ज़हीर अब्बास, एवर्टन वीक्स और अब सोनल दिनुशा. इन तीनों में एक बात कॉमन है. टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पहली 3 इनिंग्स में 80 से ज़्यादा स्कोर बनाने वाले ये सिर्फ 3 प्लेयर्स हैं. मेजबान श्रीलंकाई टीम अब तक टीम इंडिया के सामने बेहद कमजोर ही नज़र आई है. गॉल में 165 रनों से मिली हार के बाद अब दूसरे टेस्ट में भी टीम पिछड़ गई है. लेकिन, उनके लिए एक चीज सबसे पॉजिटिव रही है. वो है सोनल दिनुशा की बैटिंग. पूरी टीम में ये एकमात्र बैटर रहा है, जिसने टीम इंडिया के बॉलर्स को परेशान किया है.
दिनुशा की बैक-टू-बैक सेंचुरी भी नहीं टाल पाई श्रीलंका का फॉलोऑन
Ind vs SL Colombo Test : श्रीलंकाई बैटर Sonal Dinusha ने कोलंबो टेस्ट में पहली इनिंग्स में 103 रनों की पारी खेली. इससे पहले, गॉल टेस्ट में भी उन्होंने पहली इनिंग्स में सैकड़ा जड़ा था. हालांकि, इसके बावजूद कोलंबो में वो अपनी टीम का फॉलोऑन टाल नहीं पाए.

गॉल टेस्ट की पहली इनिंग्स में सेंचुरी जड़ने के बाद अब सोनल ने कोलंबो में भी ये कारनामा दोहरा दिया है. मुकाबले के चौथे दिन सोनल ने सेंचुरी लगाकर श्रीलंकाई टीम को फिर संकट से निकाल लिया. 8 चौके और 3 छक्कों की मदद से उन्होंने 103 रनों की पारी खेली. लेकिन, इसके बावजूद वो श्रीलंकाई टीम को फॉलोऑन से नहीं बचा सके. टीम को फॉलोऑन बचाने के लिए जब 14 रनों की दरकार थी, डेब्यूटांट सारांश जैन ने उन्हें स्लिप में खड़े केएल राहुल के हाथों लपकवा दिया.
26 अगस्त को मुकाबले के चौथे दिन श्रीलंका ने 8 विकेट पर 264 रनों से आगे खेलना शुरू किया. उनके सामने दो लक्ष्य थे. 84 रन पर बैटिंग कर रहे सोनल दिनुशा बैक-टू-बैक सेंचुरी लगाएं और टीम फॉलोऑन बचाने में सफल रहे. लाहिरू कुमारा जिस तरह सोनल का साथ दे रहे थे, लग रहा था कि श्रीलंकाई बैटर्स आसानी से दोनों टारगेट हासिल कर लेेंगे. लेकिन, डेब्यूटेंट सारांश जैन ने प्लान पर पानी फेर दिया.
तीसरे दिन के अंत में सारांश जैन ने एक मौका बनाया था. उन्होंने सेट बैटर सोनल को LBW कर दिया था. अंपायर ने भी उनके पक्ष में ही फैसला दिया. लेकिन, सोनल को उनके बैट ने बचा लिया. शॉट खेलने के दौरान बैट का महीन किनारा लगने के कारण वो बच गए. लेकिन, चौथे दिन सेंचुरी पूरी करने के बाद जब टीम को फॉलोऑन बचाने के लिए महज 14 रनों की दरकार थी. वो सारांश का शिकार हो गए. सारांश ने उन्हें स्लिप में खड़े केएल राहुल के हाथों लपकवा लिया.
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शॉट सेलेक्शन ने सबको किया है हैरानहालांकि, एक चीज जिसने सबको प्रभावित किया, वो थी सोनल की बैटिंग. सोनल ने अब तक इस सीरीज में भारतीय बॉलर्स को खूब तंग किया है. चाहे स्पिनर्स हो या सीमर्स सब उनके आगे स्ट्रगल करते ही नज़र आए हैं. उन्होंने गॉल में 100 और 84 रन. अब कोलंबो टेस्ट की पहली इनिंग्स में 103 रनों की पारी खेली. उनकी बैटिंग की सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने ये रन किस तरह बनाए.
दिनुशा ने टीम इंडिया के स्पिनरों के खिलाफ सिर्फ लंबे समय तक टिके रहने की कोशिश नहीं की. उन्होंने अपने पैरों के इस्तेमाल, स्वीप शॉट और समझदारी से स्ट्राइक रोटेट करके लगातार उनकी लय बिगाड़ने की भी कोशिश की. इसी तालमेल ने उन्हें इस सीरीज़ में श्रीलंका के सबसे भरोसेमंद बैटर्स में से एक बना दिया.
दिनुशा को पहला बड़ा मौका गाॅल टेस्ट में मिला. श्रीलंकाई टीम मुश्किल स्थिति में थी. लेकिन, उन्होंने भारत के स्पिनर्स को हावी नहीं होने दिया. उन्होंने कुलदीप यादव, मानव सुथार और रविंद्र जडेजा के खिलाफ अपने पैरों का बखूबी इस्तेमाल किया. सभी के खिलाफ उन्होंने स्वीप और रिवर्स-स्वीप शॉट से काफी रन बटाेरे. उनका यही अंदाज कोलंबो में भी मानव, जडेजा और डेब्यूटांट सारांश के खिलाफ दिखा.
सोनल ने 5 मैचों के अपने छोटे से करियर में स्पिन के खिलाफ 284 रन बना लिए हैं. इस दौैरान उनके 42.95% रन यानी 122 रन सिर्फ स्वीप और रिवर्स स्वीप से आए हैं. वो भी 169.94 के स्ट्राइक रेट से. इस दौरान उन्होंने 4 छक्के भी लगाए हैं. लेकिन, कमाल की बात ये है कभी ये शाॅट खेलते आउट भी नहीं हुए हैं. इस सीरीज में भी अब तक दिनुशा 100 से ज़्यादा रन स्वीप और रिवर्स स्वीप से बना चुके हैं.
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