रहे हैं. इससे कॉमनवेल्थ परिवार मजबूत होगा. भारत जैसे बड़े देश में ये आयोजन एथलीट्स को घरेलू मैदान पर प्रदर्शन करने का मौका देगा और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाएगा.

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ये गेम्स 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की शताब्दी भी मनाएंगे, इसलिए इसे यादगार बनाने की योजना है. कुल मिलाकर, अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स न सिर्फ खेलों का उत्सव होगा बल्कि सस्टेनेबल और किफायती आयोजन का नया मॉडल भी पेश करेगा.

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