साउथ अफ्रीका के कोच शुक्री कोनराड (Shukri Conrad) की रणनीतियां तो क्रिकेट ग्राउंड पर कमाल कर ही रहीं, उनके बयान भी चर्चा का कारण बन रहे हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले से पहले कोनराड ने फिर ऐसा बयान दिया है जो कि भारतीय फैंस के जख्म को कुरेद देगा. कोनराड से यहां साउथ अफ्रीका के चोकर्स टैग को लेकर सवाल हुआ तो उन्होंने 'सी' से कपकेक याद दिला दिया.
'कपकेक' के बहाने फिर टीम इंडिया के मजे ले गए साउथ अफ्रीकी कोच?
कपकेक’ वाला तंज दरअसल टूर्नामेंट के ब्रॉडकास्टर्स से जुड़ा हुआ था. साउथ अफ्रीका और भारत के मुकाबले के मैच के लिए एक एड तैयार किया गया था.


चोकर्स टैग के दबाव को लेकर जब कोनराड से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा,
दबाव तो हमेशा रहता है, बात बस इतनी है कि आप उस दबाव को कैसे संभालते हैं और उसे कैसे बदलते हैं. जहां तक 'सी' शब्द (चोकर) की बात है, तो एक और शब्द है 'कपकेक्स', जिसे हमें याद रखना होगा, इसे भूलना नहीं चाहिए. मुझे नहीं लगता कि इससे (दबाव से) कुछ बदलेगा. हमारे लिए सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा. न्यूजीलैंड के खिलाफ हम शायद इसलिए फेवरेट के तौर पर शुरुआत करेंगे क्योंकि हम टूर्नामेंट में एकमात्र ऐसी टीम हैं जो अभी तक हारी नहीं है. लेकिन मुझे नहीं पता कि इससे दबाव बढ़ेगा या नहीं. सेमीफाइनल खेलना ही काफी दबाव वाला होता है. किसी टॉप टीम के खिलाफ खेलना भी काफी दबाव वाला होता है.
‘कपकेक’ वाला तंज दरअसल टूर्नामेंट के ब्रॉडकास्टर्स से जुड़ा हुआ था. साउथ अफ्रीका और भारत के मुकाबले के मैच के लिए एक एड तैयार किया गया था. इस एड में एक साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी का किरदार कर रहे अभिनेता को ‘कपकेक’ खाते हुए दिखाया गया था. यह इस टीम पर लंबे समय से लगाए जाते रहे ‘चोकर’ टैग पर व्यंग्य था. विवाद बढ़ने के बाद हालांकि इस एड को हटा लिया गया था. साउथ अफ्रीका ने इसके बाद अहमदाबाद में मेज़बान भारत को 76 रन से करारी शिकस्त दी थी. इसी कारण कोनराड ने कपकेक शब्द का इस्तेमाल किया.
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सेमीफाइनल के लिए तैयार कोनराडसेमीफाइनल मैच को लेकर कोनराड ने कहा,
टीम अतीत के बोझ के साथ नहीं खेल रही. हर सेमीफाइनल और फाइनल आपको ट्रॉफी जीतने का मौका देता है. हम उसी अवसर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. टीम सही समय पर सही लय में है और कोलकाता पहुंचकर अच्छी यादों को फिर से ताजा करने को लेकर उत्साहित हैं. कुछ महीने पहले टीम ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया था और खिलाड़ी उसी आत्मविश्वास को बरकरार रखना चाहते हैं. सेमीफाइनल अपने आप में बड़ा मंच है. हम सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देंगे. यह ‘अंडरडॉग’ से बेहतर है कि आप मजबूत टीम के रूप में उतरें और उसे स्वीकार करें.
आपको बता दें कि साउथ अफ्रीका पिछली बार भी टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी. 2024 के उस फाइनल में उसे भारत के हाथों ही हार मिली थी.
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