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इंडिया के टॉप प्लेयर्स ही बाहर, एशियाड की टेनिस टीम सेलेक्शन पर रोहन बोपन्ना क्यों भड़के?

एशियन गेम्स के लिए टेनिस फेडरेशन ने 12 खिलाड़ियों को चुना था. हालांकि खेल मंत्रालय ने फाइनल लिस्ट में केवल 7 खिलाड़ियों को चुना है.

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रोहन बोपन्ना ने एशियन गेम्स की सलेक्शन पॉलिसी पर सवाल उठाया है. (Photo-Reauters)

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  • एशियन गेम्स 2026 के लिए टेनिस टीम की फाइनल सूची में खेल मंत्रालय की नई टॉप-8 एशिया पॉलिसी के तहत केवल सात खिलाड़ियों को ही चुना गया है, जबकि 12 खिलाड़ियों को नामित किया गया था।
  • टॉप-8 एशिया पॉलिसी लागू होने के कारण सहजा यमलापल्ली, वैष्णवी अडकर, मानस धामने, प्रार्थना थोम्बारे और वैदेही चौधरी सहित कई खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया गया है।
  • रोहन बोपन्ना ने चयन प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि खिलाड़ियों का चयन प्रदर्शन पर आधारित होना चाहिए न कि रैंकिंग पर, और उन्होंने खिलाड़ियों को मौका देने की अपील की है।

एशियन गेम्स 2026 शुरू होने में कुछ ही समय बचा है, लेकिन टेनिस में सेलेक्शन पॉलिसी को लेकर विवाद शुरू हो गया है. दिग्गज भारतीय टेनिस खिलाड़ी और पूर्व वर्ल्ड नंबर वन रोहन बोपन्ना ने एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम पर ऐतराज जताया है. उन्होंने एक लंबा पोस्ट लिखकर टीम से बाहर हुए खिलाड़ियों के लिए आवाज उठाई. उनका कहना है कि जिन खिलाड़ियों को बाहर किया गया है, उन्हें मौका मिलना चाहिए. उन खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करके टीम में जगह बनाई थी.

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खेल मंत्रालय की नई पॉलिसी

बता दें कि टेनिस फेडरेशन ने एशियन गेम्स के लिए 12 खिलाड़ियों का चयन किया था. हालांकि, फाइनल लिस्ट में केवल 7 लोगों को ही चुना गया. इसकी वजह टॉप-8 एशिया पॉलिसी को बताया गया. इस पॉलिसी के मुताबिक, केवल उन खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में भेजा जाएगा, जो एशियाई रैंकिंग में टॉप-8 में हैं. जिन खिलाड़ियों को बाहर किया गया, उनमें सहजा यमलापल्ली, वैष्णवी अडकर, मानस धामने, प्रार्थना थोम्बारे और वैदेही चौधरी हैं. सहजा महिला सिंगल्स में भारत की नंबर-वन खिलाड़ी हैं.

रोहन बोपन्ना ने जताई नाराजगी

रोहन बोपन्ना को इसी नई पॉलिसी से ऐतराज है. उनको लगता है कि खिलाड़ियों के भविष्य का फैसला टेनिस कोर्ट पर होना चाहिए, बोर्डरूम में नहीं. उन्होंने LinkedIn पर पोस्ट लिखकर इसका विरोध किया. उन्होंने लिखा,

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मैं एक प्राउड इंडियन हूं और आज उन टेनिस खिलाड़ियों के लिए आवाज उठा रहा हूं, जो बेहतर डिजर्व करते हैं. उन्होंने दया नहीं मांगी. उन्होंने मौका मांगा. धामने, अडकर, यामलपल्ली, वैदेही और थोम्बारे. पांच खिलाड़ी, जिसमें भारत के नंबर वन और नंबर 2 भी शामिल हैं. उन्होंने यह रैंकिंग बहुत मुश्किल से हासिल की है. कोई शॉर्टकट नहीं, कोई एहसान नहीं. उन्होंने इंटरनेशनल स्तर पर प्रदर्शन किया और क्वालिफाई किया.

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बोपन्ना ने आगे लिखा कि अब एक ऐसी कमेटी बनाई गई, जो इन खिलाड़ियों की किस्मत का फैसला कर रही है. एक मैच भी नहीं हुआ और वह पहले से ही यह तय करके बैठी है कि कुछ नहीं होगा. बोपन्ना ने अपील की है कि खिलाड़ियों को कोर्ट पर जाने दिया जाए. उनकी सालों की मेहनत का फल मिले. खेल को उनकी किस्मत का फैसला लेने दिया जाए न कि स्प्रेडशीट को. बोपन्ना ने कहा, 

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 इन एथलीट्स को बताया जा रहा है कि वे मेडल जीतने के दावेदार नहीं हैं. यह मैसेज सिर्फ पांच खिलाड़ियों के लिए नहीं है, बल्कि उनके माता-पिता, उनके कोच और उनके स्पॉन्सर्स के लिए भी है. उन्हें कहा जा रहा है कि आपको अपने खिलाड़ी पर जो भरोसा है, उसकी कोई अहमियत नहीं है.

एशियन गेम्स के लिए भारत की फाइनल लिस्ट

पुरुष सिंगल्स

सुमित नागल
दक्षिणेश्वर सुरेश

पुरुष डबल्स

युकी भांबरी
एन. श्रीराम बालाजी
अनिरुद्ध चंद्रशेखर

महिलाएं

अंकिता रैना
रुतुजा भोसले

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