संजू सैमसन. वेस्टइंडीज के खिलाफ T20 World Cup के सुपर 8 मैच में मैच विनिंग पारी खेली (Sanju Samson). नॉट आउट 97 रन बनाकर संजू ने टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाया. मैच के बाद संजू ने बताया कि कैसे उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा से गेम के बारे में सीखा है.
करियर डिफाइनिंग पारी, संजू ने विराट-रोहित को क्यों याद किया?
Sanju Samson ने बताया कि जिस दिन से उन्होंने खेलना शुरू किया और देश के लिए खेलने का सपना देखा, उसी दिन से वो इस पल का इंतजार कर रहे थे.


प्लेयर ऑफ द मैच रहे संजू ने ब्रॉडकास्टर्स से बताया कि उन्होंने इसी दिन के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया था. वो बोले,
“ये पल मेरे लिए सब कुछ है. जिस दिन से मैंने खेलना शुरू किया और देश के लिए खेलने का सपना देखा, उसी दिन से मैं इस पल का इंतजार कर रहा था. मैं बहुत आभारी हूं और भगवान का दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे आज ये मौका दिया. मेरा सफर बहुत खास रहा है, जिसमें कई उतार-चढ़ाव आए. कई बार मैंने खुद पर शक भी किया, सोचा कि क्या मैं सच में ये कर पाऊंगा? लेकिन मैंने भरोसा बनाए रखा और मेहनत करता रहा. आज मैं बहुत खुश हूं. शायद यही वजह है कि मैं इतने लंबे समय से इस फॉर्मेट में खेल रहा हूं.”
संजू ने रोहित और विराट से सीखने की बात भी कही. उन्होंने बताया,
“मैंने करीब 10–12 साल Indian Premier League (IPL) खेला है और पिछले 10 साल से देश के लिए टीम का हिस्सा रहा हूं. भले ही मुझे हर मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन मैं डगआउट से बैठकर बहुत कुछ सीखता रहा. मैंने विराट कोहली, रोहित शर्मा और दूसरे महान खिलाड़ियों को करीब से देखा है. ये समझना बहुत जरूरी था कि वो फील्ड पर क्या करते हैं, कैसे सोचते हैं और मैच की स्थिति के हिसाब से अपने गेम को कैसे बदलते हैं.”
संजू ने आगे बताया,
“मेरे पास भले ही 50–60 मैच खेलने का अनुभव हो, लेकिन मैंने करीब 100 मैचों को ध्यान से देखा और सीखा है कि बड़े प्लेयर्स मैच को कैसे खत्म करते हैं और कंडीशन के अनुसार अपनी स्ट्रैटजी कैसे बदलते हैं. यही सीख मेरे बहुत काम आई है.”
लोगों के सपोर्ट और पॉजिटिव माइंडसेट को लेकर संजू ने कहा,
196 रन किए चेज“मुझे लगता है कि ये मेरे जीवन के सबसे बड़े दिनों में से एक है. लोगों के सपोर्ट और एनर्जी से बहुत हिम्मत मिलती है. लेकिन मन में एक सवाल भी आता रहता है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो? ये बात दिमाग में चलती रहती है. जब भी ये ख्याल आता था, मैं खुद को वर्तमान में ले आता था. मैंने सिर्फ गेंद पर ध्यान दिया, और अपने आप पर भरोसा करता रहा कि गेंद जैसी होगी, मैं उसी के हिसाब से खेलूंगा.”
196 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी इंडियन टीम को अभिषेक और संजू ने बढ़िया शुरुआत दिलाई. दोनों ने तीन ओवरों में 29 रन जोड़े. इसके बाद संजू ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ तीसरे विकेट के लिए 35 बॉल्स में 58 रनों की पार्टनरशिप की. सूर्या 16 गेंद में 18 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन संजू डटे रहे.
संजू सैमसन ने 10वें ओवर की चौथी बॉल पर अपनी फिफ्टी पूरी की. उन्होंने 26 बॉल पर चौका लगाकर पचासा पूरा किया. इससे पहले इसी ओवर की दूसरी बॉल पर गुडकेश मोती ने उनका रिटर्न कैच ड्रॉप किया था. संजू ने सीधे शॉट खेला था, लेकिन मोती बॉल को कलेक्ट नहीं कर पाए.
11वें ओवर में सूर्या का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए तिलक वर्मा. संजू ने तिलक के साथ चौथे विकेट के लिए 26 गेंदों पर 42 रनों की पार्टनरशिप की. जो मैच के कॉन्टेक्स्ट में काफी अहम थी. तिलक 15 गेंद में 27 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद संजू और हार्दिक पंड्या ने मैच फिनिश कर दिया.
हार्दिक और संजू के बीच 5वें विकेट के लिए 22 गेंदों पर 38 रनों की साझेदारी हुई. संजू ने नॉट आउट 97 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने 12 चौके और 4 छक्के लगाए.
वीडियो: वनडे सीरीज में संजू सैमसन को ड्रॉप करने से भड़के पूर्व सेलेक्टर, आगरकर को गंदा सुना दिया!














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